नालागढ़ थाना IED ब्लास्ट: NIA ने हरमन हैरी और जशन सैनी को किया गिरफ्तार, कुल 8 आरोपी हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में 1 जनवरी 2026 की सुबह हुए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट की जाँच में हरमन हैरी और जशन सैनी को गिरफ्तार किया है। इन दो नई गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में NIA द्वारा हिरासत में लिए गए आरोपियों की कुल संख्या 8 हो गई है।
घटनाक्रम: क्या हुआ था नालागढ़ में
1 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 9:40 बजे नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में जाँच अधिकारी के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास एक आईईडी विस्फोट हुआ था। यह धमाका स्पष्ट रूप से पुलिस प्रतिष्ठान को निशाना बनाकर किए जाने की आशंका जताई गई थी। शुरुआती एफआईआर नालागढ़ पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई, जिसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए NIA ने जाँच अपने हाथ में ले ली।
NIA की जाँच और कानूनी कार्रवाई
एजेंसी ने 8 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम [UA(P)A] की संबंधित धाराओं के तहत मामला फिर से दर्ज किया। गौरतलब है कि UA(P)A के तहत मामला दर्ज होना इस मामले को आतंकवाद से जुड़ी साजिश की श्रेणी में रखता है।
जाँच के दौरान हरमन हैरी और जशन सैनी की इस विस्फोट से जुड़ी साजिश में कथित संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद NIA ने दोनों को गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार, इन गिरफ्तारियों का मकसद हमले से जुड़े व्यापक नेटवर्क का पर्दाफाश करना है।
पहले से गिरफ्तार 6 आरोपी
इन दो गिरफ्तारियों से पहले NIA इस मामले में 6 आरोपियों को हिरासत में ले चुकी थी। इनके नाम हैं — महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा, मनप्रीत सिंह उर्फ मणि, अर्शदीप सिंह कंडोला उर्फ अर्श कंडोला, करणप्रीत सिंह और दिलजोत सिंह सैनी। इन सभी को शुरू में पंजाब पुलिस ने एसएसओसी पुलिस स्टेशन, एसएएस नगर, मोहाली और गढ़शंकर पुलिस स्टेशन, पंजाब में दर्ज एफआईआर के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। बाद में NIA ने इन्हें नालागढ़ IED मामले में औपचारिक रूप से हिरासत में लिया।
जाँच का दायरा और आगे की राह
NIA अधिकारियों के अनुसार एजेंसी अब आरोपियों की विशिष्ट भूमिकाएँ, उनके आपसी संबंध और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जाँच का दायरा इस IED विस्फोट से जुड़ी पूरी आपराधिक साजिश का पता लगाने तक विस्तृत है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के कई राज्यों में कथित तौर पर संगठित नेटवर्क द्वारा पुलिस और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। NIA की जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।