एनडीआरएफ का 'शिखर' अभियान: सिक्किम के CM तमांग ने माउंट जोंगसोंग के लिए 41 सदस्यीय दल को रवाना किया
सारांश
मुख्य बातें
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने 4 सितंबर 2026 को नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के चौथे पर्वतारोहण अभियान 'शिखर' को हरी झंडी दिखाई। यह अभियान दल 7,462 मीटर ऊंचे माउंट जोंगसोंग को फतह करने के लिए रवाना हुआ, जो चीन और नेपाल की सीमा पर स्थित सिक्किम की एक अत्यंत दुर्गम चोटी है। कुल 41 सदस्यों वाला यह दल 4 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 तक इस चुनौतीपूर्ण अभियान को अंजाम देगा।
अभियान का उद्देश्य और दल
NDRF के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 'यह अभियान टीम के पर्वतारोहण कौशल, ऑपरेशनल तैयारी, शारीरिक और मानसिक सहनशक्ति, साहस, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और टीम भावना की एक चुनौतीपूर्ण परीक्षा होगी।' माउंट जोंगसोंग की विकट भौगोलिक स्थिति और अत्यधिक ऊंचाई इस अभियान को NDRF के अब तक के सबसे कठिन पर्वतारोहण प्रयासों में से एक बनाती है।
मुख्यमंत्री ने NDRF की भूमिका को सराहा
रवानगी समारोह में मुख्यमंत्री तमांग ने 2011 के सिक्किम भूकंप को याद करते हुए कहा कि उस विनाशकारी आपदा के दौरान NDRF ने तत्काल कार्रवाई कर राज्य के लोगों को अमूल्य सहायता पहुंचाई थी। उन्होंने 2023 की ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) आपदा का भी उल्लेख किया, जिसमें NDRF के बचावकर्मी दूरदराज और ऊंचाई वाले इलाकों तक पहुंचकर प्रभावित समुदायों की मदद करने में सफल रहे।
मुख्यमंत्री ने हालिया टनल ऑपरेशन का भी जिक्र किया और NDRF के बचावकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सिक्किम सरकार और NDRF इसी तरह तालमेल और आपसी भरोसे के साथ मिलकर काम करते रहेंगे, ताकि आपदाओं के समय जान-माल का नुकसान कम से कम हो।
समारोह में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस अवसर पर सिक्किम के मुख्य सचिव रवींद्र तेलंग, पुलिस महानिदेशक अक्षय सचदेवा, और NDRF के महानिदेशक पीयूष आनंद उपस्थित थे। इसके अलावा NDRF के उप महानिरीक्षक हरिओम गांधी, सिक्किम के राहत आयुक्त रिंजिंग चेवांग भूटिया, NDRF की दूसरी बटालियन के कमांडेंट मनीष रंजन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
उपकरण प्रदर्शनी और प्रेजेंटेशन
समारोह के दौरान अतिथियों ने एक उपकरण गैलरी का भी दौरा किया, जहाँ NDRF द्वारा पहाड़ी इलाकों में ऑपरेशन के लिए उपयोग किए जाने वाले विशेष उपकरण और संसाधन प्रदर्शित किए गए थे। NDRF की क्षमताओं और आपदा प्रबंधन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करने के लिए एक विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिया गया।
यह अभियान NDRF की परिचालन तैयारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास है, और इसकी सफलता बल की उच्च-ऊंचाई बचाव क्षमताओं को और मजबूत करेगी।