2 अगस्त 2026
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ओडिशा: CM माझी ने IFS अधिकारी संग्राम केशरी बेहरा को सस्पेंड करने का आदेश दिया, ACF हत्याकांड में है आरोपी

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ओडिशा: CM माझी ने IFS अधिकारी संग्राम केशरी बेहरा को सस्पेंड करने का आदेश दिया, ACF हत्याकांड में है आरोपी

सारांश

ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी ने IFS अधिकारी संग्राम केशरी बेहरा को निलंबित करने का आदेश दिया — वही बेहरा जो 2021 में ACF सौम्यरंजन महापात्रा की हत्या के मामले में आरोपी हैं, जिनकी जमानत सर्वोच्च न्यायालय तक खारिज हो चुकी है।

मुख्य बातें

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2 अगस्त 2026 को IFS अधिकारी संग्राम केशरी बेहरा को निलंबित करने का निर्देश दिया।
बेहरा वर्तमान में OFDC में निदेशक (वाणिज्यिक) के पद पर तैनात थे।
वर्ष 2021 में परलाखेमुंडी में ACF सौम्यरंजन महापात्रा की हत्या के मामले में बेहरा पर धारा 302 और 120B के तहत FIR दर्ज है।
सर्वोच्च न्यायालय ने बेहरा की SLP और सेशन कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज की; बेहरा न्यायिक हिरासत में हैं।
अधिवक्ता रजत कुमार पात्रो की प्रोटेस्ट पिटीशन के बाद मामले में नए साक्ष्य सामने आए थे।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2 अगस्त 2026 को भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संग्राम केशरी बेहरा को निलंबित करने का निर्देश जारी किया है। बेहरा इस समय ओडिशा वन विकास निगम (OFDC) में निदेशक (वाणिज्यिक) के पद पर तैनात हैं और परलाखेमुंडी में वर्ष 2021 में हुई एक वन अधिकारी की हत्या के मामले में आरोपी हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

संग्राम केशरी बेहरा पहले गजपति जिले में परलाखेमुंडी वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2021 में उन पर उसी वन प्रभाग के तत्कालीन सहायक वन संरक्षक (ACF) सौम्यरंजन महापात्रा की हत्या में संलिप्तता के आरोप लगे। यह मामला उस समय अत्यंत चर्चित बना था।

सरकारी वकील राजेश कुमार ने बताया, 'पूरा मामला यह था कि 2021 में यहाँ एक ACF की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जानकारी सामने आई थी कि तत्कालीन DFO संग्राम केशरी बेहरा के अलावा ACF की पत्नी का भी हाथ है, लेकिन उस वक्त पुलिस को जाँच में कोई सबूत हाथ नहीं लगा था।'

कानूनी प्रक्रिया और अदालती कार्यवाही

सरकारी वकील राजेश कुमार के अनुसार, बाद में अधिवक्ता रजत पात्रा की ओर से प्रोटेस्ट पिटीशन दायर की गई, जिसके बाद मामले में नए साक्ष्य सामने आए। इसके पश्चात बेहरा ने उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया, परंतु सर्वोच्च न्यायालय ने भी उनकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी।

अधिवक्ता रजत कुमार पात्रो ने बताया, 'संग्राम केशरी बेहरा, जो परलाखेमुंडी के DFO थे, उनके खिलाफ लोअर कोर्ट, SDJM कोर्ट में धारा 302 और 120B (हत्या और आपराधिक षड्यंत्र) के तहत FIR दर्ज की गई थी। आरोपियों के खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) जारी किया गया था और वह लंबित था।'

पात्रो ने आगे बताया कि उच्च न्यायालय के ताज़ा आदेश के अनुसार बेहरा को पहले SDJM कोर्ट में सरेंडर करना था। सेशन कोर्ट ने उनकी याचिका पहले ही खारिज कर दी थी। अंततः बेहरा ने सरेंडर किया और न्यायालय ने उनकी जमानत अर्जी भी अस्वीकार कर दी, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सरकार की कार्रवाई

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का यह निर्देश बेहरा की न्यायिक हिरासत और जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आया है। OFDC में निदेशक (वाणिज्यिक) के पद पर तैनात एक आरोपी अधिकारी का सेवा में बने रहना प्रशासनिक दृष्टि से विवादास्पद था, और अब राज्य सरकार ने औपचारिक निलंबन की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।

आगे क्या होगा

निलंबन आदेश के बाद संग्राम केशरी बेहरा के विरुद्ध विभागीय जाँच की प्रक्रिया भी शुरू होने की संभावना है। परलाखेमुंडी ACF हत्याकांड की सुनवाई अदालत में जारी रहेगी और अगली कार्यवाही के परिणाम पर सभी की नज़रें टिकी हैं। यह मामला ओडिशा के वन विभाग में जवाबदेही की एक बड़ी परीक्षा बन चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो विभागीय कार्रवाई में वर्षों की देरी कितनी खतरनाक हो सकती है। 2021 की हत्या के बाद भी बेहरा OFDC में उच्च पद पर बने रहे — यह प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाता है। सर्वोच्च न्यायालय तक जमानत खारिज होने के बाद निलंबन आदेश आना यह दर्शाता है कि कार्यपालिका न्यायिक दबाव के बाद हरकत में आई, न कि स्वप्रेरणा से। ओडिशा के वन विभाग में यह पहला ऐसा मामला नहीं है जहाँ आंतरिक जवाबदेही तंत्र विफल रहा हो।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संग्राम केशरी बेहरा को क्यों सस्पेंड किया गया?
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने IFS अधिकारी संग्राम केशरी बेहरा को निलंबित करने का निर्देश दिया क्योंकि वे 2021 में परलाखेमुंडी में ACF सौम्यरंजन महापात्रा की हत्या के मामले में आरोपी हैं। अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
परलाखेमुंडी ACF हत्याकांड 2021 क्या है?
वर्ष 2021 में ओडिशा के परलाखेमुंडी वन प्रभाग में सहायक वन संरक्षक (ACF) सौम्यरंजन महापात्रा की हत्या हुई थी। तत्कालीन DFO संग्राम केशरी बेहरा पर धारा 302 (हत्या) और 120B (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत FIR दर्ज हुई। यह मामला उस समय ओडिशा में बड़ा सनसनीखेज बना था।
बेहरा की जमानत क्यों खारिज हुई?
बेहरा ने नॉन-बेलेबल वारंट रद्द कराने के लिए उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी SLP खारिज कर दी। उच्च न्यायालय के आदेश पर SDJM कोर्ट में सरेंडर के बाद जमानत अर्जी भी अस्वीकार हो गई।
संग्राम केशरी बेहरा अभी किस पद पर थे?
निलंबन आदेश से पहले संग्राम केशरी बेहरा ओडिशा वन विकास निगम (OFDC) में निदेशक (वाणिज्यिक) के पद पर तैनात थे। इससे पहले वे गजपति जिले में परलाखेमुंडी वन प्रभाग के DFO रह चुके हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
निलंबन आदेश के बाद बेहरा के विरुद्ध विभागीय जाँच शुरू होने की संभावना है। परलाखेमुंडी ACF हत्याकांड की सुनवाई अदालत में जारी रहेगी और अगली कार्यवाही पर नज़रें टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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