ओडिशा में डीए 58% से बढ़कर 60%, 8.5 लाख कर्मचारियों-पेंशनर्स को मई वेतन के साथ मिलेगा लाभ
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 15 मई 2026 को राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (डीए) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की, जिससे डीए की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है। यह संशोधित दर 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी और लाभ मई महीने के वेतन के साथ नकद रूप में दिया जाएगा। इस फैसले से राज्य के करीब 8.5 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी घोषणा के अनुसार, बढ़ा हुआ डीए कर्मचारियों को मई 2026 के वेतन के साथ एकमुश्त नकद दिया जाएगा। चूँकि यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से पूर्वव्यापी रूप से लागू होगी, इसलिए कर्मचारियों को पाँच महीनों का बकाया भी एक साथ प्राप्त होगा।
पेंशनर्स के लिए भी समान राहत का प्रावधान किया गया है। उनके टेम्पररी इंक्रीज (टीआई) में भी 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जो मई महीने की पेंशन के साथ देय होगी।
कर्मचारियों पर आर्थिक असर
यह कदम महंगाई के बढ़ते दबाव को देखते हुए उठाया गया है। डीए में वृद्धि से कर्मचारियों की मासिक आय में सीधा इजाफा होगा, जो विशेष रूप से निम्न और मध्यम वेतनमान के कर्मचारियों के लिए महत्त्वपूर्ण राहत साबित होगी। गौरतलब है कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है जब खाद्य और ईंधन की कीमतें आम परिवारों के बजट पर दबाव बना रही हैं।
केंद्र सरकार के फैसले से तुलना
यह ऐसे समय में आया है जब अप्रैल 2026 में केंद्र सरकार भी अपने कर्मचारियों के डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुकी है, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी है। केंद्र के उस फैसले से करीब 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68.27 लाख पेंशनर्स लाभान्वित हो रहे हैं। केंद्रीय बढ़ोतरी भी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित फॉर्मूले के अनुसार तय की गई थी। ओडिशा सरकार का यह निर्णय केंद्र की नीति के अनुरूप है और राज्य कर्मचारियों के साथ समानता सुनिश्चित करता है।
क्या होगा आगे
राज्य सरकार के इस फैसले के बाद अब वित्त विभाग को संशोधित वेतन और पेंशन के आदेश जारी करने होंगे। कर्मचारी संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया है, हालाँकि कुछ संगठनों की ओर से अधिक बढ़ोतरी की माँग पहले से चली आ रही थी। माझी सरकार के लिए यह निर्णय राज्य कर्मचारियों के बीच सकारात्मक संदेश देने वाला कदम माना जा रहा है।