नोएडा प्राधिकरण के 4,800 कर्मियों को मेडिकल इंश्योरेंस की बड़ी सौगात, SBI जनरल से MOU साइन

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नोएडा प्राधिकरण के 4,800 कर्मियों को मेडिकल इंश्योरेंस की बड़ी सौगात, SBI जनरल से MOU साइन

सारांश

नोएडा प्राधिकरण ने 4,800 आउटसोर्स कर्मियों के लिए SBI जनरल इंश्योरेंस के साथ MOU साइन कर मेडिकल बीमा योजना लागू की। 5 लाख तक कैशलेस इलाज, 5 आश्रित कवर, 10,000 रुपए वार्षिक प्रीमियम। ईएसआई से वंचित कर्मियों को पहले दिन से मिलेगा लाभ।

Key Takeaways

  • नोएडा प्राधिकरण ने 4,800 आउटसोर्स कर्मियों के लिए 23 अप्रैल 2026 को मेडिकल इंश्योरेंस योजना लागू की।
  • SBI जनरल इंश्योरेंस कंपनी के साथ MOU साइन, पहले दिन से बीमा लाभ मिलेगा।
  • प्रत्येक कर्मी को 5 आश्रित सदस्यों सहित सालाना 5 लाख रुपए तक का चिकित्सा कवर।
  • वार्षिक 10,000 रुपए प्रीमियम नोएडा प्राधिकरण द्वारा भुगतान किया जाएगा।
  • 21,000 रुपए वेतन सीमा के कारण ईएसआई से वंचित इन कर्मियों को अब स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।
  • 26 अक्टूबर 2024 की 215वीं बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित हुआ था, अब क्रियान्वयन हुआ।

नोएडा, 23 अप्रैल 2026 (राष्ट्र प्रेस)। नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा प्राधिकरण) ने अपने श्रम आपूर्तिकर्ताओं के जरिए कार्यरत लगभग 4,800 कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मेडिकल इंश्योरेंस योजना को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। 23 अप्रैल 2026 को नोएडा प्राधिकरण, श्रम आपूर्तिकर्ता एजेंसियों और SBI जनरल इंश्योरेंस कंपनी के बीच आधिकारिक MOU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। यह योजना उन हजारों कर्मचारियों के लिए राहत की सांस लेकर आई है, जो वर्षों से स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित थे।

योजना की मुख्य विशेषताएं

इस बीमा योजना के अंतर्गत प्रत्येक कर्मी को उसके पांच आश्रित परिजनों सहित कवर किया जाएगा। परिवार को प्रतिवर्ष अधिकतम 5 लाख रुपए तक का चिकित्सा लाभ मिल सकेगा। प्रत्येक कर्मी के लिए 10,000 रुपए वार्षिक प्रीमियम का भुगतान नोएडा प्राधिकरण द्वारा श्रम आपूर्तिकर्ता एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा।

खास बात यह है कि बीमा का लाभ पहले दिन से ही मिलना शुरू हो जाएगा — यानी कोई प्रतीक्षा अवधि नहीं। योजना में गंभीर बीमारियों का उपचार भी शामिल किया गया है, जो इसे अन्य सामान्य बीमा योजनाओं से अलग बनाता है।

कैशलेस इलाज और अस्पताल नेटवर्क

नोएडा और दिल्ली के अधिकांश प्रमुख अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे कर्मचारियों को इलाज के लिए पहले जेब से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। SBI जनरल इंश्योरेंस का व्यापक अस्पताल नेटवर्क इस योजना को और अधिक व्यावहारिक बनाता है।

ईएसआई से वंचित कर्मियों को मिली राहत

यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) विभाग द्वारा निर्धारित 21,000 रुपए मासिक वेतन सीमा से अधिक वेतन पाने के कारण ये सभी कर्मी ईएसआई की सुविधा से पहले ही बाहर हो चुके थे। इस वेतन सीमा की वजह से एक बड़ा वर्ग स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे से बाहर था।

लंबे समय से इन कर्मियों की ओर से मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठती रही थी। 26 अक्टूबर 2024 को आयोजित प्राधिकरण की 215वीं बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को संचालक मंडल ने स्वीकृति दी थी। इसके बाद मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा योजना को औपचारिक मंजूरी दी गई।

व्यापक प्रभाव और सामाजिक सुरक्षा

इस योजना से 4,800 कर्मियों और उनके परिवारों को मिलाकर लगभग 28,000 से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। यह पहल न केवल कर्मचारियों के स्वास्थ्य की रक्षा करेगी, बल्कि उनकी आर्थिक सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। बड़ी बीमारी की स्थिति में परिवार को आर्थिक संकट से बचाने में यह बीमा कवर निर्णायक भूमिका निभाएगा।

यह कदम उस समय आया है जब देशभर में संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों को लेकर बहस तेज हो रही है। नोएडा प्राधिकरण का यह निर्णय अन्य सरकारी संस्थाओं के लिए एक मॉडल बन सकता है।

आगे की राह

अब जबकि MOU पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, योजना का क्रियान्वयन तत्काल प्रभाव से शुरू हो गया है। कर्मचारियों को उनके बीमा कार्ड और अस्पताल नेटवर्क की जानकारी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना का सफल क्रियान्वयन होता है, तो भविष्य में कवरेज राशि बढ़ाने और और अधिक कर्मियों को शामिल करने की संभावना भी बनेगी।

Point of View

लेकिन गहराई से देखें तो यह उस बड़ी खामी को उजागर करता है जिसमें ईएसआई की कठोर वेतन सीमा लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर कर देती है। सवाल यह है कि अगर 2024 में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास हुआ, तो क्रियान्वयन में डेढ़ साल क्यों लगे? यह देरी उस प्रशासनिक जड़ता को दर्शाती है जो कर्मचारी हितों के मामले में अक्सर देखी जाती है। फिर भी, यह मॉडल अन्य विकास प्राधिकरणों और सरकारी संस्थाओं के लिए एक मिसाल बन सकता है — बशर्ते क्रियान्वयन पारदर्शी और जवाबदेह हो।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

नोएडा प्राधिकरण की मेडिकल इंश्योरेंस योजना में कितना बीमा कवर मिलेगा?
इस योजना के तहत प्रत्येक कर्मी और उसके पांच आश्रित परिजनों को सालाना अधिकतम 5 लाख रुपए तक का चिकित्सा कवर मिलेगा। गंभीर बीमारियों का इलाज भी इसमें शामिल है।
नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारियों को ईएसआई की सुविधा क्यों नहीं मिलती थी?
ईएसआई के नियमों के अनुसार 21,000 रुपए मासिक वेतन सीमा से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारी इसके दायरे से बाहर हो जाते हैं। नोएडा प्राधिकरण के आउटसोर्स कर्मी इसी कारण ईएसआई से वंचित थे।
नोएडा प्राधिकरण की बीमा योजना में प्रीमियम कौन भरेगा?
प्रत्येक कर्मी के लिए 10,000 रुपए वार्षिक प्रीमियम का भुगतान नोएडा प्राधिकरण द्वारा श्रम आपूर्तिकर्ता एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा। कर्मचारी को अपनी जेब से कोई प्रीमियम नहीं देना होगा।
SBI जनरल इंश्योरेंस के साथ नोएडा प्राधिकरण का MOU कब साइन हुआ?
23 अप्रैल 2026 को नोएडा प्राधिकरण, श्रम आपूर्तिकर्ता एजेंसियों और SBI जनरल इंश्योरेंस कंपनी के बीच आधिकारिक MOU पर हस्ताक्षर किए गए। इस योजना का लाभ पहले दिन से ही मिलना शुरू हो जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण की मेडिकल योजना में कैशलेस इलाज कहां मिलेगा?
नोएडा और दिल्ली के अधिकांश प्रमुख अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। SBI जनरल इंश्योरेंस के नेटवर्क अस्पतालों में मरीज को पहले भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी।
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