9 अगस्त 2026
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नेतन्याहू ने बोर्ड ऑफ पीस का 15-सूत्रीय प्लान खारिज किया, ट्रंप से दोस्ती के बावजूद अडिग

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नेतन्याहू ने बोर्ड ऑफ पीस का 15-सूत्रीय प्लान खारिज किया, ट्रंप से दोस्ती के बावजूद अडिग

सारांश

ट्रंप से दोस्ती के बावजूद नेतन्याहू ने बोर्ड ऑफ पीस का 15-सूत्रीय प्रस्ताव सीधे नकार दिया। हमास के निरस्त्रीकरण से पहले IDF वापसी नहीं — यह इजरायल की अटल शर्त है। गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी राज्य को भी उन्होंने सिरे से खारिज किया।

मुख्य बातें

इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने 9 अगस्त को कैबिनेट बैठक में 'बोर्ड ऑफ पीस' के 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को आधिकारिक रूप से खारिज किया।
नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण — भारी और छोटे, सभी हथियारों के खात्मे — से पहले IDF गाजा से नहीं हटेगी।
हमास ने बोर्ड ऑफ पीस का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है, जबकि इजरायल का कहना है कि हमास इस प्रक्रिया का इस्तेमाल सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कर रहा है।
इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने गाजा में अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती को मंजूरी दी है।
नेतन्याहू ने गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी राज्य की संभावना को भी सिरे से खारिज किया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार, 9 अगस्त को कैबिनेट बैठक की शुरुआत में स्पष्ट शब्दों में 'बोर्ड ऑफ पीस' के 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जो गाजा संघर्ष को समाप्त करने का रोडमैप पेश करता था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्यक्तिगत मित्रता स्वीकार करते हुए भी नेतन्याहू ने कहा कि इस मामले में इजरायल अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा।

नेतन्याहू का स्पष्ट इनकार

द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, नेतन्याहू ने कैबिनेट बैठक में कहा, 'मैं यहां साफ करना चाहता हूं — इजरायल 15-पॉइंट वाले डॉक्यूमेंट को खारिज करता है।' उन्होंने यह भी दोहराया कि जब तक वे सत्ता में हैं, ईरान कभी परमाणु हथियार संपन्न नहीं हो पाएगा।

इजरायली अधिकारियों और मंत्रियों ने पहले ही नेतन्याहू से खुले तौर पर यह ऐलान करने की अपील की थी कि वह प्लान की उन शर्तों को नहीं मानेंगे जिनके तहत इजरायल डिफेंस फोर्सेज़ (IDF) को गाजा से वापस बुलाना अनिवार्य होता।

हथियार खत्म हुए बिना वापसी नहीं

नेतन्याहू ने अपनी शर्त दोटूक शब्दों में रखी: 'आईडीएफ की वापसी तब तक नहीं होगी जब तक हमास के हथियार खत्म नहीं हो जाते — और जब मैं हथियार खत्म करने की बात करता हूं, तो मेरा मतलब भारी हथियार, छोटे हथियार या हर तरह के हथियार हैं। हम ख्याली नहीं, असल निरस्त्रीकरण की बात कर रहे हैं।'

इजरायली पक्ष का तर्क है कि हमास ने इस शांति प्रक्रिया को इजरायल की नई सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए एक ढाल के रूप में इस्तेमाल किया है। इजरायल इस बात से असहमत है कि उसकी सेना की वापसी और निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया एक साथ हो।

बोर्ड ऑफ पीस और हमास का रुख

अमेरिकी नेतृत्व में गठित बोर्ड ऑफ पीस अपने 15-सूत्रीय रोडमैप के साथ गाजा में स्थायी संघर्षविराम की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। उल्लेखनीय है कि हमास ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इसके बावजूद इजरायल ने इसे आधिकारिक रूप से अस्वीकार कर दिया।

हालांकि इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती को हरी झंडी दी है, जिसका उद्देश्य हमास को निरस्त्र करना और क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करना है।

फिलिस्तीनी राज्य पर भी इनकार

नेतन्याहू ने इस अवसर पर यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे 'गाजा या वेस्ट बैंक में कभी भी फिलिस्तीनी राज्य को मंजूरी नहीं देंगे।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय दो-राज्य समाधान के लिए दबाव बना रहा है।

अमेरिका-इजरायल संबंधों पर असर

नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत जारी है — 'उनके पास आइडिया हैं; उनमें से कुछ हमें मंजूर हैं और कुछ नहीं — और हम जानते हैं कि इन चीजों का सामना कैसे करना है।' उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक साझेदारी को सराहनीय बताया।

यह टकराव ऐसे समय में उभरा है जब गाजा में मानवीय संकट गहराता जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। नेतन्याहू के इस रुख से अमेरिका-इजरायल संबंधों में नई जटिलताएं पैदा हो सकती हैं, जिन पर आने वाले दिनों में नज़र रखनी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अमेरिका-इजरायल गठबंधन की सीमाओं को उजागर करता है — ट्रंप प्रशासन के समर्थन से बने प्रस्ताव को उनके 'अच्छे दोस्त' ने सार्वजनिक रूप से नकार दिया, यह असाधारण है। विरोधाभास यह है कि इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल को मंजूरी दी है, लेकिन उस रोडमैप को नहीं जो उस बल की तैनाती का आधार है। फिलिस्तीनी राज्य पर नेतन्याहू का स्पष्ट इनकार दो-राज्य समाधान की किसी भी दीर्घकालिक संभावना को और संकुचित करता है, जिससे गाजा के बाद की व्यवस्था का सवाल और जटिल हो जाता है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोर्ड ऑफ पीस का 15-सूत्रीय प्लान क्या है?
बोर्ड ऑफ पीस अमेरिकी नेतृत्व में गठित एक शांति पहल है जिसने गाजा संघर्ष समाप्त करने के लिए 15-सूत्रीय रोडमैप प्रस्तुत किया है। इस प्रस्ताव को हमास ने स्वीकार कर लिया है, लेकिन इजरायल ने 9 अगस्त को इसे आधिकारिक रूप से खारिज कर दिया।
नेतन्याहू ने इस प्लान को क्यों खारिज किया?
नेतन्याहू का मुख्य आपत्ति बिंदु यह है कि प्रस्ताव में IDF को गाजा से वापस बुलाने की शर्त है, जबकि इजरायल चाहता है कि पहले हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण हो। उनका कहना है कि हमास इस प्रक्रिया का उपयोग इजरायली सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कर रहा है।
क्या इससे अमेरिका-इजरायल संबंधों पर असर पड़ेगा?
नेतन्याहू ने राष्ट्रपति ट्रंप से व्यक्तिगत मित्रता और ईरान के खिलाफ रणनीतिक साझेदारी की सराहना की, लेकिन गाजा प्रस्ताव पर असहमति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत जारी है और दोनों देश मतभेदों को संभालना जानते हैं।
इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल पर क्या रुख अपनाया है?
इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य हमास को निरस्त्र करना और क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करना है। हालांकि, इजरायल ने उस समग्र 15-सूत्रीय प्रस्ताव को अस्वीकार किया है जिसके तहत यह बल तैनात होना था।
नेतन्याहू ने फिलिस्तीनी राज्य पर क्या कहा?
नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि वे गाजा या वेस्ट बैंक में कभी भी फिलिस्तीनी राज्य को मंजूरी नहीं देंगे। यह बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दो-राज्य समाधान के दबाव के बीच आया है।
राष्ट्र प्रेस
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