ओडिशा का बेनियाधुस वाटरफॉल: प्रकृति का अद्भुत खजाना और ट्रैकिंग का अनुभव
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। यदि आप अपनी व्यस्त जिंदगी से थक चुके हैं और एक शांतिपूर्ण स्थान की तलाश में हैं, तो हम आपको एक अद्भुत स्थान की जानकारी देने जा रहे हैं, जो ओडिशा का एक छिपा हुआ खजाना है।
यहां पर प्रकृति का अद्भुत रूप देखने को मिलता है, जो पर्यटकों को एक गहरी शांति का अनुभव कराता है। हम बात कर रहे हैं बेनियाधुस वाटरफॉल की, जहां मनाली जैसे दृश्य देखने को मिलते हैं।
बेनियाधुस वाटरफॉल, ओडिशा के नुआपड़ा जिले में स्थित सुनाबेड़ा वन्यजीव अभयारण्य के भीतर है, जहां आपको प्रकृति, वन्यजीव और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा रूप देखने को मिलेगा। मानसून के मौसम में यहां की सुंदरता अपने चरम पर होती है। यही कारण है कि इस खूबसूरत स्थान पर मानसून के बाद पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होती है। यह ट्रैकिंग और पिकनिक के लिए एक बेहतरीन स्थल है।
सुनाबेड़ा वन्यजीव अभयारण्य के भीतर लगभग 60 किमी की दूरी पर बेनियाधुस और अनिधास झरना स्थित हैं। ये दोनों झरने पृथ्वी की सतह से काफी ऊंचाई पर हैं, और मानसून में इन झरनों का जल स्तर बढ़ने पर बेनियाधुस वाटरफॉल और भी मनमोहक हो जाता है। बहुत कम लोग इस स्थान के बारे में जानते हैं, लेकिन ओडिशा टूरिज्म लगातार ऐसी छिपी हुई जगहों का प्रचार करता रहता है। यहां आने वाले पर्यटक वन्यजीव संरक्षण, ट्रैकिंग और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकते हैं।
बेनियाधुस वाटरफॉल एक विशाल झरना है, और जब यह गिरता है, तो तेज झरझराहट की आवाज सुनाई देती है, जो दिल को सुकून देती है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि सुनाबेड़ा वन्यजीव अभयारण्य बहुत बड़ा क्षेत्र है। इसलिए, अपने साथ खाने-पीने का सामान, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं ले जाना न भूलें। यहां की सुविधाएं सीमित हैं।
हर साल अगस्त से दिसंबर के बीच, हजारों पर्यटक और प्रकृति प्रेमी यहां आते हैं। यहां पहुंचने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है, जो नुआपड़ा, संबलपुर, बरगढ़ और बलांगीर से होकर गुजरता है, और बस और टैक्सी की सुविधा भी मौजूद है। आप अपने वाहन से भी सुनाबेड़ा वन्यजीव अभयारण्य तक पहुंच सकते हैं। यहां 11 से अधिक झरने देखने को मिलते हैं।