ओडिशा कैबिनेट का बड़ा फैसला: 16 प्रस्तावों को मंजूरी, 28.7 लाख छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में ओडिशा कैबिनेट ने 14 अक्टूबर 2026 को 11 विभागों के 16 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें शिक्षा, कृषि, मत्स्य पालन, कौशल विकास और शहरी बुनियादी ढाँचे से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। इस बैठक का सबसे चर्चित फैसला कक्षा 9 और 10 के अनुमानित 28.7 लाख छात्रों को ₹284.07 करोड़ की लागत से मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की योजना है, जो 2025-26 से 2029-30 तक लागू रहेगी।
शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव
कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए। ₹284.07 करोड़ की मुफ्त पाठ्यपुस्तक योजना के अलावा, ओडिशा सेकेंडरी एजुकेशन नियम, 2026 को भी मंजूरी दी गई, जो 1993 के पुराने नियमों की जगह लेगा। नए नियमों से राज्य स्तर पर एकसमान कैडर पदानुक्रम स्थापित होगा और हिंदी तथा संस्कृत शिक्षकों को पहली बार कैडर का दर्जा और पदोन्नति के अवसर मिलेंगे।
इसके साथ ही 1997 के एलिमेंट्री एजुकेशन नियमों में संशोधन किया गया है, जिसके तहत लेवल-2 अधिकारियों की वरिष्ठता का निर्धारण अब लेवल-3 में सेवा अवधि के बजाय चयन सूची में उनके स्थान के आधार पर होगा।
कृषि और जल सुरक्षा पर जोर
किसानों की सहायता के लिए कैबिनेट ने ₹1,360 करोड़ का कॉर्पस फंड स्वीकृत किया, जो 2026-27 से 2029-30 तक ओएससीएमएफ और ओएसएससी को बिना ब्याज का रिवॉल्विंग फंड प्रदान करेगा, ताकि समय पर खाद और गुणवत्तापूर्ण बीज की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। गौरतलब है कि सूखे से प्रभावित बोलांगीर जिले में ₹105.62 करोड़ की लागत से तुस्तापल्ली इन-स्ट्रीम स्टोरेज प्रोजेक्ट को भी हरी झंडी मिली, जिससे 12 गाँवों में जल सुरक्षा मजबूत होगी।
मत्स्य पालन और उद्योग को बढ़ावा
अस्तारंगा फिशिंग हार्बर स्टेज-2 के लिए ₹133.81 करोड़ की मंजूरी दी गई, जिससे 1,960 मशीनीकृत मछली पकड़ने वाली नावों के लिए लैंडिंग और बर्थिंग सुविधा उपलब्ध होगी और लगभग 35,000 लोगों को लाभ मिलेगा। कटाई के बाद होने वाले नुकसान को 20% से घटाकर 7% तक लाने का लक्ष्य है। ओडिशा सबऑर्डिनेट फिशरीज सर्विस कैडर के पुनर्गठन में मंजूर पदों की संख्या 445 से बढ़ाकर 774 की गई है।
औद्योगिक पुनर्संरचना योजना के तहत स्टाम्प ड्यूटी को तर्कसंगत बनाया जाएगा, जिससे बीमार इकाइयों को पुनर्जीवित करने और रोज़गार बचाने में मदद मिलेगी। डिप्लोमा इंजीनियरों के सर्विस कैडर में जूनियर इंजीनियर-असिस्टेंट इंजीनियर के अनुपात को संशोधित कर 60:40 कर दिया गया है।
शहरी बुनियादी ढाँचा और डिजिटल सेवाएँ
₹500 करोड़ के शहरी स्टॉर्म-वॉटर ड्रेनेज प्रोग्राम को 2026-27 से 2030-31 तक पाँच वर्षों के लिए मंजूरी दी गई है, जो शहरी स्थानीय निकायों और चुने हुए ब्लॉक मुख्यालयों में जलभराव और बाढ़ की समस्या को कम करेगा। कटक में ₹133.72 करोड़ की लागत से महानदी वॉटरफ्रंट विकसित किया जाएगा, जिसमें रिवरफ्रंट प्रोमेनेड, कटक हाट और ओपन-एयर थिएटर शामिल होंगे।
केंदुझार में ₹176.83 करोड़ की लागत से डिजास्टर रिकवरी-कम-डेटा सेंटर स्थापित होगा, जो आपदा के समय सरकारी डिजिटल सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करेगा।
कौशल विकास और युवा रोज़गार
कैबिनेट ने दक्षता विकास योजना को मंजूरी दी, जिसकी लागत ₹7,450 करोड़ है और यह 2026-27 से 2028-29 तक चलेगी। इस योजना का लक्ष्य 4.20 लाख युवाओं को प्लेसमेंट-लिंक्ड प्रशिक्षण, डिजिटल स्किलिंग और विदेश में रोज़गार के अवसरों के माध्यम से कुशल बनाना है। मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि इन फैसलों से सुशासन, समावेशी विकास और 'समृद्ध ओडिशा' के विज़न को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इन निर्णयों से ओडिशा के शिक्षा, कृषि, मत्स्य और शहरी क्षेत्रों में दीर्घकालिक बदलाव की उम्मीद है।