उमर अब्दुल्ला ने तिरंगे के रंगों वाले रिबन को काटने से किया इनकार
सारांश
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श्रीनगर, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान अपनी समझदारी का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय ध्वज के रंगों वाले रिबन को काटने से मना कर दिया। यह घटना श्रीनगर के कश्मीर हाट, एग्जीबिशन ग्राउंड में 'अपने कारीगर को जानें' कार्यक्रम के उद्घाटन के समय हुई।
मुख्यमंत्री जब उद्घाटन स्थल पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि रिबन तिरंगे के रंगों (केसरिया, सफेद और हरे) का बना हुआ है। इसे देखते ही उन्होंने रिबन काटने से मना कर दिया। इसके बजाय, उन्होंने आयोजकों को निर्देश दिया कि रिबन को एक किनारे से खोला जाए, जिसके बाद कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर उनके साथ उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, कई विधायक और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री द्वारा उठाया गया यह कदम राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और प्रोटोकॉल के पालन के रूप में देखा जा रहा है। यह माना जाता है कि तिरंगे से जुड़े नियमों और मर्यादाओं का पालन करना अत्यंत आवश्यक है और सीएम उमर अब्दुल्ला ने इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया।
उमर अब्दुल्ला को पहले भी राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और प्रोटोकॉल से जुड़े मामलों में संवेदनशील और सतर्क नेता के रूप में पहचाना जाता रहा है। वे अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा मर्यादा और सम्मान को प्राथमिकता देते हैं और अपने विरोधियों के खिलाफ भी संयमित भाषा का उपयोग करते हैं।
वहीं, उनके पिता फारूक अब्दुल्ला की शैली उनसे भिन्न है। फारूक अब्दुल्ला अपने मुखर और आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं और अक्सर राजनीतिक विरोधियों पर खुलकर हमले करते हैं। हालांकि, उनके बयान भी हमेशा सोचे-समझे और रणनीतिक होते हैं।
चाहे फारूक अब्दुल्ला हों या उमर अब्दुल्ला, दोनों नेताओं की देशभक्ति और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा पर हमेशा भरोसा जताया गया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उन्होंने देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूती से दर्शाया है।