री-नीट यूजी 2026 पर झारखंड मंत्री इरफान अंसारी: '22 लाख छात्रों के भविष्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
री-नीट यूजी 2026 परीक्षा के आयोजन के बीच झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने 21 जून 2026 को छात्रों के भविष्य को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि नीट जैसी परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही पूरी तरह अस्वीकार्य है। इस परीक्षा में देशभर से 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं, जो इसे भारत की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं में से एक बनाता है।
मंत्री की मुख्य चिंताएँ
इरफान अंसारी ने कहा कि नीट परीक्षा केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आशाओं और वर्षों की मेहनत का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं एक चिकित्सक हैं और एमबीबीएस की पढ़ाई की कठिनाई तथा इस डिग्री के महत्व को भलीभाँति समझते हैं।
मंत्री ने कहा कि गरीब परिवार अपनी जीवनभर की बचत खर्च कर अपने बच्चों को कोचिंग के लिए दूसरे राज्यों में भेजते हैं, ताकि उनका बेटा या बेटी डॉक्टर बन सके। ऐसे में परीक्षा प्रणाली में कोई भी चूक सीधे उन परिवारों के सपनों पर चोट करती है।
पिछली परीक्षा रद्द होने का संदर्भ
अंसारी ने पिछली नीट परीक्षा के रद्द होने को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले में किसी भी प्रकार की विफलता को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, भले ही अन्य क्षेत्रों में कभी-कभी चूक हो जाए।
गौरतलब है कि नीट परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितताओं और मानसिक दबाव के चलते कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली। मंत्री ने कहा कि संबंधित एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि सभी छात्र सफल हों और देश के भविष्य को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएँ। चांद ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहती और चाहती है कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण व सुचारू रूप से संपन्न हो।
सुरक्षा और निगरानी के इंतज़ाम
री-नीट यूजी 2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सीसीटीवी निगरानी और आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब पिछले वर्ष की नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के बाद छात्र समुदाय और अभिभावकों में व्यापक आक्रोश देखा गया था। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार प्रशासन परीक्षा की विश्वसनीयता बहाल कर पाएगा।