ओडिशा महिला कांग्रेस का भुवनेश्वर में बड़ा प्रदर्शन, महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को तत्काल लागू करने की माँग
सारांश
Key Takeaways
ओडिशा महिला कांग्रेस ने गुरुवार, 30 अप्रैल को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी के निकट भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली डबल-इंजन सरकार के कथित 'महिला-विरोधी' रवैये के विरुद्ध बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 — जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करता है — को तत्काल लागू करने की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शन एक सार्वजनिक सभा के बाद शुरू हुआ, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सभा के बाद बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस समर्थकों ने नारे लगाते हुए राज्य विधानसभा की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे।
स्थिति बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, जिसके परिणामस्वरूप प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई। अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
नेताओं की प्रतिक्रिया
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि BJP के नेतृत्व वाली डबल-इंजन सरकार के 'महिला-विरोधी' रवैये के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य भर की महिलाएँ मई के पहले सप्ताह में संसद और विधानसभा दोनों के विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण के मुद्दे पर पैदा की जा रही भ्रम की स्थिति के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करेंगी।
इस अवसर पर AICC ओडिशा के सह-प्रभारी जेटी कुसुम कुमार ने कहा कि कांग्रेस के 141 साल के इतिहास में 50 से अधिक वर्षों तक महिला अध्यक्षों ने संगठन का नेतृत्व किया है, जबकि BJP के 46 साल के इतिहास में एक भी महिला को पार्टी का नेतृत्व करने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने BJP के इस आरोप को हास्यास्पद बताया कि कांग्रेस 'महिला-विरोधी' है।
आगामी कार्यक्रमों की घोषणा
दास ने घोषणा की कि 3 और 4 मई की शाम को महिला कांग्रेस द्वारा राज्य भर में जिला कांग्रेस समितियों की देखरेख में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे। इसी प्रकार, 7 और 8 मई को ब्लॉक स्तर पर भी मशाल जुलूस निकाले जाएंगे।
सरकार को चेतावनी
ओडिशा PCC अध्यक्ष भक्त चरण दास ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण अधिनियम को तुरंत लागू करना चाहिए, अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब महिला आरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक बहस तेज हो रही है। आने वाले हफ्तों में ओडिशा में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियाँ और तेज होने की संभावना है।