23 सितंबर 2026
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: ठेका मजदूरों का प्रदर्शन, छह महीने से बकाया वेतन का आरोप

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: ठेका मजदूरों का प्रदर्शन, छह महीने से बकाया वेतन का आरोप

सारांश

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट साइट पर ठेका मजदूरों का प्रदर्शन — छह महीने का बकाया वेतन न मिलने का आरोप। मजदूरों ने टाटा अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द भुगतान की माँग रखी। यह देश की एक प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजना में श्रमिक अधिकारों की चिंताजनक तस्वीर सामने लाता है।

मुख्य बातें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के ठेका मजदूरों ने 23 सितंबर 2026 को बकाया वेतन के लिए प्रदर्शन किया।
मजदूरों का आरोप है कि उन्हें पिछले करीब छह महीनों से वेतन नहीं दिया गया है।
मजदूर सीधे टाटा (विकासकर्ता कंपनी) के कर्मचारी नहीं, बल्कि ठेकेदारों के माध्यम से कार्यरत हैं।
मजदूरों ने पहले ठेकेदार स्तर पर बातचीत की, समाधान न मिलने पर टाटा अधिकारियों से मुलाकात की।
मजदूरों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य काम रोकना नहीं, बल्कि बकाया भुगतान सुनिश्चित कराना है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के निर्माण कार्यों में लगे ठेका मजदूरों ने 23 सितंबर 2026 (बुधवार) को बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें पिछले करीब छह महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने परियोजना से जुड़ी विकासकर्ता कंपनी टाटा के अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द से जल्द बकाया राशि जारी कराने की माँग रखी।

मजदूरों की स्थिति और आरोप

प्रदर्शन में शामिल मजदूरों के अनुसार, वे एयरपोर्ट परियोजना के शुरुआती चरण से ही विभिन्न कार्यों में जुटे हुए हैं। ये मजदूर सीधे विकासकर्ता कंपनी के कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि अलग-अलग ठेकेदारों के माध्यम से साइट पर तैनात किए गए हैं। मजदूरों का कहना है कि नियमित रूप से काम करने के बावजूद करीब छह माह से उनके खातों में वेतन नहीं आया।

कई मजदूरों के परिवार पूरी तरह उनकी मासिक आय पर निर्भर हैं। लंबे समय तक भुगतान न मिलने से रोज़मर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। मजदूरों ने बताया कि उन्होंने पहले संबंधित ठेकेदारों से बातचीत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला, जिसके बाद वे विकासकर्ता कंपनी के अधिकारियों तक पहुँचे।

टाटा अधिकारियों से मुलाकात

प्रदर्शनकारी मजदूरों ने टाटा के एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्या से अवगत कराया। उन्होंने माँग की कि बकाया वेतन भुगतान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा काम रोकना नहीं, बल्कि अपने श्रम का उचित और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराना है।

गौरतलब है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में से एक है और इसे ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना पर हज़ारों मजदूर काम कर रहे हैं।

ठेकेदारी प्रणाली और श्रमिक अधिकार

यह विवाद ठेकेदारी प्रणाली की उस पुरानी समस्या को उजागर करता है, जिसमें श्रमिक मुख्य कंपनी और ठेकेदार के बीच फँसकर अपनी मजदूरी से वंचित रह जाते हैं। श्रम कानूनों के तहत मुख्य नियोक्ता की जिम्मेदारी होती है कि ठेकेदार के मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब बड़े बुनियादी ढाँचा प्रकल्पों में श्रमिक कल्याण की निगरानी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

मजदूरों के अनुसार, उन्होंने पहले आपसी बातचीत के ज़रिए समाधान की कोशिश की, लेकिन बार-बार आश्वासन के बाद भी बकाया नहीं चुकाया गया, जिससे उन्हें खुले प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।

आम जनता और श्रमिकों पर असर

छह माह का बकाया वेतन न मिलने से इन मजदूरों और उनके परिवारों पर गहरा आर्थिक बोझ पड़ा है। कई परिवार दैनिक ज़रूरतें पूरी करने में असमर्थ हो रहे हैं। मजदूरों का यह प्रदर्शन परियोजना की प्रगति और श्रमिक संरक्षण व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़ा करता है।

क्या होगा आगे

मजदूरों ने संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप कर जल्द समाधान सुनिश्चित कराने की अपील की है। यदि बकाया वेतन शीघ्र जारी नहीं किया गया तो प्रदर्शन के और उग्र होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। श्रम विभाग और प्रशासन की भूमिका इस मामले के निपटारे में निर्णायक साबित होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि कानूनी रूप से मुख्य नियोक्ता की उत्तरदायित्व स्पष्ट है। यह पहली बार नहीं है जब किसी प्रमुख परियोजना स्थल पर ऐसे हालात सामने आए हों — सवाल यह है कि श्रम विभाग और प्रशासन ने छह महीने में सक्रिय हस्तक्षेप क्यों नहीं किया। जब तक स्वतंत्र श्रम ऑडिट और समयबद्ध भुगतान की जवाबदेही तय नहीं होती, ऐसे प्रदर्शन बड़ी परियोजनाओं की नियमित विशेषता बने रहेंगे।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मजदूरों का प्रदर्शन क्यों हुआ?
एयरपोर्ट निर्माण में लगे ठेका मजदूरों ने 23 सितंबर 2026 को बकाया वेतन की माँग को लेकर प्रदर्शन किया। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें पिछले करीब छह महीनों से वेतन नहीं दिया गया है।
क्या ये मजदूर सीधे टाटा के कर्मचारी हैं?
नहीं, मजदूरों के अनुसार वे सीधे विकासकर्ता कंपनी टाटा के कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि विभिन्न ठेकेदारों के माध्यम से परियोजना में तैनात हैं। हालांकि, वे टाटा के लिए ही कार्य कर रहे हैं।
मजदूरों ने बकाया वेतन के लिए क्या कदम उठाए?
मजदूरों ने पहले ठेकेदारों से बातचीत की, लेकिन समाधान नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने एयरपोर्ट परियोजना की विकासकर्ता कंपनी टाटा के अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द भुगतान कराने की माँग रखी।
इस विवाद से मजदूरों पर क्या असर पड़ा है?
छह माह से वेतन न मिलने के कारण मजदूरों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट आ गया है। कई परिवार पूरी तरह इन मजदूरों की मासिक आय पर निर्भर हैं और दैनिक खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
क्या मजदूरों ने काम बंद कर दिया है?
मजदूरों ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य काम रोकना नहीं, बल्कि बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप कर जल्द समाधान की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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