13 जुलाई 2026
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ओडिशा: तलछुआ थाने में महिला से मारपीट, सिंदूर पोंछने के आरोप में IIC संध्यारानी जेना निलंबित

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ओडिशा: तलछुआ थाने में महिला से मारपीट, सिंदूर पोंछने के आरोप में IIC संध्यारानी जेना निलंबित

सारांश

ओडिशा के केंद्रपाड़ा में एक महिला पुलिस अधिकारी पर थाने के भीतर विवाहित महिला को पीटने और उसका सिंदूर पोंछने का गंभीर आरोप है। सीसीटीवी फुटेज की जाँच के बाद DGP ने IIC संध्यारानी जेना को निलंबित किया — यह मामला पुलिस थानों में महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

तलछुआ मरीन पुलिस स्टेशन की IIC संध्यारानी जेना को 28 मई 2026 को निलंबित किया गया।
पीड़िता अन्नपूर्णा मंडल ने आरोप लगाया कि थाने में उनके बाल पकड़कर मारा गया, कपड़े फाड़ने की कोशिश हुई और माथे से सिंदूर पोंछा गया ।
महिला के बेटे को कथित तौर पर टॉयलेट में ले जाकर लात-घूंसों और डंडों से पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़ितों से खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए; उन्हें रात 11:40 बजे छोड़ा गया।
खुरानिया ने सीसीटीवी फुटेज जाँच के आधार पर 'गंभीर कदाचार और कर्तव्य में लापरवाही' के आरोप में निलंबन आदेश जारी किया।
निलंबित IIC को केंद्रीय रेंज आईजी के अधीन रखा गया; विभागीय जाँच जारी है।

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में तलछुआ मरीन पुलिस स्टेशन की प्रभारी अधिकारी (IIC) संध्यारानी जेना को 28 मई 2026 को निलंबित कर दिया गया। आरोप है कि उन्होंने एक विवाहित महिला और उसके बेटे के साथ थाने के भीतर मारपीट की और महिला के माथे से सिंदूर पोंछ दिया — एक कृत्य जिसे हिंदू परंपरा में गहरा अपमान माना जाता है। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक वाई.बी. खुरानिया ने सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद यह निलंबन आदेश जारी किया।

घटनाक्रम: क्या हुआ थाने में

पीड़िता अन्नपूर्णा मंडल के अनुसार, वह सोमवार शाम लगभग 6 बजे अपने बेटे के साथ घरेलू विवाद की शिकायत दर्ज कराने तलछुआ मरीन पुलिस स्टेशन पहुँची थीं। शिकायत सुनने के बजाय IIC संध्यारानी जेना ने कथित तौर पर महिला को गालियाँ दीं, बाल पकड़कर मारा और कपड़े फाड़ने की कोशिश की। इसके अलावा, उनके माथे से सिंदूर पोंछ दिया गया।

महिला के बेटे को कथित तौर पर थाने के टॉयलेट में ले जाकर एक कॉन्स्टेबल के साथ मिलकर लात-घूंसों और डंडों से पीटा गया। उसका गला दबाकर धमकी दी गई कि यदि किसी को बताया तो माँ-बेटे दोनों को जान से मार दिया जाएगा। पीड़ितों से खाली कागजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए और उन्हें रात लगभग 11:40 बजे छोड़ा गया।

शिकायत और चिकित्सीय जाँच

अगले दिन अन्नपूर्णा मंडल ने राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया। इसके बाद उन्होंने सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी (SDPO) सुखंत पात्रा के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही केंद्रपाड़ा एसपी ने बुधवार को थाने का दौरा किया और सीसीटीवी फुटेज खंगाली।

निलंबन और विभागीय कार्रवाई

सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर पुलिस महानिदेशक वाई.बी. खुरानिया ने IIC संध्यारानी जेना को 'गंभीर कदाचार और कर्तव्य में लापरवाही' के आरोप में निलंबित कर दिया। आदेश के अनुसार, उनके विरुद्ध विभागीय जाँच की जाएगी और उन्हें केंद्रीय रेंज आईजी के अधीन रखा जाएगा।

आरोपी अधिकारी का पक्ष

निलंबित IIC संध्यारानी जेना ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ही सच्चाई सामने लाएगी। उल्लेखनीय है कि यही फुटेज उनके निलंबन का आधार बनी है — यह विरोधाभास जाँच में अहम साबित होगा।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पुलिस हिरासत में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएँ राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बनी हुई हैं। विभागीय जाँच के नतीजे और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण इस मामले की दिशा तय करेंगे। संबंधित कॉन्स्टेबल के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह शारीरिक हिंसा से आगे बढ़कर धार्मिक-सांस्कृतिक गरिमा पर हमला है। सीसीटीवी फुटेज ने त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की — यह एक सकारात्मक संकेत है — लेकिन असली सवाल यह है कि थाने में तैनात अन्य कर्मियों ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया। केवल IIC का निलंबन पर्याप्त नहीं; संलिप्त कॉन्स्टेबल और प्रशासनिक निगरानी की विफलता की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा के तलछुआ थाने में क्या हुआ?
पीड़िता अन्नपूर्णा मंडल के अनुसार, वह घरेलू विवाद की शिकायत दर्ज कराने थाने गई थीं, जहाँ IIC संध्यारानी जेना ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की, सिंदूर पोंछा और उनके बेटे को भी पीटा। पीड़ितों से खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराकर उन्हें रात 11:40 बजे छोड़ा गया।
IIC संध्यारानी जेना को क्यों निलंबित किया गया?
ओडिशा के DGP वाई.बी. खुरानिया ने सीसीटीवी फुटेज की जाँच के आधार पर संध्यारानी जेना को 'गंभीर कदाचार और कर्तव्य में लापरवाही' के आरोप में निलंबित किया। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।
पीड़िता ने शिकायत कहाँ और कब दर्ज कराई?
पीड़िता अन्नपूर्णा मंडल ने घटना के अगले दिन पहले राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया, फिर SDPO पट्टामुंडई सुखंत पात्रा के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद केंद्रपाड़ा एसपी ने थाने का दौरा कर सीसीटीवी फुटेज की जाँच की।
सिंदूर पोंछने का आरोप इतना गंभीर क्यों माना जा रहा है?
हिंदू परंपरा में सिंदूर विवाहित महिला की पहचान और सम्मान का प्रतीक है। किसी विवाहित महिला का सिंदूर जबरन पोंछना गहरा सांस्कृतिक और धार्मिक अपमान माना जाता है, जो इस मामले को सामान्य मारपीट से कहीं अधिक संवेदनशील बनाता है।
निलंबित IIC ने आरोपों पर क्या कहा?
निलंबित IIC संध्यारानी जेना ने सभी आरोपों को गलत बताया है और कहा है कि थाने की सीसीटीवी फुटेज सच्चाई उजागर करेगी। हालाँकि, इसी फुटेज के आधार पर उनका निलंबन किया गया है और विभागीय जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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