15 अक्टूबर 2026
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नूंह क्राइम ब्रांच मुठभेड़: वांछित गो-तस्कर शाहिद उर्फ आडवाणी ढेर, 2018 से था फरार

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नूंह क्राइम ब्रांच मुठभेड़: वांछित गो-तस्कर शाहिद उर्फ आडवाणी ढेर, 2018 से था फरार

सारांश

नूंह क्राइम ब्रांच ने वह कर दिखाया जो 2018 से अधूरा था — वांछित गो-तस्कर शाहिद उर्फ आडवाणी को गुरुग्राम के सोहना क्षेत्र में घेरा और मुठभेड़ में मार गिराया। लेकिन दो आरोपी अभी भी फरार हैं, और सवाल यह है कि इतने वर्षों तक यह नेटवर्क अभय कैसे चलता रहा।

मुख्य बातें

शाहिद उर्फ आडवाणी , वांछित गो-तस्कर, 15 अक्टूबर 2026 को नूंह क्राइम ब्रांच मुठभेड़ में मारा गया।
मुठभेड़ गुरुवार सुबह लगभग चार बजे , गुरुग्राम जिले के सोहना क्षेत्र में सिलानी गाँव के नजदीक हुई।
घायल आरोपी को सोहना के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हुई।
आरोपी वर्ष 2018 में गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की हिरासत से फरार हुआ था और तब से वांछित था।
मुठभेड़ में दो आरोपी फरार होने में सफल रहे; पुलिस तलाश जारी।
सितंबर 2026 में भी इसी टीम की गो-तस्करों से मुठभेड़ हो चुकी है, जिसमें दो घायल हुए थे।

हरियाणा के नूंह जिले की क्राइम ब्रांच टीम और वांछित गो-तस्कर शाहिद उर्फ आडवाणी के बीच गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 की सुबह लगभग चार बजे गुरुग्राम जिले के सोहना क्षेत्र में सिलानी गाँव के नजदीक मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, शाहिद गो-तस्करी और एटीएम मशीन उखाड़ने सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था और वर्ष 2018 से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

फिरोजपुर झिरका सीएस स्टाफ की टीम वांछित अपराधी शाहिद उर्फ आडवाणी का पीछा करते हुए गुरुग्राम जिले के सोहना क्षेत्र तक पहुँची। सिलानी गाँव के निकट पुलिस दल ने आरोपी को घेर लिया। पुलिस के बयान के अनुसार, इसी दौरान शाहिद ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

जवाबी कार्रवाई में पुलिसकर्मियों ने गोलीबारी की, जिसमें शाहिद उर्फ आडवाणी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल सोहना के सरकारी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतक का शव अभी सोहना की मोर्चरी में रखवाया गया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जा रही हैं।

आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, शाहिद उर्फ आडवाणी नूंह जिले के तावड़ू क्षेत्र के खड़खड़ी गाँव का निवासी था। उस पर गो-तस्करी, एटीएम मशीन उखाड़ने और कई अन्य गंभीर आपराधिक वारदातों में संलिप्तता के आरोप थे। गौरतलब है कि वह वर्ष 2018 में गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की हिरासत से फरार होने में सफल रहा था, जिसके बाद से विभिन्न राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

पुलिस की प्रतिक्रिया और कानून-व्यवस्था

मुठभेड़ की सूचना मिलते ही रोजकामेव थाना प्रभारी सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने बताया कि सिलानी गाँव में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने इस कार्रवाई को अपराधियों के विरुद्ध चल रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है।

पूर्व में भी हो चुकी है मुठभेड़

यह ऐसे समय में आया है जब सितंबर 2026 में भी इसी क्षेत्र में इसी टीम की गो-तस्करों से मुठभेड़ हो चुकी है। उस घटना में सदर थाना नूंह क्षेत्र के घासेड़ा गाँव के नजदीक रात लगभग 3.30 बजे फिरोजपुर झिरका सीएस स्टाफ और गो-तस्करों के बीच क्रॉस-फायरिंग हुई थी, जिसमें दो तस्करों के पैर में गोली लगी थी और उन्हें काबू कर लिया गया था, जबकि दो आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए थे। घायलों को बलिदानी हसन खाँ मेवाती मेडिकल नल्हड़ अस्पताल, नूंह में भर्ती कराया गया था। इस बार की मुठभेड़ में भी मुठभेड़ के दौरान दो आरोपी फरार होने में सफल रहे।

आगे की जाँच

पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी जाँच पूरी होने के बाद सामने आएगी। फरार हुए दोनों आरोपियों की तलाश जारी है। इस पूरे प्रकरण में कानूनी प्रक्रिया के तहत जाँच एजेंसियाँ सक्रिय हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और आपूर्ति-श्रृंखला को तोड़ना — जो इस मामले में अभी अधूरा है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नूंह क्राइम ब्रांच मुठभेड़ में कौन मारा गया?
मुठभेड़ में शाहिद उर्फ आडवाणी मारा गया, जो नूंह जिले के तावड़ू क्षेत्र के खड़खड़ी गाँव का निवासी था। वह गो-तस्करी और एटीएम मशीन उखाड़ने सहित कई आपराधिक मामलों में वांछित था।
यह मुठभेड़ कहाँ और कब हुई?
मुठभेड़ 15 अक्टूबर 2026 को गुरुवार की सुबह लगभग चार बजे , गुरुग्राम जिले के सोहना क्षेत्र में सिलानी गाँव के नजदीक हुई। नूंह क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी का पीछा करते हुए वहाँ पहुँची थी।
शाहिद आडवाणी कितने समय से फरार था और उस पर क्या आरोप थे?
शाहिद उर्फ आडवाणी वर्ष 2018 में गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की हिरासत से फरार हुआ था। उस पर गो-तस्करी, एटीएम मशीन उखाड़ने और कई अन्य आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोप थे। विभिन्न राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
मुठभेड़ में कितने आरोपी फरार हो गए?
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान दो आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। उनकी तलाश अभी जारी है।
नूंह में पहले भी गो-तस्करों से मुठभेड़ हुई है?
हाँ, सितंबर 2026 में भी सदर थाना नूंह क्षेत्र के घासेड़ा गाँव के नजदीक फिरोजपुर झिरका सीएस स्टाफ और गो-तस्करों के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस घटना में दो तस्करों के पैर में गोली लगी थी, दो को काबू किया गया और दो फरार हो गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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