15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एनएफआर की बड़ी उपलब्धि: तुफानगंज से रुद्रपुर तक पहली बार मक्का रैक, ₹30.21 लाख का राजस्व

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एनएफआर की बड़ी उपलब्धि: तुफानगंज से रुद्रपुर तक पहली बार मक्का रैक, ₹30.21 लाख का राजस्व

सारांश

नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने 27 मई को तुफानगंज से रुद्रपुर सिटी तक पहली बार 1,310.4 टन मक्का भेजकर नया मार्ग खोला। मई 2026 में चार रैक की आवाजाही से कुल ₹1.20 करोड़ से अधिक का राजस्व — और बंगाल से उत्तर भारत तक कृषि रसद का नया अध्याय।

मुख्य बातें

एनएफआर ने 27 मई 2026 को तुफानगंज स्टेशन से रुद्रपुर सिटी तक पहली बार मक्का की रेल लोडिंग की।
इस खेप में कुल 1,310.4 टन मक्का लोड किया गया; माल ढुलाई राजस्व लगभग ₹30.21 लाख ।
मई माह में तुफानगंज और फलाकाटा से तीन अन्य रैक — बठिंडा, खेम करण और खड़गपुर — के लिए रवाना; कुल राजस्व लगभग ₹90.19 लाख ।
अलीपुरद्वार डिवीजन के स्टेशनों से मई 2026 में मक्का लोडिंग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज।
एनएफआर पूर्वोत्तर राज्यों के साथ पश्चिम बंगाल के 7 जिलों और उत्तरी बिहार के 5 जिलों में सेवाएँ देता है।

नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) ने 27 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के तुफानगंज स्टेशन से उत्तराखंड के रुद्रपुर सिटी स्टेशन तक पहली बार मक्का की रेल लोडिंग सफलतापूर्वक पूरी की, जिससे ₹30.21 लाख का माल ढुलाई राजस्व प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि उत्तर-पूर्व भारत और उत्तराखंड के बीच कृषि आपूर्ति शृंखला को रेल मार्ग से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य घटनाक्रम

एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि अलीपुरद्वार डिवीजन के अंतर्गत आने वाले तुफानगंज स्टेशन से कुल 1,310.4 टन मक्का लोड कर रुद्रपुर सिटी रवाना किया गया। यह इस मार्ग पर मक्का की पहली बार हुई रेल आवाजाही है।

शर्मा ने यह भी बताया कि मई 2026 में अलीपुरद्वार डिवीजन के विभिन्न स्टेशनों से मक्का लोडिंग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसने माल ढुलाई की आवाजाही को और मज़बूत किया।

मई माह में अन्य रैक आवाजाही

15 मई को तुफानगंज स्टेशन से उत्तरी रेलवे के बठिंडा के लिए मक्का का एक रैक लोड किया गया। इसके बाद 21 मई को तुफानगंज से खेम करण के लिए एक और रैक रवाना हुआ। 26 मई को फलाकाटा स्टेशन से खड़गपुर के लिए मक्का का एक और रैक भेजा गया।

इन तीनों रैक की आवाजाही से माल ढुलाई के रूप में कुल मिलाकर लगभग ₹90.19 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ, जो एनएफआर के लिए इस महीने कृषि माल ढुलाई की मज़बूत कमाई को दर्शाता है।

कृषि आपूर्ति शृंखला पर असर

एनएफआर के सीपीआरओ शर्मा के अनुसार, माल ढुलाई की इस नई व्यवस्था का सफल क्रियान्वयन कृषि आपूर्ति शृंखलाओं को सुदृढ़ करने और अंतर-राज्यीय व्यापार संपर्क को बेहतर बनाने में रेलवे की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। यह कृषि उत्पादों के परिवहन के लिए रेलवे को एक विश्वसनीय, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम के रूप में स्थापित करने के एनएफआर के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।

गौरतलब है कि मालीगांव, गुवाहाटी में मुख्यालय वाला एनएफआर पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के सात जिलों और उत्तरी बिहार के पाँच जिलों में भी सेवाएँ प्रदान करता है, जिससे यह क्षेत्रीय रसद का एक प्रमुख स्तंभ है।

आगे की राह

शर्मा ने स्पष्ट किया कि एनएफआर माल ढुलाई कार्यों का विस्तार करने और किसानों, व्यापारियों तथा व्यावसायिक समुदायों के लिए कुशल लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसी पहलों से वस्तुओं की रेल परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक विकास और टिकाऊ माल ढुलाई में भी योगदान मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एकल रैक का राजस्व (₹30.21 लाख) अभी प्रतीकात्मक अधिक है; असली परीक्षा यह है कि क्या ये मार्ग नियमित, अनुसूचित सेवाओं में बदल पाते हैं। पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के बीच कृषि माल ढुलाई की अपार संभावनाओं को देखते हुए, एनएफआर की यह पहल सही दिशा में है — लेकिन किसानों को वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब लोडिंग अवसंरचना और टर्नअराउंड समय में भी सुधार हो।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनएफआर ने तुफानगंज से रुद्रपुर तक मक्का की पहली लोडिंग कब की?
27 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के तुफानगंज स्टेशन से उत्तराखंड के रुद्रपुर सिटी स्टेशन तक पहली बार मक्का की रेल लोडिंग की गई। इस खेप में 1,310.4 टन मक्का था और इससे ₹30.21 लाख का माल ढुलाई राजस्व प्राप्त हुआ।
मई 2026 में एनएफआर को मक्का लोडिंग से कुल कितना राजस्व मिला?
मई 2026 में अलीपुरद्वार डिवीजन के स्टेशनों से चार रैक की आवाजाही हुई। तीन रैक (बठिंडा, खेम करण और खड़गपुर) से कुल ₹90.19 लाख और तुफानगंज–रुद्रपुर रैक से ₹30.21 लाख — कुल मिलाकर लगभग ₹1.20 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे किन क्षेत्रों में सेवाएँ देता है?
एनएफआर का मुख्यालय गुवाहाटी के पास मालीगांव में है। यह पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के सात जिलों और उत्तरी बिहार के पाँच जिलों में भी रेल सेवाएँ प्रदान करता है।
मई 2026 में तुफानगंज और फलाकाटा से मक्का के रैक कहाँ-कहाँ भेजे गए?
15 मई को तुफानगंज से बठिंडा, 21 मई को तुफानगंज से खेम करण, 26 मई को फलाकाटा से खड़गपुर और 27 मई को तुफानगंज से रुद्रपुर सिटी — कुल चार रैक मई माह में रवाना किए गए।
कृषि माल ढुलाई के लिए रेलवे को क्यों प्राथमिकता दी जा रही है?
एनएफआर के अनुसार, रेलवे कृषि उत्पादों के परिवहन के लिए विश्वसनीय, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है। इससे अंतर-राज्यीय व्यापार संपर्क मज़बूत होता है और किसानों व व्यापारियों को कुशल लॉजिस्टिक्स समाधान मिलता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले