मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ड्रग पेडलर इकबाल शेख पीआईटी-एनडीपीएस के तहत एक साल के लिए यरवदा जेल भेजा
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 24 मई 2026 को धारावी निवासी ड्रग पेडलर इकबाल मोहम्मद अली शेख (36 वर्ष) को पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक वर्ष के लिए नजरबंद कर यरवदा सेंट्रल जेल, पुणे भेज दिया। महाराष्ट्र गृह विभाग की मंजूरी के बाद की गई यह कार्रवाई 2026 में एंटी-नारकोटिक्स सेल का पीआईटी-एनडीपीएस के तहत सातवाँ ऑपरेशन है।
आरोपी की पृष्ठभूमि और मामले
इकबाल मोहम्मद अली शेख के विरुद्ध धारावी, साकीनाका और वर्ली पुलिस स्टेशनों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत कुल आठ मामले दर्ज हैं। वर्ली यूनिट ने 2025 में एक मामले में कार्रवाई करते हुए चार्जशीट भी दाखिल की थी।
पुलिस के अनुसार, इकबाल को पहले ज़मानत पर रिहा किया गया था, लेकिन रिहाई के बाद वह कथित तौर पर फिर से नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में लिप्त हो गया। इसी आधार पर मुंबई पुलिस ने पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत उसे निरोधक हिरासत में भेजने का प्रस्ताव तैयार किया, जिसे राज्य सरकार ने स्वीकृति दी।
डोंबिवली में संयुक्त कॉम्बिंग ऑपरेशन
इस कार्रवाई से एक दिन पूर्व, 23 मई 2026 को ठाणे जिले के डोंबिवली के खोणी और पलावा इलाकों में बढ़ती ड्रग तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए नवी मुंबई पुलिस और मानपाड़ा पुलिस ने संयुक्त कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। इस अभियान में 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
छापेमारी के दौरान नाइजीरिया के 24 नागरिकों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 14 पुरुष, 6 महिलाएँ और 4 नाबालिग बच्चे शामिल हैं। जाँच में पाया गया कि इनमें से 8 नागरिकों के पास भारत में रहने के लिए आवश्यक वैध दस्तावेज़ नहीं थे, जबकि 9 नागरिकों के विरुद्ध विभिन्न थानों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत पूर्व में मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई।
पीआईटी-एनडीपीएस: कानून की पृष्ठभूमि
Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (PIT-NDPS) Act, 1988 के तहत सरकार किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के एक वर्ष तक निरोधक हिरासत में रख सकती है, यदि उसके नशीले पदार्थों के व्यापार में लिप्त होने के पर्याप्त प्रमाण हों। यह कानून उन मामलों में प्रभावी माना जाता है जहाँ आरोपी ज़मानत पर रिहा होकर पुनः अपराध में संलग्न हो जाते हैं।
आगे की कार्रवाई और संभावित असर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एंटी-नारकोटिक्स सेल मुंबई और आसपास के इलाकों में ड्रग नेटवर्क की जड़ें उखाड़ने के लिए इस तरह के निरोधक उपायों को जारी रखेगी। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। आने वाले हफ्तों में डोंबिवली में हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिकों के दस्तावेज़ीकरण और कानूनी स्थिति की जाँच जारी रहेगी।