14 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ओडिशा कैबिनेट का बड़ा फैसला: 16 प्रस्तावों को मंजूरी, 28.7 लाख छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ओडिशा कैबिनेट का बड़ा फैसला: 16 प्रस्तावों को मंजूरी, 28.7 लाख छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें

सारांश

ओडिशा कैबिनेट ने एक ही बैठक में शिक्षा से लेकर मत्स्य पालन तक 16 बड़े फैसले किए। 28.7 लाख छात्रों को मुफ्त किताबें, 4.20 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और ₹500 करोड़ का ड्रेनेज प्रोग्राम — माझी सरकार ने 'समृद्ध ओडिशा' की दिशा में बड़े कदम उठाए।

मुख्य बातें

ओडिशा कैबिनेट ने 14 अक्टूबर 2026 को 11 विभागों के 16 प्रस्तावों को मंजूरी दी।
₹284.07 करोड़ की मुफ्त पाठ्यपुस्तक योजना से 2025-26 से 2029-30 तक 28.7 लाख कक्षा 9-10 के छात्र लाभान्वित होंगे।
दक्षता विकास योजना के तहत ₹7,450 करोड़ से 4.20 लाख युवाओं को 2026-27 से 2028-29 तक स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी।
अस्तारंगा फिशिंग हार्बर स्टेज-2 (₹133.81 करोड़) से 35,000 लोगों को लाभ; फसल कटाई के बाद नुकसान 20% से घटाकर 7% करने का लक्ष्य।
खाद और बीज आपूर्ति के लिए ₹1,360 करोड़ का ब्याज-मुक्त कॉर्पस फंड स्वीकृत।
केंदुझार में ₹176.83 करोड़ का डेटा सेंटर और ₹500 करोड़ का शहरी ड्रेनेज प्रोग्राम मंजूर।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में ओडिशा कैबिनेट ने 14 अक्टूबर 2026 को 11 विभागों के 16 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें शिक्षा, कृषि, मत्स्य पालन, कौशल विकास और शहरी बुनियादी ढाँचे से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। इस बैठक का सबसे चर्चित फैसला कक्षा 9 और 10 के अनुमानित 28.7 लाख छात्रों को ₹284.07 करोड़ की लागत से मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की योजना है, जो 2025-26 से 2029-30 तक लागू रहेगी।

शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव

कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए। ₹284.07 करोड़ की मुफ्त पाठ्यपुस्तक योजना के अलावा, ओडिशा सेकेंडरी एजुकेशन नियम, 2026 को भी मंजूरी दी गई, जो 1993 के पुराने नियमों की जगह लेगा। नए नियमों से राज्य स्तर पर एकसमान कैडर पदानुक्रम स्थापित होगा और हिंदी तथा संस्कृत शिक्षकों को पहली बार कैडर का दर्जा और पदोन्नति के अवसर मिलेंगे।

इसके साथ ही 1997 के एलिमेंट्री एजुकेशन नियमों में संशोधन किया गया है, जिसके तहत लेवल-2 अधिकारियों की वरिष्ठता का निर्धारण अब लेवल-3 में सेवा अवधि के बजाय चयन सूची में उनके स्थान के आधार पर होगा।

कृषि और जल सुरक्षा पर जोर

किसानों की सहायता के लिए कैबिनेट ने ₹1,360 करोड़ का कॉर्पस फंड स्वीकृत किया, जो 2026-27 से 2029-30 तक ओएससीएमएफ और ओएसएससी को बिना ब्याज का रिवॉल्विंग फंड प्रदान करेगा, ताकि समय पर खाद और गुणवत्तापूर्ण बीज की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। गौरतलब है कि सूखे से प्रभावित बोलांगीर जिले में ₹105.62 करोड़ की लागत से तुस्तापल्ली इन-स्ट्रीम स्टोरेज प्रोजेक्ट को भी हरी झंडी मिली, जिससे 12 गाँवों में जल सुरक्षा मजबूत होगी।

मत्स्य पालन और उद्योग को बढ़ावा

अस्तारंगा फिशिंग हार्बर स्टेज-2 के लिए ₹133.81 करोड़ की मंजूरी दी गई, जिससे 1,960 मशीनीकृत मछली पकड़ने वाली नावों के लिए लैंडिंग और बर्थिंग सुविधा उपलब्ध होगी और लगभग 35,000 लोगों को लाभ मिलेगा। कटाई के बाद होने वाले नुकसान को 20% से घटाकर 7% तक लाने का लक्ष्य है। ओडिशा सबऑर्डिनेट फिशरीज सर्विस कैडर के पुनर्गठन में मंजूर पदों की संख्या 445 से बढ़ाकर 774 की गई है।

औद्योगिक पुनर्संरचना योजना के तहत स्टाम्प ड्यूटी को तर्कसंगत बनाया जाएगा, जिससे बीमार इकाइयों को पुनर्जीवित करने और रोज़गार बचाने में मदद मिलेगी। डिप्लोमा इंजीनियरों के सर्विस कैडर में जूनियर इंजीनियर-असिस्टेंट इंजीनियर के अनुपात को संशोधित कर 60:40 कर दिया गया है।

शहरी बुनियादी ढाँचा और डिजिटल सेवाएँ

₹500 करोड़ के शहरी स्टॉर्म-वॉटर ड्रेनेज प्रोग्राम को 2026-27 से 2030-31 तक पाँच वर्षों के लिए मंजूरी दी गई है, जो शहरी स्थानीय निकायों और चुने हुए ब्लॉक मुख्यालयों में जलभराव और बाढ़ की समस्या को कम करेगा। कटक में ₹133.72 करोड़ की लागत से महानदी वॉटरफ्रंट विकसित किया जाएगा, जिसमें रिवरफ्रंट प्रोमेनेड, कटक हाट और ओपन-एयर थिएटर शामिल होंगे।

केंदुझार में ₹176.83 करोड़ की लागत से डिजास्टर रिकवरी-कम-डेटा सेंटर स्थापित होगा, जो आपदा के समय सरकारी डिजिटल सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करेगा।

कौशल विकास और युवा रोज़गार

कैबिनेट ने दक्षता विकास योजना को मंजूरी दी, जिसकी लागत ₹7,450 करोड़ है और यह 2026-27 से 2028-29 तक चलेगी। इस योजना का लक्ष्य 4.20 लाख युवाओं को प्लेसमेंट-लिंक्ड प्रशिक्षण, डिजिटल स्किलिंग और विदेश में रोज़गार के अवसरों के माध्यम से कुशल बनाना है। मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि इन फैसलों से सुशासन, समावेशी विकास और 'समृद्ध ओडिशा' के विज़न को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इन निर्णयों से ओडिशा के शिक्षा, कृषि, मत्स्य और शहरी क्षेत्रों में दीर्घकालिक बदलाव की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

450 करोड़ की कौशल योजना से लेकर मुफ्त पाठ्यपुस्तकों तक की घोषणाएँ माझी सरकार की 'समृद्ध ओडिशा' महत्वाकांक्षा को दर्शाती हैं, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी। दक्षता विकास योजना में 4.20 लाख युवाओं को प्रशिक्षण का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, परंतु 'प्लेसमेंट-लिंक्ड' का अर्थ केवल प्रमाण पत्र वितरण नहीं होना चाहिए — सत्यापन योग्य रोज़गार डेटा की माँग उचित है। मत्स्य और कृषि क्षेत्र के फैसले जमीनी स्तर पर असर दिखाने वाले हैं, विशेषकर बोलांगीर जैसे सूखाग्रस्त इलाकों के लिए, जहाँ जल सुरक्षा दशकों से अनसुलझी चुनौती रही है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा कैबिनेट की मुफ्त पाठ्यपुस्तक योजना क्या है?
यह ₹284.07 करोड़ की योजना है, जिसके तहत 2025-26 से 2029-30 तक पाँच वर्षों में ओडिशा के कक्षा 9 और 10 के अनुमानित 28.7 लाख छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसे 14 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने मंजूरी दी।
ओडिशा की दक्षता विकास योजना से कितने युवाओं को फायदा होगा?
दक्षता विकास योजना का लक्ष्य 2026-27 से 2028-29 तक ₹7,450 करोड़ की लागत से 4.20 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करना है। योजना में प्लेसमेंट-लिंक्ड ट्रेनिंग, डिजिटल स्किलिंग और विदेश में रोज़गार के अवसर शामिल हैं।
अस्तारंगा फिशिंग हार्बर स्टेज-2 से ओडिशा के मछुआरों को क्या लाभ मिलेगा?
₹133.81 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से 1,960 मशीनीकृत मछली पकड़ने वाली नावों के लिए लैंडिंग और बर्थिंग सुविधा मिलेगी, जिससे लगभग 35,000 लोगों को लाभ होगा। इसके अलावा फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को 20% से घटाकर 7% तक लाने का लक्ष्य है।
ओडिशा सेकेंडरी एजुकेशन नियम 2026 में क्या बदला है?
नए नियम 1993 के पुराने नियमों की जगह लेंगे और राज्य स्तर पर एकसमान कैडर पदानुक्रम स्थापित करेंगे। इनसे हिंदी और संस्कृत शिक्षकों को पहली बार कैडर का दर्जा और पदोन्नति के अवसर मिलेंगे, साथ ही सेवा से जुड़ी विसंगतियाँ दूर होंगी।
ओडिशा में कृषि के लिए ₹1,360 करोड़ का कॉर्पस फंड कैसे काम करेगा?
यह चार साल (2026-27 से 2029-30) की योजना है, जिसमें ओएससीएमएफ और ओएसएससी को बिना ब्याज का रिवॉल्विंग फंड दिया जाएगा। इससे किसानों को समय पर खाद और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 14 घंटे पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले