ओडिशा महिला कांग्रेस का भुवनेश्वर में बड़ा प्रदर्शन, महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को तत्काल लागू करने की माँग

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ओडिशा महिला कांग्रेस का भुवनेश्वर में बड़ा प्रदर्शन, महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को तत्काल लागू करने की माँग

सारांश

ओडिशा महिला कांग्रेस ने भुवनेश्वर में बड़ा प्रदर्शन कर महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को तत्काल लागू करने की माँग की। पुलिस से झड़प और हिरासत के बाद PCC अध्यक्ष भक्त चरण दास ने राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की और मई में मशाल जुलूस का ऐलान किया।

Key Takeaways

ओडिशा महिला कांग्रेस ने 30 अप्रैल को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी के पास BJP सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 को तत्काल लागू करने की माँग की, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देता है। पुलिस से झड़प के बाद कई महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया । PCC अध्यक्ष भक्त चरण दास ने 3-4 मई और 7-8 मई को राज्यव्यापी मशाल जुलूस की घोषणा की। AICC सह-प्रभारी जेटी कुसुम कुमार ने कहा कि कांग्रेस के 141 वर्षों में 50 से अधिक वर्षों तक महिला अध्यक्षों ने नेतृत्व किया।

ओडिशा महिला कांग्रेस ने गुरुवार, 30 अप्रैल को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी के निकट भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली डबल-इंजन सरकार के कथित 'महिला-विरोधी' रवैये के विरुद्ध बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 — जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करता है — को तत्काल लागू करने की माँग की।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शन एक सार्वजनिक सभा के बाद शुरू हुआ, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सभा के बाद बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस समर्थकों ने नारे लगाते हुए राज्य विधानसभा की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे।

स्थिति बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, जिसके परिणामस्वरूप प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई। अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया

नेताओं की प्रतिक्रिया

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि BJP के नेतृत्व वाली डबल-इंजन सरकार के 'महिला-विरोधी' रवैये के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य भर की महिलाएँ मई के पहले सप्ताह में संसद और विधानसभा दोनों के विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण के मुद्दे पर पैदा की जा रही भ्रम की स्थिति के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करेंगी।

इस अवसर पर AICC ओडिशा के सह-प्रभारी जेटी कुसुम कुमार ने कहा कि कांग्रेस के 141 साल के इतिहास में 50 से अधिक वर्षों तक महिला अध्यक्षों ने संगठन का नेतृत्व किया है, जबकि BJP के 46 साल के इतिहास में एक भी महिला को पार्टी का नेतृत्व करने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने BJP के इस आरोप को हास्यास्पद बताया कि कांग्रेस 'महिला-विरोधी' है।

आगामी कार्यक्रमों की घोषणा

दास ने घोषणा की कि 3 और 4 मई की शाम को महिला कांग्रेस द्वारा राज्य भर में जिला कांग्रेस समितियों की देखरेख में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे। इसी प्रकार, 7 और 8 मई को ब्लॉक स्तर पर भी मशाल जुलूस निकाले जाएंगे।

सरकार को चेतावनी

ओडिशा PCC अध्यक्ष भक्त चरण दास ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण अधिनियम को तुरंत लागू करना चाहिए, अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब महिला आरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक बहस तेज हो रही है। आने वाले हफ्तों में ओडिशा में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियाँ और तेज होने की संभावना है।

Point of View

2023 संसद में सर्वसम्मति से पारित हुआ था, लेकिन इसका क्रियान्वयन परिसीमन और जनगणना की शर्तों से बंधा है — जो अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। ओडिशा कांग्रेस का यह प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों की उस रणनीति का हिस्सा है जो BJP को 'महिला-विरोधी' साबित करने की कोशिश कर रही है, जबकि BJP का तर्क है कि कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार परिसीमन प्रक्रिया में तेजी लाने की इच्छाशक्ति दिखाएगी, या यह मुद्दा अगले चुनाव तक राजनीतिक हथियार बना रहेगा।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण अधिनियम 2023 क्या है?
महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 भारतीय संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित वह कानून है जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करता है। हालाँकि, इसका क्रियान्वयन परिसीमन और जनगणना प्रक्रिया के पूरा होने पर निर्भर है।
ओडिशा महिला कांग्रेस ने यह प्रदर्शन क्यों किया?
ओडिशा महिला कांग्रेस ने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकार पर महिला आरक्षण अधिनियम को लागू न करने का आरोप लगाते हुए यह प्रदर्शन किया। पार्टी का कहना है कि सरकार जानबूझकर इस मुद्दे पर भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
30 अप्रैल को भुवनेश्वर में सभा के बाद महिला कांग्रेस समर्थकों ने राज्य विधानसभा की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस से झड़प हुई और अधिकारियों के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
कांग्रेस के आगामी कार्यक्रम क्या हैं?
PCC अध्यक्ष भक्त चरण दास ने घोषणा की है कि 3 और 4 मई को जिला स्तर पर तथा 7 और 8 मई को ब्लॉक स्तर पर राज्य भर में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे। इसके अलावा मई के पहले सप्ताह में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन भी होंगे।
भक्त चरण दास कौन हैं?
भक्त चरण दास ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष हैं। उन्होंने इस प्रदर्शन में सरकार को चेतावनी दी कि महिला आरक्षण अधिनियम तुरंत लागू न करने पर परिणाम भुगतने होंगे।
Nation Press