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गुना कोर्ट का बड़ा फैसला: 54 किलो गांजा तस्करी में राजेश पाल को 10 साल की सजा, NCB भोपाल को मिली जीत

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गुना कोर्ट का बड़ा फैसला: 54 किलो गांजा तस्करी में राजेश पाल को 10 साल की सजा, NCB भोपाल को मिली जीत

सारांश

सात साल बाद न्याय: 2019 में गुना के भोपाल बाईपास पर 54.380 किलो गांजे के साथ पकड़े गए राजेश पाल को गुना की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 10 साल की कठोर सजा सुनाई। आंध्र प्रदेश से दिल्ली जा रही यह खेप NCB भोपाल की सतर्कता से पकड़ी गई थी।

मुख्य बातें

गुना की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 8 अक्टूबर 2026 को आरोपी राजेश पाल को 10 साल के कठोर कारावास और ₹1 लाख जुर्माने की सजा सुनाई।
मामला 17 अगस्त 2019 का है जब NCB भोपाल ने गुना के भोपाल बाईपास चौराहे पर 54.380 किलोग्राम गांजा बरामद किया था।
गांजा 28 पैकेटों में छिपाकर आंध्र प्रदेश से दिल्ली ले जाया जा रहा था।
आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 8(सी), 20(बी)(ii)(सी) और 29 के तहत दोषी करार दिया गया।
जब्त वैगन-आर कार की नीलामी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद की जा चुकी है।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की भोपाल जोनल यूनिट को अंतर-राज्यीय गांजा तस्करी के एक पुराने और जटिल मामले में 8 अक्टूबर 2026 को बड़ी न्यायिक जीत मिली, जब गुना की विशेष एनडीपीएस अदालत ने आरोपी राजेश पाल को 10 साल के कठोर कारावास और ₹1 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। यह मामला 54.380 किलोग्राम गांजे की बरामदगी से जुड़ा है, जो एनडीपीएस अधिनियम 1985 के अंतर्गत व्यावसायिक मात्रा (कमर्शियल क्वांटिटी) में आता है।

मुख्य घटनाक्रम

यह मामला 17 अगस्त 2019 का है, जब NCB भोपाल की टीम को एक गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर टीम ने गुना के भोपाल बाईपास चौराहे पर HR-26-CE-0346 नंबर की एक वैगन-आर कार को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से 54.380 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

जांच में सामने आया कि तस्कर ने गांजे को बेहद चालाकी से छिपाया था। 28 पैकेटों में एडहेसिव टेप से लपेटकर रखा गया यह गांजा कार की डिक्की में एक काले बैग के भीतर तथा ड्राइवर सीट और सामने वाली पैसेंजर सीट के बीच प्लास्टिक पैनल के अंदर छिपाया गया था। NCB की पूछताछ में पता चला कि यह खेप आंध्र प्रदेश से लाई गई थी और इसे दिल्ली पहुँचाया जाना था।

आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

मौके पर गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान राजेश पाल के रूप में हुई, जो आर.सी.पी. कॉलोनी, सूरतगढ़, राजस्थान का निवासी है। लंबी सुनवाई के बाद गुना की विशेष एनडीपीएस अदालत ने उसे एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 8(सी), 20(बी)(ii)(सी) और 29 के तहत दोषी करार दिया। गौरतलब है कि यह मामला सात वर्षों की लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अंजाम तक पहुँचा है।

जब्त संपत्ति का निपटारा

NCB ने बताया कि इस मामले में जब्त की गई वैगन-आर कार की भी विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद नीलामी कर दी गई है। यह कदम एजेंसी की ड्रग-तस्करी में इस्तेमाल होने वाली संपत्तियों के खिलाफ सख्त नीति को दर्शाता है।

NCB का रुख और नागरिकों से अपील

NCB ने इस सजा को ड्रग तस्करी के विरुद्ध अपने जीरो-टॉलरेंस रवैये की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। एजेंसी ने कहा कि यह कार्रवाई 'नशा-मुक्त भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में उसके संकल्प को और सुदृढ़ करती है। यह ऐसे समय में आया है जब अंतर-राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क पर केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी और कड़ी हो रही है।

NCB ने नागरिकों से अपील की है कि नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन या तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी मानस - नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर दी जा सकती है। एजेंसी ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। आने वाले समय में इस तरह के नेटवर्क के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 2019 में पकड़ी गई इस खेप के पीछे के व्यापक आपूर्ति नेटवर्क — आंध्र प्रदेश से दिल्ली तक — पर क्या कार्रवाई हुई। अदालत ने केवल उस व्यक्ति को सजा दी जो कार चला रहा था; आपूर्तिकर्ता और खरीदार अज्ञात हैं। सात वर्षों की न्यायिक प्रक्रिया यह भी बताती है कि एनडीपीएस मामलों में त्वरित सुनवाई अभी भी एक चुनौती है। जब तक ऊपरी कड़ियों तक कार्रवाई नहीं होती, केवल वाहक को सजा देना तस्करी नेटवर्क को बाधित नहीं करती।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजेश पाल को किस मामले में सजा हुई है?
राजेश पाल को 2019 में गुना के भोपाल बाईपास चौराहे पर 54.380 किलोग्राम गांजे की तस्करी के मामले में दोषी ठहराया गया है। गुना की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 8 अक्टूबर 2026 को उसे 10 साल के कठोर कारावास और ₹1 लाख जुर्माने की सजा सुनाई।
NCB भोपाल ने यह गांजा कब और कहाँ से बरामद किया था?
NCB भोपाल की टीम ने 17 अगस्त 2019 को गुना के भोपाल बाईपास चौराहे पर एक वैगन-आर कार को रोककर 54.380 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। यह गांजा 28 पैकेटों में एडहेसिव टेप से लपेटकर कार की डिक्की और प्लास्टिक पैनल में छिपाया गया था।
यह गांजा कहाँ से कहाँ ले जाया जा रहा था?
NCB की पूछताछ में सामने आया कि यह खेप आंध्र प्रदेश से लाई गई थी और इसे दिल्ली पहुँचाने की योजना थी। यह अंतर-राज्यीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा था।
आरोपी पर एनडीपीएस अधिनियम की कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
गुना की विशेष एनडीपीएस अदालत ने राजेश पाल को एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धाराओं 8(सी), 20(बी)(ii)(सी) और 29 के तहत दोषी करार दिया। 54.380 किलोग्राम गांजा एनडीपीएस अधिनियम के तहत व्यावसायिक मात्रा में आता है, जिस पर कठोर दंड का प्रावधान है।
नशे की तस्करी की जानकारी कहाँ दे सकते हैं?
NCB द्वारा संचालित मानस - नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर कोई भी नागरिक नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन या तस्करी की जानकारी दे सकता है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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