क्या ओबीसी समाज को किसी नेता पर भरोसा नहीं करना चाहिए? प्रकाश आंबेडकर का बयान

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क्या ओबीसी समाज को किसी नेता पर भरोसा नहीं करना चाहिए? प्रकाश आंबेडकर का बयान

सारांश

प्रकाश आंबेडकर ने ओबीसी समाज से आह्वान किया है कि वे अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करें। उन्होंने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सरकार के दावों को भ्रामक बताते हुए ओबीसी की स्थिति को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्य बातें

ओबीसी समाज को अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा।
मराठा आरक्षण पर सरकार के दावे भ्रामक हैं।
ओबीसी और मराठा आरक्षण अलग-अलग होने चाहिए।
प्रकाश आंबेडकर ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

मुंबई, 4 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने महाराष्ट्र में मराठा और ओबीसी आरक्षण विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ओबीसी समाज को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने का आह्वान किया।

प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि ओबीसी समाज को किसी भी नेता पर भरोसा करने के बजाय स्वयं अपनी लड़ाई लड़नी होगी। अगर ओबीसी समाज सक्रिय नहीं होता, तो उनके मौजूदा अधिकार भी छिन सकते हैं।

प्रकाश आंबेडकर ने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए मराठा समाज को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे दावे, जिसमें सभी मराठा समाज को आरक्षण देने की बात कही जा रही है, पूरी तरह से भ्रामक हैं। भाजपा ने यह दिखावा किया है कि उसने इस अनसुलझी समस्या का समाधान कर दिया है। यह फैसला बेवकूफी और गुमराह करने वाला है।

आंबेडकर ने स्पष्ट किया, “मुंबई हाई कोर्ट का फैसला साफ है कि पूरे मराठा समाज को कुणबी मानना गलत और असंभव है। सरकार का हालिया जीआर (शासकीय आदेश) हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने भी मराठा आरक्षण को खारिज किया। भाजपा इस मुद्दे पर झूठ बोलकर जनता को गुमराह कर रही है।”

आंबेडकर ने अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे मराठा समाज को आरक्षण देने के पक्ष में हैं, लेकिन यह ओबीसी कोटे से नहीं होना चाहिए। ओबीसी को अब अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा। विरोध प्रदर्शन, मार्च, बैठकें करनी होंगी और ओबीसी मंत्रियों को कैबिनेट पर दबाव बनाना होगा। वंचित बहुजन आघाडी का मानना है कि मराठा और ओबीसी आरक्षण अलग-अलग होना चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा, “ओबीसी का आरक्षण केवल ओबीसी समाज के लिए है। मराठा समाज को अलग से आरक्षण दिया जाना चाहिए। सरकार की कोशिश दोनों समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की है।”

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि ओबीसी और मराठा आरक्षण के मुद्दे पर प्रकाश आंबेडकर का दृष्टिकोण समाज में जागरूकता बढ़ाने का एक प्रयास है। यह जरूरी है कि समाज अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करे, ताकि असमानता और भेदभाव को समाप्त किया जा सके।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रकाश आंबेडकर का ओबीसी समाज के लिए क्या संदेश है?
प्रकाश आंबेडकर ने ओबीसी समाज को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए खुद लड़ाई लड़ने का आह्वान किया है।
क्या ओबीसी और मराठा आरक्षण अलग होना चाहिए?
आंबेडकर का मानना है कि ओबीसी और मराठा आरक्षण अलग-अलग होना चाहिए।
सरकार के दावों पर आंबेडकर का क्या कहना है?
उन्होंने सरकार के दावों को भ्रामक और गुमराह करने वाला बताया है।
राष्ट्र प्रेस