12 जुलाई 2026
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ओडिशा में हिरासत में लिए गए बीकेयू नेता, राकेश टिकैत का वादा- हम फिर लौटेंगे!

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ओडिशा में हिरासत में लिए गए बीकेयू नेता, राकेश टिकैत का वादा- हम फिर लौटेंगे!

सारांश

ओडिशा में बीकेयू के नेताओं की गिरफ्तारी पर राकेश टिकैत ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वे किसानों से मिलने के लिए लौटेंगे और उनकी समस्याओं को हल करने की दिशा में काम करेंगे।

मुख्य बातें

राकेश टिकैत और अन्य नेता ओडिशा में हिरासत में लिए गए।
बीकेयू का उद्देश्य किसानों से मिलकर उनकी समस्याओं को समझना था।
टिकैत ने कहा कि वे फिर लौटेंगे और संगठित होकर काम करेंगे।
राज्य प्रशासन की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया गया।
ओडिशा में किसानों को संगठित करने का लक्ष्य।

भुवनेश्वर, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को यह आरोप लगाया कि ओडिशा में अधिकारियों ने उन्हें और अन्य कई किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया, जबकि उनके प्रतिनिधिमंडल के पास पहले से ही अनुमति थी।

टिकैत ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन किसानों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए पुनः लौटेगा।

भुवनेश्वर में राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए टिकैत ने कहा कि बीकेयू प्रतिनिधिमंडल ने किसानों से मिलने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए 30 मार्च और 31 मार्च को दो दिवसीय यात्रा की योजना बनाई थी।

बीकेयू नेता ने आगे कहा, "हमारी योजना किसानों से मिलने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए यहाँ आना था। राज्य सरकार ने हमें आधिकारिक तौर पर अनुमति दी थी, लेकिन एक दिन पहले ही सभी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, जिनमें से 14 को जेल भेजा गया। बाकी लोग सड़कों पर फंसे रह गए।"

टिकैत ने बताया कि उनके प्रतिनिधिमंडल को रास्ते में ही रोका गया और बाद में गेस्ट हाउस में छोड़ दिया गया, जो कि उचित नहीं था। उन्होंने राज्य प्रशासन की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया।

बीकेयू नेता ने कहा कि उनका इरादा किसानों के साथ सीधे संवाद करना, उनकी शिकायतों को सुनना और समस्या का समाधान खोजना है।

उन्होंने यह भी कहा, "हम किसानों से मिलना चाहते हैं। उनकी समस्याओं को सुनना और समाधान के लिए काम करना चाहते हैं। वास्तव में, अधिकारियों को उनसे बात करनी चाहिए थी और समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए था।"

उन्होंने संकेत दिया कि संगठन इस कार्रवाई से विचलित नहीं होगा और जल्द ही एक व्यापक योजना के साथ वापस आएगा। टिकैत ने कहा कि हम इस राज्य में फिर से आएंगे, अगली बार कम से कम तीन से चार दिनों के लिए और जिला स्तर पर जाकर गांवों का दौरा करेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि बीकेयू का लक्ष्य ओडिशा में किसानों को संगठित करके अपनी उपस्थिति को मजबूत करना है। हम यहाँ एक आंदोलन और संगठन का निर्माण करेंगे।

टिकैत ने कहा, जो राज्य में किसानों को संगठित करने और उनकी चिंताओं को उजागर करने के लिए एक व्यापक प्रयास का संकेत था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राकेश टिकैत ने ओडिशा में हिरासत में क्यों लिया गया?
टिकैत का कहना है कि उनके प्रतिनिधिमंडल के पास यात्रा की अनुमति थी, फिर भी उन्हें हिरासत में लिया गया।
बीकेयू का ओडिशा में क्या उद्देश्य था?
बीकेयू का उद्देश्य किसानों से मिलकर उनकी समस्याओं को समझना और समाधान खोजना था।
क्या टिकैत फिर से ओडिशा आएंगे?
हां, टिकैत ने कहा है कि वे जल्द ही वापस आएंगे और किसानों के मुद्दों पर काम करेंगे।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया क्या थी?
टिकैत ने राज्य सरकार के अधिकारियों की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया।
बीकेयू का दीर्घकालिक लक्ष्य क्या है?
बीकेयू का लक्ष्य ओडिशा में किसानों को संगठित करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है।
राष्ट्र प्रेस
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