नीट पेपर लीक जांच: कांग्रेस की मांग — सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज करें तहकीकात, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की सचिव अंबा प्रसाद ने 25 मई 2026 को रांची स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मांग की कि नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) यूजी परीक्षा में पेपर लीक और प्रशासनिक विसंगतियों की जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय समिति से कराई जाए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तत्काल नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की भी अपील की।
नीट विवाद की पृष्ठभूमि
अंबा प्रसाद के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर लगातार कई वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा केंद्रों पर संगठित धांधली, परिणामों में भारी विसंगतियाँ और तकनीकी खामियों के आरोप लगते रहे हैं। उनका कहना है कि इन घटनाओं ने देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा की साख को गहरी चोट पहुँचाई है और लाखों मेधावी छात्रों के भविष्य को सीधे प्रभावित किया है।
NTA पर कांग्रेस के आरोप
अंबा प्रसाद ने कहा कि जिस संस्था को पारदर्शी परीक्षाएं आयोजित करने का दायित्व सौंपा गया था, वह आज प्रशासनिक विफलताओं का पर्याय बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय इन गड़बड़ियों पर मूकदर्शक बने रहे और हर बार केवल जांच व कार्रवाई का आश्वासन देकर जवाबदेही से पल्ला झाड़ लिया। आलोचकों का कहना है कि इस रवैये के कारण देश का युवा भारत की परीक्षा प्रणाली पर से विश्वास खोता जा रहा है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने इस मामले में तीन स्पष्ट मांगें रखी हैं। पहली — सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच समिति का गठन। दूसरी — केंद्रीय शिक्षा मंत्री का तत्काल इस्तीफा। तीसरी — NTA की कार्यप्रणाली में आमूल सुधार। अंबा प्रसाद ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाती रहेगी।
आम छात्रों पर असर
नीट यूजी परीक्षा हर साल देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का एकमात्र द्वार है। पेपर लीक की आशंका और परिणामों में विसंगतियाँ उन छात्रों के लिए विशेष रूप से नुकसानदेह हैं जिन्होंने वर्षों की मेहनत इस एकल परीक्षा पर केंद्रित की है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में परीक्षा सुधार और NTA के पुनर्गठन की माँग पहले से ही जोर पकड़ रही है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस के इस हमले के बाद केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और NTA के भविष्य पर निगाहें टिकी हैं। गौरतलब है कि नीट विवाद पहले भी संसद में उठ चुका है और न्यायिक हस्तक्षेप की माँग नई नहीं है। स्वतंत्र जांच समिति के गठन पर सरकार का अगला कदम इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।