बिहार कैबिनेट की आखिरी बैठक में भावुक हुए नीतीश कुमार के मंत्री
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नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजनीति में मंगलवार का दिन अत्यंत भावुक और ऐतिहासिक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक की। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वह बिहार के विकास के प्रति हमेशा समर्पित रहे हैं और आगे भी राज्य के विकास में पूर्ण सहयोग देंगे। उनका कहना था कि भले ही प्रशासनिक जिम्मेदारी किसी अन्य के हाथ में जाए, लेकिन उनका मार्गदर्शन हमेशा सरकार के साथ रहेगा।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री संजय सिंह ने कहा कि यह दिन केवल एक राजनीतिक परिवर्तन का नहीं, बल्कि एक लंबे दौर के समापन का संकेत है। यह घटना सभी मंत्रियों के लिए एक बेहद भावुक पल था, क्योंकि पिछले लगभग दो दशकों से जिस नेतृत्व में उन्होंने कार्य किया, वह अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
मंत्री रामकृपाल यादव ने भी इस अवसर को भावुक बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने लंबे समय से नीतीश कुमार के साथ काम किया है और यह उनकी राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने सभी को विश्वास दिलाया कि मुख्यमंत्री हमेशा अभिभावक की भूमिका में रहेंगे और बिहार के विकास में अपना योगदान देंगे। शाम को एनडीए की बैठक का भी कार्यक्रम है, जिसमें आगे की राजनीतिक दिशा पर चर्चा होगी।
इसी तरह, मंत्री लेशी सिंह ने भी अपनी भावनाएं साझा कीं और कहा कि यह केवल विदाई का क्षण नहीं है, बल्कि गर्व का भी क्षण है। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करना उनके लिए एक सम्मान की बात है।
लेशी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में कई बड़े बदलाव हुए हैं। विकास, सुशासन और सामाजिक बदलाव को उन्होंने विशेष प्राथमिकता दी है। उनके अनुसार, महिलाओं को सशक्त बनाने से लेकर गाँवों के विकास तक, कई ऐसे कार्य हुए हैं जिन्होंने बिहार की तस्वीर बदल दी है। यह योगदान आने वाली पीढ़ियों द्वारा भी याद रखा जाएगा।
मंत्री जमा खान ने भी कहा कि यह सभी के लिए एक भावुक क्षण है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि वह आगे भी सभी का मार्गदर्शन करेंगे और बिहार के हित में हमेशा खड़े रहेंगे।