नोएडा में श्रमिक प्रदर्शन हिंसा मामला: एसटीएफ ने आदित्य आनंद को गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा के मामले में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने उसे तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा। आरोपी लंबे समय से फरार था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, आदित्य आनंद एक अल्ट्रा लेफ्ट संगठन से जुड़ा हुआ है। नोएडा पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में उसकी गिरफ्तारी की गई। उसके खिलाफ फेज-2 थाने में पहले से ही एफआईआर दर्ज थी और अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्लू) भी जारी किया गया था।
जांच में पता चला है कि आदित्य आनंद ने नोएडा में श्रमिक प्रदर्शन के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई थी। वह प्रदर्शन स्थल के आसपास लगातार मौजूद रहा और श्रमिकों को भड़काने के लिए भड़काऊ भाषण देता रहा।
इतना ही नहीं, उसने तकनीकी माध्यमों का भी सहारा लिया। आरोप है कि उसने क्यूआर कोड के जरिए कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए, जिनमें बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को जोड़ा गया और उन्हें संगठित किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आदित्य आनंद इस मामले का मुख्य मास्टरमाइंड था, जिसने सुनियोजित तरीके से प्रदर्शन को हिंसक बनाने की साजिश रची। नोएडा पुलिस की जांच में उसका नाम सामने आने के बाद से वह फरार था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।
एसटीएफ ने उसकी लोकेशन तमिलनाडु में मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी आदित्य आनंद ने एनआईटी जमशेदपुर से बीटेक की पढ़ाई की है, जिससे यह भी स्पष्ट होता है कि वह तकनीकी रूप से कुशल था और उसने इसी कौशल का इस्तेमाल इस साजिश को अंजाम देने में किया।
फिलहाल, एसटीएफ उससे पूछताछ कर रही है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि जांच में कई अन्य संदिग्धों की भूमिका भी सामने आ रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।