13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एनसीबी ने नशा तस्कर राहुल शेडगे को पीआईटीएनडीपीएस के तहत हिरासत में लिया, तलोजा जेल भेजा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एनसीबी ने नशा तस्कर राहुल शेडगे को पीआईटीएनडीपीएस के तहत हिरासत में लिया, तलोजा जेल भेजा

सारांश

एनसीबी ने आदतन नशा तस्कर राहुल शेडगे को पीआईटीएनडीपीएस के तहत निवारक हिरासत में लेकर तलोजा जेल भेजा — 2009 से चार गिरफ्तारियों और रायगढ़ में गुप्त केटामाइन लैब के बाद यह अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई है।

मुख्य बातें

एनसीबी ने 27 मई 2026 को राहुल बालकृष्ण शेडगे को पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम, 1988 के तहत निवारक हिरासत में लिया।
हिरासत आदेश 14 मई 2026 को भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया था।
आरोपी को नवी मुंबई की तलोजा केंद्रीय जेल में रखा गया है।
शेडगे का आपराधिक रिकॉर्ड 2009 से है — डीआरआई और एनसीबी द्वारा कई बार गिरफ्तारी हो चुकी है।
2025 में रायगढ़ में उसकी गुप्त केटामाइन निर्माण प्रयोगशाला का भंडाफोड़ हुआ था।
वह कथित तौर पर उत्पादन को अंतिम चरण से पहले रोककर कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश करता था।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 27 मई 2026 को आदतन नशीले पदार्थों के तस्कर राहुल बालकृष्ण शेडगे को नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम (पीआईटीएनडीपीएस), 1988 के तहत निवारक हिरासत में लिया। हिरासत का आदेश 14 मई 2026 को भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया था और आरोपी को अब नवी मुंबई की तलोजा केंद्रीय जेल में रखा गया है।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, राहुल बालकृष्ण शेडगे का आपराधिक इतिहास 2009 से शुरू होता है, जब डीआरआई मुंबई ने उसे पहली बार गिरफ्तार किया था। उस मामले में अल्प्राजोलम, नॉर्डाज़ेपम, एम्फेटामिन और डायजेपाम जैसे साइकोट्रोपिक पदार्थ बरामद हुए थे। जमानत पर रिहा होने के बाद उसने कथित तौर पर अवैध गतिविधियाँ फिर से शुरू कर दीं।

2012 में एनसीबी मुंबई ने उसे एक अंतर-राज्यीय केटामाइन तस्करी मामले में गिरफ्तार किया। 2018 में डीआरआई मुंबई ने उसे अवैध नशीले पदार्थों के निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के आरोप में फिर से पकड़ा।

गुप्त प्रयोगशाला का भंडाफोड़

2025 में एनसीबी मुंबई ने महाराष्ट्र के रायगढ़ ज़िले में उसकी एक गुप्त रासायनिक प्रयोगशाला का भंडाफोड़ किया। जाँच में सामने आया कि शेडगे वहाँ केटामाइन निर्माण से जुड़े एक मध्यवर्ती रसायन का उत्पादन कर रहा था।

अधिकारियों के अनुसार, वह अंतिम चरण से पहले ही उत्पादन प्रक्रिया को रोककर कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश करता था। यह रणनीति उसकी रसायन विज्ञान की जानकारी और कानून की खामियों का फायदा उठाने की क्षमता को दर्शाती है।

निवारक हिरासत क्यों

बार-बार गिरफ्तारी और मुकदमों के बावजूद शेडगे की आपराधिक गतिविधियाँ जारी रहीं। यह ऐसे समय में आया है जब एनसीबी आदतन अपराधियों पर पारंपरिक गिरफ्तारी के बजाय निवारक हिरासत कानूनों का उपयोग बढ़ा रही है। पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत हिरासत सामान्य जमानत प्रक्रिया से बाहर होती है, जिससे आरोपी का तत्काल रिहाई पाना कठिन हो जाता है।

आगे की कार्रवाई

गौरतलब है कि यह शेडगे के खिलाफ एनसीबी की अब तक की सबसे कड़ी कानूनी कार्रवाई है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी में बार-बार शामिल रहने वाले अपराधियों के विरुद्ध इसी तरह की निवारक हिरासत की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या निवारक हिरासत एक दीर्घकालिक समाधान है या महज़ एक तात्कालिक उपाय।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल बालकृष्ण शेडगे को किस कानून के तहत हिरासत में लिया गया?
शेडगे को नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम (पीआईटीएनडीपीएस), 1988 के तहत निवारक हिरासत में लिया गया। यह आदेश 14 मई 2026 को जारी हुआ और 27 मई 2026 को एनसीबी ने इसे निष्पादित किया।
पीआईटीएनडीपीएस के तहत निवारक हिरासत सामान्य गिरफ्तारी से कैसे अलग है?
पीआईटीएनडीपीएस के तहत हिरासत निवारक प्रकृति की होती है, जो सामान्य जमानत प्रक्रिया से बाहर होती है। इसमें आरोपी का तत्काल रिहाई पाना कठिन होता है, क्योंकि यह आदेश सक्षम सरकारी प्राधिकारी द्वारा जारी किया जाता है, न कि सामान्य आपराधिक प्रक्रिया के तहत।
शेडगे का आपराधिक इतिहास क्या है?
शेडगे का आपराधिक रिकॉर्ड 2009 से है, जब डीआरआई मुंबई ने उसे साइकोट्रोपिक पदार्थों के मामले में पहली बार गिरफ्तार किया था। इसके बाद 2012 में केटामाइन तस्करी, 2018 में अवैध निर्माण और 2025 में रायगढ़ में गुप्त प्रयोगशाला के भंडाफोड़ सहित कई मामले दर्ज हैं।
रायगढ़ में गुप्त प्रयोगशाला में क्या पाया गया था?
2025 में एनसीबी मुंबई ने महाराष्ट्र के रायगढ़ ज़िले में शेडगे की गुप्त रासायनिक प्रयोगशाला का भंडाफोड़ किया, जहाँ वह केटामाइन निर्माण से जुड़े एक मध्यवर्ती रसायन का उत्पादन कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, वह कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उत्पादन प्रक्रिया को अंतिम चरण से पहले ही रोक देता था।
शेडगे को किस जेल में रखा गया है?
शेडगे को नवी मुंबई स्थित तलोजा केंद्रीय जेल में रखा गया है। हिरासत का निष्पादन 27 मई 2026 को एनसीबी ने किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले