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नेपाल में सितंबर पर्यटन: बाढ़ के बावजूद विदेशी पर्यटक 12.1% बढ़े, 88,248 पहुंचे

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नेपाल में सितंबर पर्यटन: बाढ़ के बावजूद विदेशी पर्यटक 12.1% बढ़े, 88,248 पहुंचे

सारांश

विनाशकारी बाढ़ के बावजूद नेपाल ने सितंबर में 88,248 विदेशी पर्यटकों का स्वागत किया — 12.1% की बढ़त। 'नेपाल कॉलिंग' अभियान ने धारणा की लड़ाई जीती, लेकिन यूरोप और ओशिनिया से पर्यटकों में गिरावट बताती है कि बाढ़ की छवि पूरी तरह मिटी नहीं है।

मुख्य बातें

नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) के अनुसार सितंबर 2026 में 88,248 विदेशी पर्यटक नेपाल पहुँचे — पिछले वर्ष की तुलना में 12.1% अधिक।
26 अगस्त 2026 की बाढ़ में 1,453 लोगों की मौत और 5,285 लापता (जिनमें 636 विदेशी शामिल) — फिर भी पर्यटन में वृद्धि।
सर्वाधिक पर्यटक भारत से ( 17,425 , +12%), दूसरे स्थान पर चीन ( 11,212 , + 114.1% )।
यूरोप से पर्यटकों में 8.7% , ओशिनिया से 25.9% और अमेरिकी महाद्वीपों से 12.3% की गिरावट।
'नेपाल कॉलिंग' अभियान ने बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों के बाहर नेपाल की सुरक्षा का संदेश देकर बुकिंग रद्दीकरण रोका।
सितंबर–नवंबर नेपाल का प्रमुख पर्यटन सीजन — सालाना कुल पर्यटकों का करीब 40% इसी दौरान आता है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) के आँकड़ों के अनुसार, 26 अगस्त 2026 की विनाशकारी बाढ़ के बावजूद सितंबर 2026 में नेपाल पहुँचने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या 12.1 प्रतिशत बढ़कर 88,248 हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी माह यह संख्या 78,711 थी। यह वृद्धि तब हुई जब नेपाल-चीन सीमा के निकट हिमस्खलन से उत्पन्न बाढ़ ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों को तबाह कर दिया था और पर्यटकों में व्यापक भय का माहौल बन गया था।

आपदा का दायरा और पर्यटकों की धारणा

नेपाल-चीन सीमा के निकट आई इस भीषण बाढ़ में कम से कम 1,453 लोगों की मौत हुई, जबकि 636 विदेशियों सहित 5,285 लोग अब भी लापता हैं। रासुवा ज़िले से निकली टूटे पुलों, बह गई सड़कों और नदियों से निकाले गए शवों की तस्वीरें कहीं दूर तक पहुँचीं।

इन तस्वीरों के कारण देश-विदेश में संभावित पर्यटकों के बीच यह धारणा बन गई कि बाढ़ ने पूरे नेपाल को प्रभावित किया है — जबकि वास्तव में आपदा का केंद्र उत्तरी नेपाल के कुछ विशेष नदी-घाटी क्षेत्रों तक सीमित था।

'नेपाल कॉलिंग' अभियान का असर

जैसे ही होटल बुकिंग रद्द होने लगीं, सरकारी एजेंसियों और निजी पर्यटन क्षेत्र ने मिलकर 'नेपाल कॉलिंग' अभियान शुरू किया। इस अभियान का मुख्य संदेश था कि बाढ़-प्रभावित नदी क्षेत्रों को छोड़कर नेपाल का अधिकांश भाग — पहाड़, ट्रेकिंग रूट, धार्मिक स्थल और शहरी पर्यटन क्षेत्र — पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य है।

गौरतलब है कि सितंबर से नवंबर तक का समय नेपाल में पर्यटन का सबसे प्रमुख सीजन है। इस अवधि में सालभर आने वाले कुल विदेशी पर्यटकों में से करीब 40 प्रतिशत नेपाल पहुँचते हैं। ऐसे में इस सीजन को बाढ़ की आशंका से बचाना नेपाल की पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था।

देशवार पर्यटक आगमन के आँकड़े

NTB के आँकड़ों के अनुसार, सितंबर में सर्वाधिक पर्यटक भारत से आए — कुल 17,425, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। दूसरे स्थान पर चीन रहा, जहाँ से 11,212 पर्यटक पहुँचे और चीनी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय 114.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

अमेरिका 8,299 पर्यटकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, इसके बाद श्रीलंका से 7,108 और ऑस्ट्रेलिया से 4,842 पर्यटक नेपाल पहुँचे।

क्षेत्रवार रुझान: दक्षिण एशिया आगे, यूरोप-ओशिनिया पीछे

क्षेत्र के हिसाब से दक्षिण एशिया से 30,085 पर्यटक नेपाल आए, जो कुल विदेशी पर्यटकों का 34.09 प्रतिशत है। एशिया के अन्य देशों से 19,888 और यूरोप से 15,148 पर्यटक पहुँचे, हालाँकि यूरोपीय पर्यटकों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 8.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

यह ऐसे समय में आया है जब ओशिनिया क्षेत्र से आने वाले पर्यटकों की संख्या में 25.9 प्रतिशत और अमेरिकी महाद्वीपों से आने वाले पर्यटकों में 12.3 प्रतिशत की कमी आई — संभवतः बाढ़ की नकारात्मक मीडिया कवरेज का असर पश्चिमी देशों के पर्यटकों पर अधिक पड़ा।

आगे की राह

अक्टूबर और नवंबर में पर्यटन सीजन के चरम पर पहुँचने की उम्मीद है। यदि 'नेपाल कॉलिंग' अभियान की गति बनी रही और बुनियादी ढाँचे की मरम्मत समय पर हुई, तो नेपाल पर्यटन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि वार्षिक पर्यटक लक्ष्य पर बाढ़ का दीर्घकालिक असर सीमित रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पूरी कहानी नहीं बताता। यूरोप और ओशिनिया से पर्यटकों में क्रमशः 8.7% और 25.9% की गिरावट संकेत देती है कि पश्चिमी मीडिया में बाढ़ की नकारात्मक छवि अभी भी काम कर रही है। चीन से 114.1% की उछाल असाधारण लगती है, लेकिन यह कोविड के बाद की बेस इफेक्ट से भी प्रभावित हो सकती है — इसे वास्तविक पर्यटन पुनरुद्धार कहने से पहले संदर्भ जाँचना ज़रूरी है। असली परीक्षा अक्टूबर-नवंबर के चरम सीजन में होगी, जब ट्रेकिंग और पर्वतारोहण के लिए आने वाले पर्यटक यह तय करेंगे कि 'नेपाल कॉलिंग' का संदेश कितनी दूर तक पहुँचा।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सितंबर 2026 में नेपाल में कितने विदेशी पर्यटक आए?
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार सितंबर 2026 में कुल 88,248 विदेशी पर्यटक नेपाल पहुँचे, जो पिछले वर्ष के 78,711 की तुलना में 12.1 प्रतिशत अधिक है।
नेपाल की बाढ़ ने पर्यटन को कैसे प्रभावित किया?
26 अगस्त 2026 की विनाशकारी बाढ़ के बाद कई पर्यटकों ने बुकिंग रद्द करनी शुरू कर दी थी। हालाँकि सरकार और निजी क्षेत्र ने 'नेपाल कॉलिंग' अभियान चलाकर यह संदेश दिया कि बाढ़-प्रभावित नदी क्षेत्रों के बाहर नेपाल का अधिकांश हिस्सा सुरक्षित है, जिससे अंततः पर्यटन में वृद्धि दर्ज हुई।
नेपाल में सितंबर में सबसे ज़्यादा पर्यटक किस देश से आए?
सितंबर 2026 में सर्वाधिक 17,425 पर्यटक भारत से आए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। दूसरे स्थान पर चीन रहा, जहाँ से 11,212 पर्यटक आए और वृद्धि दर 114.1 प्रतिशत रही।
'नेपाल कॉलिंग' अभियान क्या है?
यह नेपाल सरकार और निजी पर्यटन क्षेत्र द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किया गया संचार अभियान है, जिसे अगस्त 2026 की बाढ़ के बाद पर्यटकों की बुकिंग रद्दीकरण रोकने के लिए लॉन्च किया गया। इसका मुख्य संदेश था कि बाढ़ का असर केवल उत्तरी नेपाल के सीमित नदी-घाटी क्षेत्रों तक था, शेष नेपाल पर्यटन के लिए पूरी तरह तैयार है।
नेपाल में पर्यटन का प्रमुख सीजन कब होता है?
सितंबर से नवंबर तक का समय नेपाल में पर्यटन का सबसे महत्वपूर्ण सीजन है। NTB के अनुसार, सालभर में आने वाले कुल विदेशी पर्यटकों में से लगभग 40 प्रतिशत इसी अवधि में नेपाल पहुँचते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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