ओडिशा के पूर्व मंत्री सुशांत सिंह का 53 वर्ष की आयु में निधन, CM माझी सहित दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के पूर्व मंत्री और पश्चिम ओडिशा के प्रमुख राजनीतिक चेहरे सुशांत सिंह का सोमवार, 27 जुलाई को 53 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके जाने से ओडिशा की राजनीति में एक बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया है।
राजनीतिक जीवन और योगदान
सुशांत सिंह बीजू जनता दल (BJD) के वरिष्ठ नेता थे। उन्होंने भटली विधानसभा क्षेत्र से तीन बार चुनाव जीतकर ओडिशा विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। पश्चिम ओडिशा में उनकी जनाधार-आधारित राजनीति और संगठन क्षमता को व्यापक रूप से सराहा जाता था। राज्य सरकार में मंत्री के रूप में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक्स पर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए लिखा, "वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुशांत सिंह के निधन की खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। मैं उनके परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ और महाप्रभु श्री जगन्नाथ के चरणों में उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूँ। ओम शांति।"
उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने भी एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, "पूर्व मंत्री सुशांत सिंह के निधन की खबर पाकर मैं बहुत दुखी हूँ। भगवान श्री जगन्नाथ के चरणों में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने के साथ-साथ, मैं शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ।" उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने भी एक्स पर लिखा, "पूर्व मंत्री सुशांत सिंह के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। भगवान के चरणों में उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने के साथ-साथ, मैं उनके दुखी परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। ओम शांति!"
नवीन पटनायक की भावभीनी श्रद्धांजलि
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने एक्स पर लिखा, "पूर्व मंत्री और बीजू जनता दल के वरिष्ठ सदस्य सुशांत सिंह के निधन की खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। उनके निधन से पार्टी ने एक कुशल संयोजक और एक लोकप्रिय नेता खो दिया है। BJD को मजबूत करने में उनका योगदान और लोगों की सेवा हमेशा यादगार रहेगी।" पटनायक ने परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएँ भी व्यक्त कीं।
ओडिशा की राजनीति पर असर
गौरतलब है कि सुशांत सिंह पश्चिम ओडिशा में BJD के सबसे प्रभावशाली संगठनकर्ताओं में गिने जाते थे। भटली क्षेत्र में उनकी तीन बार की जीत इस बात का प्रमाण है कि जनता के बीच उनकी कितनी गहरी पैठ थी। उनके निधन से BJD को संगठनात्मक स्तर पर एक बड़ी क्षति हुई है, विशेषकर ऐसे समय में जब पार्टी विपक्ष में है। पार्टी के भीतर उनकी जगह भर पाना आसान नहीं होगा।