27 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़: अमित शाह ने बिहार-यूपी के CM से की बात, NDRF हाई अलर्ट पर; ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु लापता

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नेपाल बाढ़: अमित शाह ने बिहार-यूपी के CM से की बात, NDRF हाई अलर्ट पर; ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु लापता

सारांश

नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारत की सीमावर्ती तैयारियों को हाई गियर में ला दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार-यूपी के CM से बात की, NDRF अलर्ट पर है — और सद्गुरु की ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु कैलाश यात्रा से लौटते वक्त लापता हो गए।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 26 अगस्त को बिहार CM सम्राट चौधरी और UP CM योगी आदित्यनाथ से नेपाल बाढ़ पर बातचीत की।
NDRF और स्थानीय राहत-बचाव दलों को सीमावर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट पर रखा गया है।
UP के महराजगंज और कुशीनगर में गंडक व नारायणी नदियों के जलस्तर पर विशेष निगरानी।
ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु तिब्बत के ग्यिरोंग में फ्लैश फ्लड के बाद लापता; 495 सुरक्षित लौटे, 743 अभी तिब्बत में।
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से कई मौतों की आशंका, सैकड़ों लापता।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 अगस्त 2026 को नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के मद्देनज़र बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधी बातचीत की। सीमावर्ती ज़िलों में संभावित असर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, राहत-बचाव दल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

गृह मंत्री की अपील और केंद्र का रुख

गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका को 'अत्यंत दुखद' बताया और जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ मजबूती से खड़ी है।' शाह ने यह भी बताया कि बाढ़ से प्रभावित हो सकने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में NDRF को पूरी तरह तैयार रखा गया है।

बिहार और उत्तर प्रदेश की तैयारियाँ

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेपाल में हुई जनहानि पर शोक जताते हुए कहा कि नेपाल में फँसे सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि भोटेकोशी नदी की बाढ़ के संभावित प्रभाव को देखते हुए महराजगंज और कुशीनगर ज़िलों में गंडक एवं नारायणी नदियों के बढ़ते जलस्तर पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने और ज़रूरी तैयारियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु लापता

आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने बताया कि चीन-नेपाल सीमा के निकट तिब्बत के ग्यिरोंग क्षेत्र में आई फ्लैश फ्लड के बाद उनकी ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु लापता हैं। ये सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे थे और दुर्घटना के समय इमिग्रेशन केंद्र पर मौजूद थे।

सद्गुरु ने एक्स पर जानकारी दी कि बाढ़ के कारण इमिग्रेशन कार्यालय और आसपास का बड़ा इलाका जलमग्न हो गया। उन्होंने बताया कि यात्रा के 21 समूहों में से 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं, जबकि 743 लोग अभी भी तिब्बत में और 148 लोग नेपाल में हैं। 77 श्रद्धालुओं का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।

सद्गुरु ने कहा कि वे स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर लापता लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

नेपाल में स्थिति और व्यापक असर

नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद कई लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीज़न में नेपाल और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में नदियाँ पहले से ही उफान पर हैं। भारत और नेपाल की एजेंसियाँ राहत एवं बचाव कार्यों में संयुक्त रूप से जुटी हुई हैं।

आगे की स्थिति

केंद्र सरकार सीमावर्ती राज्यों के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति पर पल-पल नज़र रखी जा रही है। NDRF की टीमें संभावित प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती के लिए तैयार हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा के लापता श्रद्धालुओं की तलाश में भारतीय दूतावास भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हर बार अलर्ट जारी होते हैं, फिर भी बिहार और यूपी के निचले इलाके बार-बार जलमग्न होते हैं। ईशा फाउंडेशन के 77 लापता श्रद्धालुओं का मामला यह भी उठाता है कि कैलाश मानसरोवर जैसी संवेदनशील यात्राओं के लिए आपात प्रोटोकॉल कितने मज़बूत हैं। केंद्र और राज्यों के बीच त्वरित समन्वय सराहनीय है, लेकिन असली जवाबदेही तब तय होगी जब बचाव के नतीजे सामने आएँगे।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती राज्यों बिहार और उत्तर प्रदेश पर पड़ सकता है। UP के महराजगंज और कुशीनगर में गंडक व नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है, जिसके चलते NDRF को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार और यूपी के CM से क्यों बात की?
गृह मंत्री अमित शाह ने नेपाल की बाढ़ से सीमावर्ती क्षेत्रों में संभावित खतरे को देखते हुए बिहार CM सम्राट चौधरी और UP CM योगी आदित्यनाथ से सीधे संपर्क किया। इसका उद्देश्य राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा करना और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रखना था।
ईशा फाउंडेशन के 77 श्रद्धालु कहाँ और कैसे लापता हुए?
ये 77 श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे थे और चीन-नेपाल सीमा के निकट तिब्बत के ग्यिरोंग क्षेत्र में इमिग्रेशन केंद्र पर मौजूद थे, जब वहाँ फ्लैश फ्लड आई। बाढ़ से इमिग्रेशन कार्यालय और आसपास का बड़ा इलाका जलमग्न हो गया और तब से उनका पता नहीं चल पाया है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के कितने लोग अभी भी फँसे हैं?
सद्गुरु जग्गी वासुदेव के अनुसार यात्रा के 21 समूहों में से 495 लोग सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। 743 लोग अभी भी तिब्बत में हैं, 148 नेपाल में हैं, और 77 श्रद्धालु ग्यिरोंग इमिग्रेशन केंद्र पर बाढ़ के बाद से लापता हैं।
नेपाल बाढ़ में भारत सरकार क्या कदम उठा रही है?
भारत सरकार ने NDRF को हाई अलर्ट पर रखा है और सीमावर्ती राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सीधा संपर्क बनाए रखा है। भारतीय दूतावास भी लापता कैलाश यात्रियों की तलाश में सक्रिय है और भारत-नेपाल की एजेंसियाँ संयुक्त रूप से राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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