क्या ग्रेटर नोएडा में बुजुर्ग महिला से लिफ्ट में स्नैचिंग मामले में कार्रवाई हुई?
सारांश
Key Takeaways
- बुजुर्ग महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
- पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
- सीसीटीवी निगरानी और पुलिस गश्त को बढ़ावा देना चाहिए।
ग्रेटर नोएडा, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती और जवाबदेही तय करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बुजुर्ग महिला से लिफ्ट के अंदर हुई स्नैचिंग की घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए देर रात क्राइम मीटिंग में बिसरख थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी (एसएचओ) और सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) को तुरंत हटा दिया। इस कार्यवाही से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व बिसरख थाना क्षेत्र की एक सोसायटी में बुजुर्ग महिला के साथ लिफ्ट के अंदर स्नैचिंग की वारदात हुई थी। घटना के बाद पीड़िता और स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल था। मामला सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त नाराज़ थीं। इसी को लेकर देर रात आयोजित क्राइम मीटिंग में उन्होंने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
क्राइम मीटिंग के दौरान सीपी लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट किया कि महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि मौके पर प्रभावी पुलिसिंग और त्वरित परिणाम मांगता है। इसी क्रम में बिसरख थाने के एसएचओ मनोज सिंह और एसीपी दीक्षा सिंह को तत्काल उनके पद से हटा दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि सोसायटी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में होने वाले अपराधों पर विशेष नजर रखी जाए। सीसीटीवी निगरानी, बीट पुलिसिंग और रात्रि गश्त को और मजबूत करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, सोसायटी प्रबंधन के साथ समन्वय बढ़ाकर सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में यह संदेश गया है कि जवाबदेही तय होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।