9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ड्रग पेडलर इकबाल शेख पीआईटी-एनडीपीएस के तहत एक साल के लिए यरवदा जेल भेजा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ड्रग पेडलर इकबाल शेख पीआईटी-एनडीपीएस के तहत एक साल के लिए यरवदा जेल भेजा

सारांश

मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 24 मई को धारावी के ड्रग पेडलर इकबाल शेख को पीआईटी-एनडीपीएस के तहत यरवदा जेल भेजा — 2026 का सातवाँ ऐसा ऑपरेशन। एक दिन पहले डोंबिवली में 150 पुलिसकर्मियों ने 24 नाइजीरियाई नागरिकों को हिरासत में लिया था।

मुख्य बातें

मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 24 मई 2026 को ड्रग पेडलर इकबाल मोहम्मद अली शेख को पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक वर्ष के लिए यरवदा सेंट्रल जेल भेजा।
इकबाल के विरुद्ध धारावी , साकीनाका और वर्ली में एनडीपीएस के कुल 8 मामले दर्ज हैं; ज़मानत पर रिहाई के बाद वह कथित तौर पर पुनः अपराध में लिप्त हो गया था।
यह 2026 में एंटी-नारकोटिक्स सेल का पीआईटी-एनडीपीएस के तहत सातवाँ ऑपरेशन है।
23 मई 2026 को डोंबिवली के खोणी और पलावा इलाके में 150 से अधिक पुलिसकर्मियों ने संयुक्त कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया।
ऑपरेशन में नाइजीरिया के 24 नागरिक हिरासत में — 14 पुरुष , 6 महिलाएँ , 4 नाबालिग ; 8 के पास वैध दस्तावेज़ नहीं, 9 पर पूर्व एनडीपीएस मामले।

मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 24 मई 2026 को धारावी निवासी ड्रग पेडलर इकबाल मोहम्मद अली शेख (36 वर्ष) को पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक वर्ष के लिए नजरबंद कर यरवदा सेंट्रल जेल, पुणे भेज दिया। महाराष्ट्र गृह विभाग की मंजूरी के बाद की गई यह कार्रवाई 2026 में एंटी-नारकोटिक्स सेल का पीआईटी-एनडीपीएस के तहत सातवाँ ऑपरेशन है।

आरोपी की पृष्ठभूमि और मामले

इकबाल मोहम्मद अली शेख के विरुद्ध धारावी, साकीनाका और वर्ली पुलिस स्टेशनों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत कुल आठ मामले दर्ज हैं। वर्ली यूनिट ने 2025 में एक मामले में कार्रवाई करते हुए चार्जशीट भी दाखिल की थी।

पुलिस के अनुसार, इकबाल को पहले ज़मानत पर रिहा किया गया था, लेकिन रिहाई के बाद वह कथित तौर पर फिर से नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में लिप्त हो गया। इसी आधार पर मुंबई पुलिस ने पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत उसे निरोधक हिरासत में भेजने का प्रस्ताव तैयार किया, जिसे राज्य सरकार ने स्वीकृति दी।

डोंबिवली में संयुक्त कॉम्बिंग ऑपरेशन

इस कार्रवाई से एक दिन पूर्व, 23 मई 2026 को ठाणे जिले के डोंबिवली के खोणी और पलावा इलाकों में बढ़ती ड्रग तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए नवी मुंबई पुलिस और मानपाड़ा पुलिस ने संयुक्त कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। इस अभियान में 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

छापेमारी के दौरान नाइजीरिया के 24 नागरिकों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 14 पुरुष, 6 महिलाएँ और 4 नाबालिग बच्चे शामिल हैं। जाँच में पाया गया कि इनमें से 8 नागरिकों के पास भारत में रहने के लिए आवश्यक वैध दस्तावेज़ नहीं थे, जबकि 9 नागरिकों के विरुद्ध विभिन्न थानों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत पूर्व में मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई।

पीआईटी-एनडीपीएस: कानून की पृष्ठभूमि

Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (PIT-NDPS) Act, 1988 के तहत सरकार किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के एक वर्ष तक निरोधक हिरासत में रख सकती है, यदि उसके नशीले पदार्थों के व्यापार में लिप्त होने के पर्याप्त प्रमाण हों। यह कानून उन मामलों में प्रभावी माना जाता है जहाँ आरोपी ज़मानत पर रिहा होकर पुनः अपराध में संलग्न हो जाते हैं।

आगे की कार्रवाई और संभावित असर

पुलिस सूत्रों के अनुसार, एंटी-नारकोटिक्स सेल मुंबई और आसपास के इलाकों में ड्रग नेटवर्क की जड़ें उखाड़ने के लिए इस तरह के निरोधक उपायों को जारी रखेगी। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। आने वाले हफ्तों में डोंबिवली में हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिकों के दस्तावेज़ीकरण और कानूनी स्थिति की जाँच जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो मानवाधिकार पहलुओं पर पारदर्शी जाँच की माँग करती है। केवल हिरासत की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं — दोषसिद्धि दर और पुनरावृत्ति रोकने के आँकड़े ही असली पैमाना होंगे।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत नजरबंदी क्या होती है?
पीआईटी-एनडीपीएस (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) अधिनियम, 1988 के तहत सरकार किसी ड्रग तस्कर को बिना मुकदमे के अधिकतम एक वर्ष तक निरोधक हिरासत में रख सकती है। यह उन मामलों में लागू होता है जहाँ आरोपी ज़मानत पर रिहा होकर पुनः अपराध में संलग्न हो जाता है।
इकबाल मोहम्मद अली शेख को क्यों हिरासत में लिया गया?
धारावी निवासी इकबाल मोहम्मद अली शेख के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुल 8 मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, ज़मानत पर रिहाई के बाद वह कथित तौर पर फिर से नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त हो गया, जिसके बाद महाराष्ट्र गृह विभाग की मंजूरी से उसे एक वर्ष के लिए यरवदा सेंट्रल जेल भेजा गया।
डोंबिवली में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
23 मई 2026 को नवी मुंबई और मानपाड़ा पुलिस ने डोंबिवली के खोणी और पलावा इलाके में 150 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ संयुक्त कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। इसमें नाइजीरिया के 24 नागरिकों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 8 के पास वैध दस्तावेज़ नहीं थे और 9 पर पूर्व में एनडीपीएस मामले दर्ज पाए गए।
2026 में मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल का यह कौन-सा पीआईटी-एनडीपीएस ऑपरेशन है?
यह 2026 में मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल का पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत सातवाँ ऑपरेशन है, जो दर्शाता है कि सेल ने इस वर्ष निरोधक हिरासत के प्रावधानों का व्यापक उपयोग किया है।
हिरासत में लिए गए नाइजीरियाई नागरिकों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
जाँच के अनुसार 8 नागरिकों के पास वैध दस्तावेज़ नहीं पाए गए, जिनके विरुद्ध आव्रजन कानूनों के तहत कार्रवाई संभावित है। 9 नागरिकों पर पूर्व एनडीपीएस मामले होने के कारण उनकी विस्तृत जाँच जारी है; नाबालिगों और महिलाओं के मामले में संबंधित कानूनी प्रक्रियाएँ अलग से अपनाई जाएँगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले