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री-नीट यूजी 2026 पर झारखंड मंत्री इरफान अंसारी: '22 लाख छात्रों के भविष्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं'

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री-नीट यूजी 2026 पर झारखंड मंत्री इरफान अंसारी: '22 लाख छात्रों के भविष्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं'

सारांश

री-नीट यूजी 2026 में 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हैं और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी है — छात्रों के भविष्य से जुड़ी किसी भी चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पिछली परीक्षा रद्द होने और छात्र आत्महत्याओं की पृष्ठभूमि में यह बयान विशेष महत्व रखता है।

मुख्य बातें

री-नीट यूजी 2026 परीक्षा में देशभर से 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार से परीक्षा में शून्य लापरवाही सुनिश्चित करने की अपील की।
मंत्री ने पिछली नीट परीक्षा का रद्द होना 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और छात्र आत्महत्याओं पर गहरी चिंता जताई।
परीक्षा केंद्रों पर 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात; सीसीटीवी और बायोमेट्रिक सत्यापन लागू।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने परीक्षा के शांतिपूर्ण आयोजन की उम्मीद जताई, राजनीतिक टिप्पणी से परहेज किया।

री-नीट यूजी 2026 परीक्षा के आयोजन के बीच झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने 21 जून 2026 को छात्रों के भविष्य को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि नीट जैसी परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही पूरी तरह अस्वीकार्य है। इस परीक्षा में देशभर से 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं, जो इसे भारत की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं में से एक बनाता है।

मंत्री की मुख्य चिंताएँ

इरफान अंसारी ने कहा कि नीट परीक्षा केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आशाओं और वर्षों की मेहनत का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं एक चिकित्सक हैं और एमबीबीएस की पढ़ाई की कठिनाई तथा इस डिग्री के महत्व को भलीभाँति समझते हैं।

मंत्री ने कहा कि गरीब परिवार अपनी जीवनभर की बचत खर्च कर अपने बच्चों को कोचिंग के लिए दूसरे राज्यों में भेजते हैं, ताकि उनका बेटा या बेटी डॉक्टर बन सके। ऐसे में परीक्षा प्रणाली में कोई भी चूक सीधे उन परिवारों के सपनों पर चोट करती है।

पिछली परीक्षा रद्द होने का संदर्भ

अंसारी ने पिछली नीट परीक्षा के रद्द होने को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले में किसी भी प्रकार की विफलता को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, भले ही अन्य क्षेत्रों में कभी-कभी चूक हो जाए।

गौरतलब है कि नीट परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितताओं और मानसिक दबाव के चलते कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली। मंत्री ने कहा कि संबंधित एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि सभी छात्र सफल हों और देश के भविष्य को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएँ। चांद ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहती और चाहती है कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण व सुचारू रूप से संपन्न हो।

सुरक्षा और निगरानी के इंतज़ाम

री-नीट यूजी 2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सीसीटीवी निगरानी और आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब पिछले वर्ष की नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के बाद छात्र समुदाय और अभिभावकों में व्यापक आक्रोश देखा गया था। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार प्रशासन परीक्षा की विश्वसनीयता बहाल कर पाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि राज्य सरकारें — जिनमें झारखंड भी शामिल है — परीक्षा केंद्रों की निगरानी और कदाचार रोकने में अपनी भूमिका कितनी मज़बूती से निभा रही हैं। नीट की विश्वसनीयता केवल केंद्रीय एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है। पिछले वर्ष की अनियमितताओं की जड़ें स्थानीय स्तर पर भी थीं। 22 लाख अभ्यर्थियों और 2 लाख सुरक्षाकर्मियों के आँकड़े प्रभावशाली हैं, पर बिना जवाबदेही तंत्र के ये महज़ संख्याएँ हैं — असली परीक्षा परिणाम आने के बाद शुरू होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

री-नीट यूजी 2026 परीक्षा क्या है और इसमें कितने छात्र शामिल हैं?
री-नीट यूजी 2026 वह पुनर्परीक्षा है जो पिछली नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आयोजित की गई है। इसमें देशभर से 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने नीट परीक्षा पर क्या कहा?
इरफान अंसारी ने कहा कि नीट जैसी परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है क्योंकि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के सपनों से जुड़ी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में विफलता बर्दाश्त न की जाए।
री-नीट 2026 में परीक्षा की निष्पक्षता के लिए क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
परीक्षा केंद्रों पर 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही सीसीटीवी निगरानी और आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था भी लागू की गई है।
पिछली नीट परीक्षा क्यों रद्द की गई थी?
पिछली नीट परीक्षा कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की आशंकाओं के चलते रद्द की गई थी, जिसके बाद छात्रों और अभिभावकों में व्यापक आक्रोश देखा गया। इरफान अंसारी ने इसे 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया।
समाजवादी पार्टी का री-नीट 2026 पर क्या रुख है?
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहती और चाहती है कि परीक्षा शांतिपूर्ण व सुचारू रूप से संपन्न हो।
राष्ट्र प्रेस
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