8 नवंबर 2026
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PM मोदी ने बस्तर में जवानों संग मनाई दीपावली, बोले — 'नक्सलवाद अब इतिहास, विकास ही आगे का रास्ता'

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PM मोदी ने बस्तर में जवानों संग मनाई दीपावली, बोले — 'नक्सलवाद अब इतिहास, विकास ही आगे का रास्ता'

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी का बस्तर दौरा महज एक त्योहारी परंपरा नहीं था — यह नक्सलवाद के अंत की घोषणा थी। जवानों के साथ मिठाइयाँ बाँटते हुए उन्होंने विकसित और आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया। यह संदेश उन इलाकों से आया जो कभी देश के सबसे संवेदनशील माने जाते थे।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2026 को बस्तर, छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाई।
मोदी ने कहा — ' नक्सलवाद अब बीते समय की बात बन चुका है; आगे बढ़ने का रास्ता विकास है।' उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बस्तर में दीपावली का पूरा श्रेय सुरक्षा बलों को दिया।
मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, शौचालय निर्माण और टीकाकरण अभियान को पूरे किए गए वादों के उदाहरण के रूप में गिनाया।
उन्होंने गरीबी उन्मूलन, नशामुक्त भारत, विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य हासिल करने का भरोसा जताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली का पर्व मनाया और एलान किया कि नक्सलवाद अब बीते समय की बात बन चुका है। उन्होंने कहा कि बस्तर में दीपावली मनाने का पूरा श्रेय देश के सुरक्षा बलों को जाता है। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र और राज्य सरकार माओवादी प्रभाव वाले इलाकों में सुरक्षा अभियानों में उल्लेखनीय सफलता का दावा कर रही हैं।

बस्तर में दीपावली का जश्न

प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों के साथ मिठाइयाँ साझा कीं और इस अवसर को विशेष बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा: 'बस्तर में दीपावली और इसका पूरा श्रेय हमारे सुरक्षा बलों को जाता है। नक्सलवाद अब बीते समय की बात बन चुका है। अब आगे बढ़ने का रास्ता विकास है। आज का दिन खास भी था और हमेशा याद रहने वाला भी।'

बस्तर क्षेत्र दशकों से माओवादी हिंसा से प्रभावित रहा है और इस इलाके में प्रधानमंत्री का यह दौरा प्रतीकात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुरक्षा बलों को संबोधन — नींव और नई उड़ान

जवानों से बातचीत में मोदी ने कहा कि हाल की सफलताओं को अंत नहीं, बल्कि बड़े राष्ट्रीय लक्ष्यों की ओर बढ़ने की मजबूत नींव के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद और गरीबी के खिलाफ मिली सफलता एक नई उड़ान का आधार है, जिसके सहारे भारत उन सपनों को पूरा कर सकता है जिन्हें देश की कई पीढ़ियाँ सदियों से देखती आई हैं।

उन्होंने शहीद स्वतंत्रता सेनानियों, सीमाओं पर प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों और नक्सलवाद व आतंकवाद से लड़ते हुए जान गँवाने वाले जवानों को इन सपनों का वाहक बताया।

विकसित भारत का आह्वान

मोदी ने कहा, 'इसलिए आज जब हम गरीबी खत्म करने, नशामुक्त भारत बनाने, विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की बात कर रहे हैं, तो भरोसा रखिए कि देश इन लक्ष्यों को भी जरूर हासिल करेगा।' उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाने, हर घर में शौचालय निर्माण और टीकाकरण अभियान के विस्तार को सफलता के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी प्रधानमंत्री ने बस्तर में सुरक्षा बलों के बीच त्योहार मनाया हो, परंतु हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय बलों द्वारा चलाए गए अभियानों के बाद इस दौरे को नक्सल-मुक्त भारत की घोषणा की दिशा में एक सांकेतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

आगे का रास्ता — विकास और पुनर्निर्माण

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब देश के लिए जीने और उसे नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का समय आ गया है। बस्तर जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों को गति देना इस नीति का अगला चरण होगा। केंद्र सरकार के अनुसार, इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली और स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे में निवेश बढ़ाया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी वास्तविकता अभी भी जटिल है — छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में माओवादी गतिविधियाँ पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं और विस्थापित आदिवासी परिवारों के पुनर्वास का सवाल अनुत्तरित है। प्रधानमंत्री का यह दौरा सुरक्षा सफलताओं को रेखांकित करता है, परंतु 'विकास ही रास्ता है' का नारा तब तक अधूरा रहेगा जब तक बस्तर के वंचित आदिवासी समुदायों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका की पहुँच सुनिश्चित नहीं होती। दीपावली की रोशनी और सरकारी दावों के बीच की इस खाई को पाटना ही असली परीक्षा है।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने बस्तर में दीपावली क्यों मनाई?
प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर 2026 को बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाई, यह दर्शाने के लिए कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में उल्लेखनीय सफलता मिली है। यह दौरा जवानों के मनोबल को बढ़ाने और 'नक्सल-मुक्त भारत' के संदेश को रेखांकित करने के उद्देश्य से था।
मोदी ने नक्सलवाद पर क्या कहा?
मोदी ने बस्तर में एलान किया कि नक्सलवाद अब बीते समय की बात बन चुका है और आगे बढ़ने का रास्ता विकास है। उन्होंने यह बात एक्स पर पोस्ट करने के साथ-साथ जवानों को सीधे संबोधित करते हुए भी कही।
बस्तर में नक्सलवाद की स्थिति क्या है?
बस्तर क्षेत्र दशकों से माओवादी हिंसा से प्रभावित रहा है। हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों के अभियानों में सरकार के अनुसार उल्लेखनीय सफलता मिली है, हालाँकि स्वतंत्र विश्लेषक कुछ इलाकों में माओवादी उपस्थिति को पूरी तरह समाप्त मानने से असहमत हैं।
मोदी ने विकसित भारत के बारे में क्या कहा?
मोदी ने जवानों से कहा कि नक्सलवाद और गरीबी से मिली सफलता एक नई उड़ान का आधार है। उन्होंने गरीबी उन्मूलन, नशामुक्त भारत, विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य हासिल होने का भरोसा जताया, साथ ही अनुच्छेद 370 हटाने और शौचालय अभियान को पूर्ण वादों के उदाहरण के रूप में पेश किया।
बस्तर में सुरक्षा बलों की भूमिका क्या रही है?
केंद्रीय और छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा बलों ने बस्तर में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ लंबे अभियान चलाए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में जवानों ने अपने प्राण गँवाए हैं। मोदी ने इन जवानों को 'भारत के सपनों के वाहक' बताते हुए उनके बलिदान को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्र प्रेस
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