भुवनेश्वर में भीड़ ने पुलिस कांस्टेबल को पीट-पीटकर मार डाला, यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद लिंचिंग

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भुवनेश्वर में भीड़ ने पुलिस कांस्टेबल को पीट-पीटकर मार डाला, यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद लिंचिंग

सारांश

भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में एक सड़क दुर्घटना और कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद भड़की भीड़ ने GRP कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन को रस्सी से बाँधकर पीट-पीटकर मार डाला। यह घटना कानून व्यवस्था और भीड़ न्याय की सीमाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

7 मई को भुवनेश्वर के बालीअंटा थाना क्षेत्र में भीड़ ने GRP कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन (32) को पीट-पीटकर मार डाला।
घटना एक सड़क दुर्घटना और कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद भड़की।
भीड़ ने स्वैन और उनके मित्र ओम प्रकाश राउत के हाथ-पैर रस्सी से बाँधकर हमला किया।
पीड़िता ने स्वैन के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास की एफआईआर दर्ज कराई है।
डीसीपी जगमोहन मीना ने बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
लिंचिंग में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में बालीअंटा पुलिस थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर में गुरुवार, 7 मई को एक दर्दनाक घटना में भीड़ ने एक पुलिस कांस्टेबल को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के अनुसार, यह घटना एक सड़क दुर्घटना और एक लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद भड़की।

मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि

मृतक की पहचान कटक जिले के अदाशपुर क्षेत्र के निवासी 32 वर्षीय सौम्य रंजन स्वैन के रूप में हुई है। स्वैन ओडिशा पुलिस की सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) शाखा में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे। मृतक के परिवार के सदस्यों के अनुसार, स्वैन को पहले निलंबित किया गया था, लेकिन हाल ही में उन्हें सेवा में बहाल कर दिया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सौम्य रंजन स्वैन अपने मित्र ओम प्रकाश राउत के साथ भुवनेश्वर की ओर आ रहे थे, तभी उनकी मुलाकात स्कूटर पर सवार दो लड़कियों से हुई। वाहन को ओवरटेक करते समय स्वैन की मोटरसाइकिल लड़कियों के स्कूटर से टकरा गई, जिसके बाद एक पुल के पास दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। पास के गाँव की रहने वाली इन लड़कियों की मदद के लिए ग्रामीण मौके पर पहुँचे और स्थिति हिंसक हो गई।

ग्रामीणों ने कथित तौर पर स्वैन और उनके मित्र के हाथ-पैर रस्सी से बाँधकर उन पर बेरहमी से हमला किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों को कैपिटल अस्पताल ले गई, जहाँ स्वैन को मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

भुवनेश्वर के डीसीपी जगमोहन मीना ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बताया कि इस मामले में तीन पक्ष शामिल हैं। पहला, दो लड़कियाँ स्कूटर पर यात्रा कर रही थीं। दूसरा, दो युवकों ने उन्हें ओवरटेक करते हुए यू-टर्न लेकर स्कूटर को टक्कर मारी। तीसरा पक्ष स्थानीय ग्रामीणों का है, जो लड़कियों की मदद के लिए पहुँचे और जिन्होंने एक युवक पर हमला किया जिसकी बाद में मौत हो गई।

डीसीपी मीना ने यह भी बताया कि पुलिस ने मृतक के मित्र ओम प्रकाश पात्रा से पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की है। इस मामले में शामिल लड़कियों में से एक ने स्वैन के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है और पुलिस ने लड़की का बयान भी दर्ज कर लिया है।

आरोपियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई

पुलिस के पास मौजूद वीडियो फुटेज के आधार पर लिंचिंग में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। डीसीपी मीना ने स्पष्ट किया कि लिंचिंग में संलिप्त पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना ओडिशा में भीड़ हिंसा की बढ़ती चिंताओं के बीच सामने आई है।

आगे क्या होगा

पुलिस मामले की दोनों दिशाओं में जाँच कर रही है — कथित यौन उत्पीड़न के आरोप और भीड़ द्वारा की गई हत्या, दोनों। गौरतलब है कि मृतक स्वयं एक पुलिसकर्मी थे, जो इस मामले को और अधिक संवेदनशील बनाता है। आने वाले दिनों में गिरफ्तारियाँ अपेक्षित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिना किसी जाँच या अदालत के। विडंबना यह है कि मृतक स्वयं कानून व्यवस्था का हिस्सा थे। मामले की दोहरी जटिलता — कथित यौन उत्पीड़न के आरोप और फिर भीड़ द्वारा हत्या — यह सुनिश्चित करती है कि जाँच निष्पक्ष और पारदर्शी हो। पुलिस पर दबाव होगा कि वह दोनों पक्षों के साथ समान सख्ती बरते, अन्यथा यह मामला सामाजिक और राजनीतिक विवाद का केंद्र बन सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वर में पुलिस कांस्टेबल की हत्या कैसे हुई?
7 मई को बालीअंटा थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना के बाद भीड़ ने GRP कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन (32) के हाथ-पैर रस्सी से बाँधकर पीट-पीटकर मार डाला। कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद ग्रामीण मौके पर पहुँचे और हिंसा पर उतर आए।
मृतक कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन कौन थे?
सौम्य रंजन स्वैन कटक जिले के अदाशपुर क्षेत्र के 32 वर्षीय निवासी थे और ओडिशा पुलिस की GRP शाखा में कांस्टेबल थे। परिवार के अनुसार उन्हें पहले निलंबित किया गया था, लेकिन हाल ही में बहाल किया गया था।
क्या इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज हुई है?
हाँ, घटना में शामिल एक लड़की ने स्वैन के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने लड़की का बयान दर्ज कर लिया है और लिंचिंग में शामिल लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लिंचिंग में शामिल लोगों की पहचान कैसे होगी?
भुवनेश्वर के डीसीपी जगमोहन मीना के अनुसार, पुलिस के पास मौजूद वीडियो फुटेज के आधार पर लिंचिंग में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पहचान होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना में कितने पक्ष शामिल हैं?
डीसीपी मीना के अनुसार तीन पक्ष हैं — स्कूटर पर यात्रा कर रही दो लड़कियाँ, दो युवक जिन्होंने ओवरटेक करते हुए स्कूटर को टक्कर मारी, और स्थानीय ग्रामीण जो लड़कियों की मदद के लिए पहुँचे और जिन्होंने हमला किया।
राष्ट्र प्रेस
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