एनएचबी ने रक्षा और सरकारी कर्मियों के लिए 'गृह सुगम पोर्टल' की शुरुआत की
सारांश
Key Takeaways
- गृह सुगम पोर्टल का उद्देश्य रक्षा और सरकारी कर्मियों को आवास ऋण में सहायता करना है।
- इस पोर्टल पर आवेदन के लिए बैंक जाने की आवश्यकता नहीं है।
- यह पोर्टल वित्तीय समावेशन की प्रक्रिया को तेज करेगा।
- आवेदन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक है।
- यह पहल देश में किफायती आवास के स्वामित्व को बढ़ावा देगी।
नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत सरकार द्वारा किफायती आवास वित्त को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित प्रमुख संस्था नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) ने ‘गृह सुगम पोर्टल’ का उद्घाटन किया है। यह अनूठा पोर्टल खासतौर पर रक्षा और सरकारी कर्मियों के लिए विकसित किया गया है, ताकि वे अपनी वर्तमान पोस्टिंग स्थान से ही सरल, त्वरित और सुविधाजनक तरीके से गृह ऋण प्राप्त कर सकें।
यह पोर्टल डिजिटल माध्यम से ऋण प्राप्त करने को बढ़ावा देने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन की प्रक्रिया को भी तेज करेगा। यह आवास ऋणों की बेहतर और आसान उपलब्धता सुनिश्चित कर आम नागरिकों के लिए घर के सपने को साकार करने का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, यह पहल किफायती एवं स्थायी आवास वित्त को प्रोत्साहित करते हुए इस दिशा में चल रहे मिशन को और प्रभावी बनाएगी।
पोर्टल की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं कि रक्षा कर्मी, अर्धसैनिक बलों के सदस्य और अन्य सरकारी कर्मचारी अपनी प्रशासनिक इकाइयों के माध्यम से डिजिटल रूप से आवास ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऋण की स्वीकृति और प्रोसेसिंग के लिए किसी बैंक या वित्तीय संस्थान में जाने की आवश्यकता नहीं है।
साथ ही, इस पोर्टल में एक एकीकृत डिजिटल मार्केटप्लेस भी शामिल है, जो बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और सबसे उपयुक्त प्रस्ताव को खोजने में मदद करता है। एनएचबी और ऋण देने वाली संस्थाओं के बीच निर्बाध डिजिटल एकीकरण से परिचालन की सुगमता सुनिश्चित होगी, ऋण प्रसंस्करण की दक्षता में वृद्धि होगी, शिकायतों का निवारण होगा, उपभोक्ता संरक्षण होगा, और ऑनलाइन चैट की सुविधा से त्वरित सवालों के जवाब मिल सकेंगे।
यह पोर्टल सरकारी संस्थाओं को इसकी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण की सुविधा प्रदान करता है। साथ ही, रक्षा, अर्धसैनिक और केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारी अपनी संबंधित प्रशासनिक इकाइयों के माध्यम से आसानी से पंजीकरण और आवेदन कर सकते हैं। कर्मचारी बहुत कम जानकारी देकर अपने होम लोन का अनुरोध दर्ज कर सकते हैं, जिसे आगे पंजीकृत ऋणदाता संस्थाओं को भेज दिया जाता है।
इसके बाद, विभिन्न वित्तीय संस्थाएं अपने-अपने सर्वोत्तम प्रस्ताव प्रस्तुत करती हैं, जिनकी तुलना कर आवेदक अपनी सुविधा के अनुसार उपयुक्त विकल्प का चयन कर सकता है। यह प्रक्रिया गृह ऋण प्राप्त करने को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाती है, विशेषकर उन रक्षा और अर्धसैनिक बलों के लिए जो दूर-दराज के क्षेत्रों में तैनात रहते हैं। नतीजतन, यह पहल देश में किफायती आवास के स्वामित्व को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।