ओडिशा मॉब लिंचिंग: क्राइम ब्रांच ने दो मुख्य आरोपियों को नयागढ़ जंगल से दबोचा, कुल गिरफ्तारियाँ 15
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 19 मई को नयागढ़ जिले के रणपुर जंगल से दो मुख्य आरोपियों — पंचानन बड़जेना उर्फ कालिया और रंजीत राणा — को गिरफ्तार किया है। ये दोनों 7 मई को भुवनेश्वर के बालियंता इलाके में सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन की भीड़ द्वारा की गई हत्या के मामले में वांछित थे। इस गिरफ्तारी के साथ इस मामले में अब तक कुल 15 आरोपी गिरफ्त में आ चुके हैं।
गिरफ्तारी का विवरण
क्राइम ब्रांच ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि जाँच के दौरान जुटाए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को रणपुर जंगल से पकड़ा गया। जाँच में सामने आया है कि इन दोनों की मृतक कांस्टेबल पर हुए हमले में सीधी संलिप्तता थी। इससे पहले 11 आरोपियों को बालियंता पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जबकि शेष दो की गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच ने की है।
घटना की पृष्ठभूमि
7 मई की शाम को जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन अपने मित्र ओम प्रकाश के साथ भुवनेश्वर की ओर जा रहे थे, जब बिंघापुर-काजा इलाके में उनकी बाइक और दो लड़कियों की स्कूटी के बीच टक्कर हो गई। इस टक्कर के बाद दोनों पक्षों में विवाद हुआ और एक लड़की ने सौम्य पर कथित यौन उत्पीड़न के प्रयास का आरोप लगाया। लड़की की चीख सुनकर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुँचे और दोनों पर हमला कर दिया।
पुलिस ने दोनों को बचाकर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने सौम्य रंजन स्वैन को मृत घोषित कर दिया। उनके साथी ओम प्रकाश घायल हो गए।
दो समानांतर जाँचें
क्राइम ब्रांच ने बालियंता थाने में दर्ज दो अलग-अलग मामलों की जाँच अपने हाथ में ली है। पहला मामला कांस्टेबल सौम्य की भीड़ द्वारा हत्या से संबंधित है, जबकि दूसरा मामला उस पीड़िता लड़की की शिकायत पर आधारित है, जिसमें उसने आरोप लगाया है कि मृतक ने उसके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया था। दोनों मामलों की जाँच स्वतंत्र रूप से की जा रही है।
पुलिस पर कार्रवाई
इस घटना के बाद प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया। चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया और बालियंता थाने के तत्कालीन प्रभारी को भीड़ के हमले के दौरान समय पर कार्रवाई न करने के आरोप में स्थानांतरित कर दिया गया। यह घटना ऐसे समय में आई है जब देशभर में मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर कानूनी ढाँचे को लेकर बहस तेज़ है।
आगे की कार्रवाई
क्राइम ब्रांच के अनुसार जाँच अभी जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में और खुलासे होने की संभावना है। अदालत में आरोप-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।