नेपाल बाढ़: अमित शाह ने बिहार-यूपी के CM से की बात, NDRF हाई अलर्ट पर; ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु लापता
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 अगस्त 2026 को नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के मद्देनज़र बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधी बातचीत की। सीमावर्ती ज़िलों में संभावित असर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, राहत-बचाव दल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
गृह मंत्री की अपील और केंद्र का रुख
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका को 'अत्यंत दुखद' बताया और जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ मजबूती से खड़ी है।' शाह ने यह भी बताया कि बाढ़ से प्रभावित हो सकने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में NDRF को पूरी तरह तैयार रखा गया है।
बिहार और उत्तर प्रदेश की तैयारियाँ
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेपाल में हुई जनहानि पर शोक जताते हुए कहा कि नेपाल में फँसे सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि भोटेकोशी नदी की बाढ़ के संभावित प्रभाव को देखते हुए महराजगंज और कुशीनगर ज़िलों में गंडक एवं नारायणी नदियों के बढ़ते जलस्तर पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने और ज़रूरी तैयारियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु लापता
आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने बताया कि चीन-नेपाल सीमा के निकट तिब्बत के ग्यिरोंग क्षेत्र में आई फ्लैश फ्लड के बाद उनकी ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु लापता हैं। ये सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे थे और दुर्घटना के समय इमिग्रेशन केंद्र पर मौजूद थे।
सद्गुरु ने एक्स पर जानकारी दी कि बाढ़ के कारण इमिग्रेशन कार्यालय और आसपास का बड़ा इलाका जलमग्न हो गया। उन्होंने बताया कि यात्रा के 21 समूहों में से 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं, जबकि 743 लोग अभी भी तिब्बत में और 148 लोग नेपाल में हैं। 77 श्रद्धालुओं का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।
सद्गुरु ने कहा कि वे स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर लापता लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
नेपाल में स्थिति और व्यापक असर
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद कई लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीज़न में नेपाल और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में नदियाँ पहले से ही उफान पर हैं। भारत और नेपाल की एजेंसियाँ राहत एवं बचाव कार्यों में संयुक्त रूप से जुटी हुई हैं।
आगे की स्थिति
केंद्र सरकार सीमावर्ती राज्यों के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति पर पल-पल नज़र रखी जा रही है। NDRF की टीमें संभावित प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती के लिए तैयार हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा के लापता श्रद्धालुओं की तलाश में भारतीय दूतावास भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।