8 नवंबर 2026
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नक्सलवाद पर PM मोदी का श्रेय लेना गलत, सभी सरकारों का योगदान: कांग्रेस नेता उदित राज

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नक्सलवाद पर PM मोदी का श्रेय लेना गलत, सभी सरकारों का योगदान: कांग्रेस नेता उदित राज

सारांश

कांग्रेस नेता उदित राज ने एक ही दिन में चार मोर्चे खोले — नक्सलवाद, बाबरी, दिल्ली शासन और सोनिया गांधी का बचाव। उनका मुख्य तर्क: मोदी सरकार सामूहिक संघर्षों का एकल श्रेय ले रही है, जो राजनीतिक अवसरवाद है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता उदित राज ने 8 नवंबर 2026 को कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ PM मोदी की उपलब्धि नहीं, बल्कि अनेक सरकारों के प्रयासों का नतीजा है।
उन्होंने बस्तर में दीपावली पर मोदी के बयान को 'अवसरवादी' करार दिया।
सोनिया गांधी के बाबरी विध्वंस बयान का बचाव करते हुए उदित राज ने कहा — देश के 25 करोड़ मुसलमानों को अलग-थलग करके तरक्की संभव नहीं।
दिल्ली में BJP के वर्चस्व को उन्होंने 'क्वाड्रपल-इंजन सरकार' कहकर निशाने पर लिया — नगर निगम, विधानसभा, LG और केंद्र सभी BJP के हाथ में।
उदित राज ने एक्स पर दीपावली पोस्ट में सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का आह्वान किया।

कांग्रेस नेता और प्रवक्ता उदित राज ने 8 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में नक्सलवाद, बाबरी विध्वंस, सोनिया गांधी के बयान और दिल्ली की सत्ता-स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ़ कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह दशकों से चली आ रही बहु-सरकारी कोशिश का नतीजा है।

नक्सलवाद पर मोदी के बयान पर पलटवार

बस्तर में नक्सलवाद के संदर्भ में प्रधानमंत्री के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उदित राज ने कहा, 'क्या पहले वहाँ दीपावली नहीं मनाई जाती थी? प्रधानमंत्री किसी भी मौके को अपने फायदे के लिए भुनाने का कोई अवसर नहीं छोड़ते।' उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी 'हमेशा जनता को बेवकूफ बनाने के लिए बयान देते हैं।'

उदित राज ने ज़ोर देकर कहा, 'नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई एक लंबे समय से चली आ रही कोशिश थी, जिसमें एक के बाद एक सरकारें शामिल थीं — यह सिर्फ पीएम मोदी की उपलब्धि नहीं है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ में नक्सल-विरोधी अभियानों को अपनी बड़ी सफलता के रूप में प्रचारित कर रही है।

बाबरी विध्वंस और सोनिया गांधी के बयान पर टिप्पणी

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बाबरी विध्वंस संबंधी हालिया बयान का बचाव करते हुए उदित राज ने कहा, 'सोनिया गांधी के बयान के बहुत व्यापक मायने हैं — इसका संबंध देश की एकता और अखंडता से है।' उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या कोई देश अपने लगभग 25 करोड़ मुसलमानों को अलग-थलग करके तरक्की कर सकता है?'

उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद का विध्वंस 'हमारे सामाजिक सद्भाव पर एक बड़ा प्रहार था' और जो भी देशभक्त है और देश की एकता की चिंता करता है, उसे इस घटना से पीड़ा होगी। गौरतलब है कि बाबरी विध्वंस की 34वीं वर्षगाँठ नज़दीक आते ही यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है।

दिल्ली सरकार पर 'चार इंजन' वाला तंज

दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बढ़ते राजनीतिक प्रभुत्व पर तंज कसते हुए उदित राज ने कहा, 'यह डबल-इंजन या ट्रिपल-इंजन नहीं, बल्कि क्वाड्रपल-इंजन — यानी चार इंजन वाली सरकार है।' उनके अनुसार नगर निगम, विधानसभा, उपराज्यपाल (LG) और केंद्र सरकार — सभी एक ही राजनीतिक दल के नियंत्रण में हैं।

उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि इतने संसाधनों और सत्ता के बावजूद 'हालात बिगड़ते जा रहे हैं' और सरकार 'बार-बार झूठ बोलकर' चल रही है। यह एक ऐसी प्रवृत्ति है जिसे आलोचकों ने पहले भी उठाया है — केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर जवाबदेही का अभाव।

एक्स पर दीपावली की शुभकामनाएँ भी दीं

इससे पहले उदित राज ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएँ दी थीं। उन्होंने लिखा, 'सभी देशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ। प्रकाश का यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। आइए, इस दीपावली पर नफ़रत के अंधकार को मिटाकर प्रेम, भाईचारे, समानता और सद्भाव के दीप जलाएँ।'

इस संदेश को उनके राजनीतिक बयानों के साथ जोड़कर देखा जाए तो यह स्पष्ट है कि कांग्रेस सामाजिक सद्भाव के मुद्दे को आगामी चुनावी चक्र में केंद्रीय विमर्श के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर जब छत्तीसगढ़ में नक्सल-विरोधी अभियानों पर केंद्र सरकार का आक्रामक जनसंपर्क चल रहा है। बाबरी और दिल्ली शासन को एक ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोड़ना यह दर्शाता है कि पार्टी अल्पसंख्यक मुद्दों और शहरी प्रशासन — दोनों पर एक साथ मोर्चा खोलने की कोशिश में है। हालाँकि, 'सभी सरकारों का योगदान' वाला तर्क दोधारी तलवार है — इससे UPA सरकारों के कार्यकाल में नक्सल हिंसा के आँकड़ों पर सवाल भी उठते हैं। आलोचकों का कहना है कि बिना ठोस नीतिगत विकल्प के ये बयान केवल प्रतिक्रियात्मक राजनीति बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदित राज ने नक्सलवाद पर PM मोदी के बयान की आलोचना क्यों की?
उदित राज का कहना है कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई दशकों पुरानी बहु-सरकारी प्रक्रिया का परिणाम है, इसलिए इसका श्रेय अकेले PM मोदी को देना तथ्यात्मक रूप से गलत है। उन्होंने बस्तर में दीपावली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ पहले भी जीवन सामान्य था।
सोनिया गांधी के बाबरी विध्वंस बयान पर उदित राज ने क्या कहा?
उदित राज ने सोनिया गांधी के बयान का पूरा समर्थन किया और कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस 'सामाजिक सद्भाव पर बड़ा प्रहार' था। उन्होंने तर्क दिया कि देश के 25 करोड़ मुसलमानों को अलग-थलग करके राष्ट्रीय प्रगति संभव नहीं।
उदित राज ने दिल्ली सरकार को 'क्वाड्रपल-इंजन' क्यों कहा?
उन्होंने कहा कि दिल्ली में नगर निगम, विधानसभा, उपराज्यपाल (LG) और केंद्र सरकार — चारों BJP के नियंत्रण में हैं। इसीलिए उन्होंने इसे 'डबल-इंजन' से आगे 'क्वाड्रपल-इंजन सरकार' कहकर व्यंग्य किया।
उदित राज ने एक्स पर दीपावली को लेकर क्या लिखा?
उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए सभी देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं और नफ़रत के अंधकार को मिटाकर 'प्रेम, भाईचारे, समानता और सद्भाव के दीप जलाने' का आह्वान किया।
नक्सलवाद विरोधी लड़ाई में पिछली सरकारों की क्या भूमिका रही है?
कांग्रेस के अनुसार नक्सलवाद के खिलाफ अभियान यूपीए सरकार सहित कई केंद्र और राज्य सरकारों के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। उदित राज का तर्क है कि इस दीर्घकालिक संघर्ष का एकल राजनीतिक श्रेय लेना इतिहास का सरलीकरण है।
राष्ट्र प्रेस
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