14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर सुरक्षित निकला तेल टैंकर 'निसोस केरोस', 3 जून तक विशाखापट्टनम पहुँचेगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर सुरक्षित निकला तेल टैंकर 'निसोस केरोस', 3 जून तक विशाखापट्टनम पहुँचेगा

सारांश

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच HPCL का तेल टैंकर 'निसोस केरोस' होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर सुरक्षित निकल गया है। 2.70 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के साथ यह 3 जून तक विशाखापट्टनम पहुँचेगा। सरकार ने अब तक 3,422 नाविकों और 2,557 नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया है।

मुख्य बातें

मार्शल आइलैंड्स का तेल टैंकर 'निसोस केरोस' सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है।
टैंकर HPCL के लिए 2.70 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर 3 जून 2026 तक विशाखापट्टनम पहुँचेगा।
टैंकर पर 25 विदेशी क्रू सदस्य हैं; कोई भारतीय नाविक नहीं।
सरकार ने खाड़ी क्षेत्र से अब तक 3,422 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान से 2,557 भारतीय नागरिकों को जमीनी मार्ग से सुरक्षित निकाला।
डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम को अब तक 10,841 कॉल और 24,098 से अधिक ईमेल प्राप्त हुए।

पश्चिम एशिया में गहराते तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है। मार्शल आइलैंड्स का तेल टैंकर 'निसोस केरोस' — जो हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के लिए लगभग 2.70 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आ रहा है — सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है। यह टैंकर 3 जून 2026 तक विशाखापट्टनम पहुँचने की उम्मीद है।

टैंकर और क्रू की स्थिति

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार, 29 मई 2026 को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि टैंकर पर 25 विदेशी क्रू सदस्य मौजूद हैं और इसमें कोई भारतीय नाविक नहीं है। मंत्रालय लगातार विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र के हितधारकों के साथ समन्वय करते हुए हालात पर नज़र बनाए हुए है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा

सरकार के अनुसार, फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 96 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या भारतीय क्रू वाले विदेशी जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।

कंट्रोल रूम के सक्रिय होने के बाद से अब तक 10,841 कॉल और 24,098 से अधिक ईमेल प्राप्त हुए हैं। पिछले 96 घंटों में ही 509 कॉल और 1,332 ईमेल नाविकों, उनके परिजनों और समुद्री हितधारकों की ओर से मिले हैं।

भारतीय नागरिकों की वापसी

सरकार अब तक खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से 3,422 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर चुकी है, जिनमें पिछले 96 घंटों में स्वदेश लौटे 47 नाविक भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान से 2,557 भारतीय नागरिकों को जमीनी सीमा मार्गों के ज़रिए सुरक्षित बाहर निकालने में सहायता की है।

बंदरगाहों पर सामान्य संचालन

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत भर में सभी बंदरगाहों का संचालन सामान्य रूप से जारी है और कहीं भी भीड़भाड़ या व्यवधान की सूचना नहीं मिली है। विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर सतत निगरानी रख रहा है और इस क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा तथा कल्याण सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशियाई तनाव के कारण जोखिम में बताया जा रहा है। भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरतों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इसी मार्ग से प्राप्त करता है, इसलिए इस टैंकर का सुरक्षित निकलना ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से भी अहम है। आने वाले दिनों में सरकार की निगरानी और राजनयिक सक्रियता जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की होर्मुज जलडमरूमध्य पर गहरी निर्भरता को भी उजागर करती है — एक ऐसा मार्ग जो वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पाँचवाँ हिस्सा वहन करता है। सरकार की त्वरित निगरानी और राजनयिक सक्रियता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारत के पास पर्याप्त रणनीतिक तेल भंडार और वैकल्पिक आपूर्ति मार्ग हैं जो इस तरह के संकटों में दीर्घकालिक सुरक्षा दे सकें। 2,557 नागरिकों की वापसी में दूतावास की भूमिका उल्लेखनीय है, परंतु खाड़ी में अभी भी बड़ी संख्या में भारतीय कार्यरत हैं जिनकी सुरक्षा पर निरंतर ध्यान ज़रूरी है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेल टैंकर 'निसोस केरोस' क्या है और यह भारत के लिए क्यों अहम है?
'निसोस केरोस' मार्शल आइलैंड्स का एक तेल टैंकर है जो HPCL के लिए लगभग 2.70 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इसका होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकलना भारत की ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
टैंकर विशाखापट्टनम कब पहुँचेगा?
टैंकर 'निसोस केरोस' के 3 जून 2026 तक विशाखापट्टनम पहुँचने की उम्मीद है। यह HPCL के लिए चार्टर्ड किया गया है।
खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की क्या स्थिति है?
सरकार के अनुसार फारस की खाड़ी में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 96 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या भारतीय क्रू वाले विदेशी जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।
भारत सरकार ने खाड़ी संकट में कितने नागरिकों को सुरक्षित निकाला है?
सरकार ने खाड़ी क्षेत्र से 3,422 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है। इसके अलावा तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान से 2,557 भारतीय नागरिकों को जमीनी सीमा मार्गों के ज़रिए सुरक्षित बाहर निकाला है।
डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम क्या भूमिका निभा रहा है?
डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम खाड़ी क्षेत्र की स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। सक्रिय होने के बाद से इसे 10,841 कॉल और 24,098 से अधिक ईमेल नाविकों, उनके परिजनों और समुद्री हितधारकों से प्राप्त हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले