नालागढ़ पुलिस स्टेशन IED ब्लास्ट: NIA ने हरमन हैरी और जशन सैनी को किया गिरफ्तार, कुल 8 आरोपी हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में 1 जनवरी 2026 को हुए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) विस्फोट मामले में दो और आरोपियों — हरमन हैरी और जशन सैनी — को गिरफ्तार किया है। एजेंसी द्वारा 25 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। इन दोनों की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में NIA की कुल गिरफ्तारियों की संख्या आठ हो गई है।
विस्फोट की घटना और प्रारंभिक जांच
यह विस्फोट 1 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9 बजकर 40 मिनट पर नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में जांच अधिकारी के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास हुआ था। घटना के तुरंत बाद नालागढ़ पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 02/2026 दर्ज की गई। यह घटना नए साल के पहले ही दिन हुई, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया।
NIA ने कब और कैसे संभाली जांच
NIA ने बाद में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और 8 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की संबंधित धाराओं के तहत मामले को आरसी 27/2026/NIA/DLI के रूप में पुनः दर्ज किया। गौरतलब है कि UAPA के तहत दर्ज होना यह संकेत देता है कि जांचकर्ताओं को संगठित और संभावित आतंकी नेटवर्क की संलिप्तता की आशंका है।
पहले से गिरफ्तार आरोपी
इन दोनों नई गिरफ्तारियों से पहले NIA इस मामले में छह अन्य आरोपियों को हिरासत में ले चुकी थी। इनमें महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा, मनप्रीत सिंह उर्फ मणि, अर्शदीप सिंह कंधोला उर्फ अर्श कंधोला, करणप्रीत सिंह और दिलजोत सिंह सैनी के नाम शामिल हैं। NIA के अनुसार, इन छह आरोपियों को पहले पंजाब पुलिस ने SSOC, SAS नगर (मोहाली) पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 02/2026 तथा गढ़शंकर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 11/2026 के संबंध में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद NIA ने उन्हें नालागढ़ विस्फोट मामले में हिरासत में लिया।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
NIA के अनुसार, एजेंसी अभी आरोपियों की विशिष्ट भूमिकाएँ, साजिशकर्ताओं के बीच परस्पर संबंध, अन्य संदिग्धों की पहचान तथा इस IED हमले के पीछे की आपराधिक साजिश की पूरी सीमा निर्धारित करने के लिए जांच जारी रखे हुए है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं से सटे इलाकों में आतंकी नेटवर्क और ड्रग तस्करी के बीच सांठगांठ को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।
आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद NIA ने संकेत दिया है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश जारी है।