8 जुलाई 2026
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नोएडा श्रमिक हिंसा: आगजनी का वांछित आरोपी नरेश कुमार गिरफ्तार, दर्जनों वाहन जलाए थे

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नोएडा श्रमिक हिंसा: आगजनी का वांछित आरोपी नरेश कुमार गिरफ्तार, दर्जनों वाहन जलाए थे

सारांश

नोएडा के सेक्टर-63 में 13 अप्रैल को श्रमिक आंदोलन के दौरान दर्जनों वाहनों में आग लगाने वाला वांछित आरोपी नरेश कुमार आखिरकार गिरफ्तार हो गया। CCTV फुटेज और तकनीकी निगरानी ने पुलिस की इस कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने श्रमिक आंदोलन हिंसा मामले में वांछित आरोपी नरेश कुमार (आयु लगभग 45 वर्ष ) को गिरफ्तार किया।
13 अप्रैल 2026 को सेक्टर-63, नोएडा में प्रदर्शन के दौरान आरोपी ने साथियों के साथ दर्जनों चार पहिया व दो पहिया वाहनों में आग लगाई और लोहे के पाइपों से तोड़फोड़ की।
आरोपी महावीरा कंपनी, सेक्टर-63 में टेलर के पद पर कार्यरत था और घटना के दिन कर्मचारियों को हड़ताल के लिए उकसाते देखा गया था।
जाँच में सामने आया कि नरेश कुमार पूर्व में हरियाणा के मानेसर में हुए श्रमिक आंदोलनों में भी शामिल रहा है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने मोबाइल नंबर पोर्ट कराया, लेकिन तकनीकी निगरानी और CCTV फुटेज से पुलिस ने उसे ट्रेस कर लिया।
पुलिस आरोपी के अन्य साथियों की तलाश जारी रखे हुए है।

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने 23 मई 2026 को नोएडा के सेक्टर-63 में हुई श्रमिक आंदोलन से जुड़ी आगजनी और हिंसा के मामले में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान नरेश कुमार (पुत्र छोटेलाल, आयु लगभग 45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जैतीखेड़ा, थाना कल्याणपुर, जनपद फतेहपुर का निवासी है और वर्तमान में चोटपुर, थाना सेक्टर-63, गौतमबुद्धनगर में रह रहा था।

मुख्य घटनाक्रम

13 अप्रैल 2026 को गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट क्षेत्र में श्रमिकों और मजदूरों ने विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया था। हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए, जिससे कई इलाकों में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ अराजक तत्वों ने सेक्टर-63 स्थित विपुल मोटर्स के आसपास भारी उत्पात मचाया। आरोपी नरेश कुमार अपने साथियों के साथ वहाँ पहुँचा और सुनियोजित तरीके से खड़े वाहनों में आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि दर्जनों चार पहिया और दो पहिया वाहन धू-धू कर जलने लगे। इसके अतिरिक्त, आरोपियों ने लोहे के पाइपों से कई अन्य वाहनों में तोड़फोड़ भी की।

जाँच और गिरफ्तारी

घटना के बाद थाना सेक्टर-63 में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी जाँच के आधार पर आरोपी की पहचान सुनिश्चित की। जाँच में नरेश कुमार स्पष्ट रूप से आगजनी को अंजाम देता दिखाई दिया।

पुलिस जाँच में यह सामने आया कि नरेश कुमार सेक्टर-63 स्थित महावीरा कंपनी में टेलर के पद पर कार्यरत था। घटना वाले दिन उसे कंपनी परिसर में कर्मचारियों को हड़ताल के लिए उकसाते हुए देखा गया था, इसके बाद वह नारेबाजी करते हुए भीड़ के साथ बाहर निकला और हिंसक प्रदर्शन में शामिल हो गया।

आरोपी की पृष्ठभूमि

जाँच में खुलासा हुआ कि नरेश कुमार इससे पहले हरियाणा के मानेसर क्षेत्र में हुए श्रमिक आंदोलनों में भी सक्रिय रूप से शामिल रह चुका है। पुलिस को उसके मोबाइल फोन से श्रमिक यूनियन से संबंधित कई दस्तावेज और जानकारियाँ भी मिली हैं।

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने घटना के बाद अपना मोबाइल नंबर दूसरे सर्विस प्रदाता में पोर्ट करा लिया था। हालाँकि, पुलिस ने तकनीकी निगरानी के जरिए उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

अधिकारियों का कहना है कि हिंसा और आगजनी में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है। यह मामला श्रमिक आंदोलनों के दौरान होने वाली हिंसा पर कानून-प्रवर्तन की सख्त निगरानी की ओर इशारा करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक पैटर्न हो सकता है। पुलिस की तकनीकी सक्रियता सराहनीय है, लेकिन असली जवाब यह है कि श्रमिकों की शिकायतें किस मंच पर सुनी जाती हैं — क्योंकि जब संवाद के रास्ते बंद होते हैं, तो सड़कें बोलती हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा श्रमिक आंदोलन में गिरफ्तार आरोपी कौन है?
गिरफ्तार आरोपी का नाम नरेश कुमार है, जो सेक्टर-63 स्थित महावीरा कंपनी में टेलर के पद पर कार्यरत था। वह मूल रूप से जनपद फतेहपुर का निवासी है और वर्तमान में गौतमबुद्धनगर के चोटपुर क्षेत्र में रह रहा था।
नोएडा सेक्टर-63 में आगजनी की घटना कब और कैसे हुई?
13 अप्रैल 2026 को गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के बड़े प्रदर्शन के दौरान सेक्टर-63 स्थित विपुल मोटर्स के पास आरोपी और उसके साथियों ने दर्जनों चार पहिया व दो पहिया वाहनों में आग लगाई और लोहे के पाइपों से तोड़फोड़ की।
पुलिस ने आरोपी को कैसे ट्रेस किया?
पुलिस ने CCTV फुटेज, वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी की पहचान की। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल नंबर पोर्ट करा लिया था, लेकिन तकनीकी निगरानी से पुलिस ने उसे ट्रेस कर लिया।
क्या नरेश कुमार पहले भी किसी आंदोलन में शामिल रहा है?
जाँच में सामने आया है कि नरेश कुमार इससे पहले हरियाणा के मानेसर क्षेत्र में हुए श्रमिक आंदोलनों में भी सक्रिय रूप से शामिल रहा है। उसके मोबाइल फोन से श्रमिक यूनियन से संबंधित दस्तावेज और जानकारियाँ भी मिली हैं।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
पुलिस फिलहाल नरेश कुमार से पूछताछ कर रही है और उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हिंसा और आगजनी में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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