गुना कोर्ट का बड़ा फैसला: 54 किलो गांजा तस्करी में राजेश पाल को 10 साल की सजा, NCB भोपाल को मिली जीत
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की भोपाल जोनल यूनिट को अंतर-राज्यीय गांजा तस्करी के एक पुराने और जटिल मामले में 8 अक्टूबर 2026 को बड़ी न्यायिक जीत मिली, जब गुना की विशेष एनडीपीएस अदालत ने आरोपी राजेश पाल को 10 साल के कठोर कारावास और ₹1 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। यह मामला 54.380 किलोग्राम गांजे की बरामदगी से जुड़ा है, जो एनडीपीएस अधिनियम 1985 के अंतर्गत व्यावसायिक मात्रा (कमर्शियल क्वांटिटी) में आता है।
मुख्य घटनाक्रम
यह मामला 17 अगस्त 2019 का है, जब NCB भोपाल की टीम को एक गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर टीम ने गुना के भोपाल बाईपास चौराहे पर HR-26-CE-0346 नंबर की एक वैगन-आर कार को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से 54.380 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
जांच में सामने आया कि तस्कर ने गांजे को बेहद चालाकी से छिपाया था। 28 पैकेटों में एडहेसिव टेप से लपेटकर रखा गया यह गांजा कार की डिक्की में एक काले बैग के भीतर तथा ड्राइवर सीट और सामने वाली पैसेंजर सीट के बीच प्लास्टिक पैनल के अंदर छिपाया गया था। NCB की पूछताछ में पता चला कि यह खेप आंध्र प्रदेश से लाई गई थी और इसे दिल्ली पहुँचाया जाना था।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
मौके पर गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान राजेश पाल के रूप में हुई, जो आर.सी.पी. कॉलोनी, सूरतगढ़, राजस्थान का निवासी है। लंबी सुनवाई के बाद गुना की विशेष एनडीपीएस अदालत ने उसे एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 8(सी), 20(बी)(ii)(सी) और 29 के तहत दोषी करार दिया। गौरतलब है कि यह मामला सात वर्षों की लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अंजाम तक पहुँचा है।
जब्त संपत्ति का निपटारा
NCB ने बताया कि इस मामले में जब्त की गई वैगन-आर कार की भी विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद नीलामी कर दी गई है। यह कदम एजेंसी की ड्रग-तस्करी में इस्तेमाल होने वाली संपत्तियों के खिलाफ सख्त नीति को दर्शाता है।
NCB का रुख और नागरिकों से अपील
NCB ने इस सजा को ड्रग तस्करी के विरुद्ध अपने जीरो-टॉलरेंस रवैये की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। एजेंसी ने कहा कि यह कार्रवाई 'नशा-मुक्त भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में उसके संकल्प को और सुदृढ़ करती है। यह ऐसे समय में आया है जब अंतर-राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क पर केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी और कड़ी हो रही है।
NCB ने नागरिकों से अपील की है कि नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन या तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी मानस - नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर दी जा सकती है। एजेंसी ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। आने वाले समय में इस तरह के नेटवर्क के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहने की उम्मीद है।