नोएडा में महिलाओं पर कैंची से हमला करने वाला अंकित वर्मा गिरफ्तार, सेक्टर-55 में दो महिलाएं हुई थीं घायल
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-58 थाने की पुलिस टीम ने 23 मई 2026 को उस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जो पिछले कई दिनों से शहर के सुनसान इलाकों में अकेली महिलाओं पर पीछे से कैंची से हमला कर रहा था। आरोपी की पहचान अंकित वर्मा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का निवासी है और नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक निजी कंपनी में एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत था।
मुख्य घटनाक्रम
22 मई 2026 को सेक्टर-55 रोड पर दो महिलाएं इस आरोपी के हमले का शिकार हुईं। अंकित वर्मा ने स्कूटी पर पीछे से आकर अचानक कैंची से उन पर वार किया, जिससे दोनों घायल हो गईं। पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई और थाना सेक्टर-58 में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले कई दिनों से नोएडा के सुनसान इलाकों में अकेली जाने वाली महिलाओं और लड़कियों को निशाना बना रहा था। यह घटना तब और गंभीर हो गई जब एक के बाद एक हमलों की सूचनाएं सामने आईं।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामला दर्ज होते ही सेक्टर-58 पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस — विशेषकर सीसीटीवी फुटेज — और स्थानीय खुफिया जानकारी का सहारा लेकर आरोपी की पहचान की। लगातार छानबीन के बाद अंकित वर्मा को सेक्टर-55/56 रोड से धर दबोचा गया। उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी और कैंची बरामद की गई।
आरोपी की पृष्ठभूमि
अंकित वर्मा गाजियाबाद जिले के खोड़ा इलाके में पिछले 5-6 वर्षों से रह रहा था। वह नोएडा के सेक्टर-62 में एक निजी कंपनी में एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत था। उसका मूल निवास बिहार में बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया, 'आरोपी के बारे में सूचना मिल रही थी कि वह पिछले कई दिनों से सुनसान इलाकों में अकेली जाने वाली महिलाओं और लड़कियों पर पीछे से कैंची से हमला कर रहा था। आरोपी को पकड़ने के लिए थाना सेक्टर-58 की टीम लगातार प्रयास कर रही थी।' उन्होंने यह भी पुष्टि की कि आरोपी के पास से कैंची और स्कूटी बरामद हुई है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार मामले में विधिक प्रक्रिया जारी है और अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। यह घटना शहरी इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब आरोपी एक कार्यरत पेशेवर था और लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था।