भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने जापानी राजदूत ओनो केइची से मुलाकात की, भारत-जापान रणनीतिक संबंधों पर हुई गहन चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार, 24 अगस्त को नई दिल्ली में भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची से औपचारिक मुलाकात की। इस बैठक में भारत-जापान के बहुआयामी और प्रगाढ़ होते द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने पार्टी स्तर और सरकार स्तर दोनों पर संवाद को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
बैठक में क्या हुआ
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राजदूत ओनो केइची को भाजपा की संगठनात्मक यात्रा, जमीनी स्तर के ढाँचे और कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने पार्टी के विशाल सदस्य और कार्यकर्ता नेटवर्क, विभिन्न मोर्चों एवं विभागों, हाल ही में गठित राष्ट्रीय टीम और चुनावों से इतर निरंतर चलने वाली संगठनात्मक गतिविधियों का विस्तृत विवरण साझा किया।
मोदी-आबे मित्रता और रणनीतिक विरासत
चर्चा के दौरान नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच की गहरी व्यक्तिगत मित्रता को स्मरण किया। उन्होंने रेखांकित किया कि इस मैत्री ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक गहराई और नई गति प्रदान की। नवीन ने इसी वर्ष मई में ताकायुकी कोबायाशी के नेतृत्व में आए लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई अपनी बातचीत का भी उल्लेख किया।
बुनियादी ढाँचे में जापान की भूमिका
नितिन नवीन ने भारत की विकास यात्रा में जापान के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया, जिसमें मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल परियोजना प्रमुख है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बुनियादी ढाँचे, डिजिटलीकरण, विनिर्माण, सामाजिक विकास और आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्रों में आए बदलावों का भी उल्लेख किया।
जापानी राजदूत का पक्ष
राजदूत ओनो केइची ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने के लिए जापान की पहलों का विस्तार से वर्णन किया। दोनों पक्षों ने 2027 में भारत-जापान राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के महत्व और इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की संभावनाओं पर भी विचार किया।
बैठक में कौन था मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी डॉ. विजय चौथाईवाले भी उपस्थित रहे। भाजपा की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह बैठक दोनों देशों के बीच पार्टी-से-पार्टी और सरकार-से-सरकार स्तर पर संवाद को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 2027 की राजनयिक वर्षगाँठ को देखते हुए आने वाले महीनों में इस तरह के संपर्कों के और बढ़ने की संभावना है।