17 जुलाई 2026
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महाराजा हरि सिंह विवाद: एनसी नेता तारिक भट ने मांगी माफी, कहा — जम्मू की भावनाओं का सम्मान करता हूं

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महाराजा हरि सिंह विवाद: एनसी नेता तारिक भट ने मांगी माफी, कहा — जम्मू की भावनाओं का सम्मान करता हूं

सारांश

नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता तारिक भट ने महाराजा हरि सिंह पर विवादित टिप्पणी के बाद माफी मांगी। युवा राजपूत सभा और रियासी जिला बार एसोसिएशन के विरोध और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बाद भट ने कहा — जनता की आवाज़ उनकी अपनी राय से बड़ी है।

मुख्य बातें

नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता तारिक भट ने 17 जुलाई को महाराजा हरि सिंह पर की गई कथित विवादित टिप्पणी के लिए सार्वजनिक माफी मांगी।
विवादित बयान 12 जुलाई को जम्मू के महाराजा हरि सिंह पार्क में आयोजित एनसी की स्टेटहुड रैली के दौरान मीडिया से बातचीत में दिया गया था।
युवा राजपूत सभा और रियासी जिला बार एसोसिएशन ने विरोध प्रदर्शन किया और सार्वजनिक माफी न मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
भट ने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत बयान था और इसका नेशनल कॉन्फ्रेंस की आधिकारिक स्थिति से कोई संबंध नहीं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नेता तारिक भट ने महाराजा हरि सिंह पर की गई कथित विवादित टिप्पणी को लेकर 17 जुलाई को सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपना बयान वापस ले लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत बयान था और इसका नेशनल कॉन्फ्रेंस की आधिकारिक स्थिति से कोई संबंध नहीं है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

12 जुलाई को नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू के महाराजा हरि सिंह पार्क में जम्मू-कश्मीर को पुनः राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) दिलाने की मांग को लेकर एक बड़ी जनसभा आयोजित की थी। इसी कार्यक्रम के दौरान मीडिया ने तारिक भट से जम्मू-कश्मीर के इतिहास से संबंधित सवाल पूछे। उनके जवाबों को व्यापक रूप से महाराजा हरि सिंह का अपमान माना गया, जिसके बाद जम्मू संभाग में तीखी प्रतिक्रिया उभरी।

तारिक भट का पक्ष

भट ने कहा, '12 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम में मीडिया के सवालों के जवाब में मैंने जो बातें कहीं, वे उन किताबों पर आधारित थीं जो मैंने पढ़ी थीं। लेकिन मेरे कुछ भाइयों को मेरी बातें पसंद नहीं आईं।' उन्होंने आगे कहा, 'यदि पूरे जम्मू क्षेत्र की राय एक है और केवल मेरी राय अलग है, तो जनता की आवाज़ ज़्यादा महत्वपूर्ण है। इसलिए जम्मू के लोगों की भावनाओं का पूरा सम्मान करते हुए मैं उस अवसर पर कहे गए अपने शब्द वापस लेता हूं।'

विरोध प्रदर्शन और दबाव

विवाद बढ़ने पर युवा राजपूत सभा और रियासी जिला बार एसोसिएशन ने खुलकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के पुतले फूंके और बयान की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी कि यदि सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक संवेदनशीलता पहले से ही ऊंचाई पर है और स्टेटहुड की मांग को लेकर विभिन्न दलों के बीच तनाव बना हुआ है।

पार्टी से अलग बताया बयान

तारिक भट ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका बयान उनका निजी विचार था और इसे नेशनल कॉन्फ्रेंस की पार्टी लाइन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। गौरतलब है कि महाराजा हरि सिंह जम्मू-कश्मीर के अंतिम शासक थे, जिन्होंने 1947 में भारत के साथ विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। उनसे जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियाँ जम्मू क्षेत्र में विशेष रूप से संवेदनशील हैं।

आगे क्या

माफी के बाद यह देखना होगा कि युवा राजपूत सभा और रियासी जिला बार एसोसिएशन अपनी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी को वापस लेते हैं या नहीं। नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटना जम्मू-कश्मीर की राजनीति में ऐतिहासिक प्रतीकों को लेकर बनी संवेदनशीलता को एक बार फिर रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि स्वतःस्फूर्त पश्चाताप — यह अंतर महत्वपूर्ण है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बयान को 'व्यक्तिगत' करार देकर खुद को अलग कर लिया, लेकिन रैली पार्टी की थी और मंच पार्टी का था। जम्मू-कश्मीर में स्टेटहुड की मांग को लेकर एनसी जम्मू क्षेत्र में अपना आधार मज़बूत करने की कोशिश कर रही है, ऐसे में महाराजा हरि सिंह जैसे संवेदनशील प्रतीक को लेकर यह विवाद पार्टी की रणनीतिक चूक को उजागर करता है। यह घटना बताती है कि जम्मू-कश्मीर की राजनीति में ऐतिहासिक स्मृतियाँ आज भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की ताकत रखती हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारिक भट ने किस बात पर माफी मांगी?
तारिक भट ने 12 जुलाई को जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस की स्टेटहुड रैली के दौरान मीडिया से बातचीत में महाराजा हरि सिंह पर की गई कथित विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वे जम्मू की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए अपने शब्द वापस लेते हैं।
महाराजा हरि सिंह विवाद में किन संगठनों ने विरोध किया?
युवा राजपूत सभा और रियासी जिला बार एसोसिएशन ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के पुतले फूंके और सार्वजनिक माफी न मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
क्या यह बयान नेशनल कॉन्फ्रेंस की आधिकारिक राय थी?
नहीं। तारिक भट ने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत बयान था और इसका नेशनल कॉन्फ्रेंस की आधिकारिक पार्टी लाइन से कोई संबंध नहीं है। पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
12 जुलाई की नेशनल कॉन्फ्रेंस रैली किस मुद्दे पर थी?
12 जुलाई को नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर को पुनः पूर्ण राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) दिलाने की मांग को लेकर जम्मू के महाराजा हरि सिंह पार्क में बड़ी जनसभा आयोजित की थी। इसी दौरान तारिक भट से मीडिया ने इतिहास से जुड़े सवाल पूछे थे।
महाराजा हरि सिंह जम्मू-कश्मीर के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
महाराजा हरि सिंह जम्मू-कश्मीर के अंतिम शासक थे, जिन्होंने 1947 में भारत के साथ विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। जम्मू क्षेत्र में उनसे जुड़ी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्मृतियाँ विशेष रूप से संवेदनशील हैं, इसलिए उन पर की गई कोई भी टिप्पणी तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है।
राष्ट्र प्रेस
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