एनसीबी ने नशा तस्कर राहुल शेडगे को पीआईटीएनडीपीएस के तहत हिरासत में लिया, तलोजा जेल भेजा
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 27 मई 2026 को आदतन नशीले पदार्थों के तस्कर राहुल बालकृष्ण शेडगे को नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम (पीआईटीएनडीपीएस), 1988 के तहत निवारक हिरासत में लिया। हिरासत का आदेश 14 मई 2026 को भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया था और आरोपी को अब नवी मुंबई की तलोजा केंद्रीय जेल में रखा गया है।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, राहुल बालकृष्ण शेडगे का आपराधिक इतिहास 2009 से शुरू होता है, जब डीआरआई मुंबई ने उसे पहली बार गिरफ्तार किया था। उस मामले में अल्प्राजोलम, नॉर्डाज़ेपम, एम्फेटामिन और डायजेपाम जैसे साइकोट्रोपिक पदार्थ बरामद हुए थे। जमानत पर रिहा होने के बाद उसने कथित तौर पर अवैध गतिविधियाँ फिर से शुरू कर दीं।
2012 में एनसीबी मुंबई ने उसे एक अंतर-राज्यीय केटामाइन तस्करी मामले में गिरफ्तार किया। 2018 में डीआरआई मुंबई ने उसे अवैध नशीले पदार्थों के निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के आरोप में फिर से पकड़ा।
गुप्त प्रयोगशाला का भंडाफोड़
2025 में एनसीबी मुंबई ने महाराष्ट्र के रायगढ़ ज़िले में उसकी एक गुप्त रासायनिक प्रयोगशाला का भंडाफोड़ किया। जाँच में सामने आया कि शेडगे वहाँ केटामाइन निर्माण से जुड़े एक मध्यवर्ती रसायन का उत्पादन कर रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, वह अंतिम चरण से पहले ही उत्पादन प्रक्रिया को रोककर कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश करता था। यह रणनीति उसकी रसायन विज्ञान की जानकारी और कानून की खामियों का फायदा उठाने की क्षमता को दर्शाती है।
निवारक हिरासत क्यों
बार-बार गिरफ्तारी और मुकदमों के बावजूद शेडगे की आपराधिक गतिविधियाँ जारी रहीं। यह ऐसे समय में आया है जब एनसीबी आदतन अपराधियों पर पारंपरिक गिरफ्तारी के बजाय निवारक हिरासत कानूनों का उपयोग बढ़ा रही है। पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत हिरासत सामान्य जमानत प्रक्रिया से बाहर होती है, जिससे आरोपी का तत्काल रिहाई पाना कठिन हो जाता है।
आगे की कार्रवाई
गौरतलब है कि यह शेडगे के खिलाफ एनसीबी की अब तक की सबसे कड़ी कानूनी कार्रवाई है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी में बार-बार शामिल रहने वाले अपराधियों के विरुद्ध इसी तरह की निवारक हिरासत की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।