उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और हिमाचल शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से की बैठक
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 26 जून 2025 को श्रीनगर स्थित अपने आधिकारिक आवास पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और हिमाचल प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से अलग-अलग बैठकें कीं। इन मुलाकातों में राज्यों के बीच संस्थागत सहयोग, शिक्षा सुधार और अनुभव-साझाकरण पर केंद्रित चर्चा हुई।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से शिष्टाचार भेंट की। दोनों नेताओं के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने, विधायी कामकाज की गुणवत्ता बेहतर बनाने और अंतर-राज्यीय सहयोग के विस्तार पर विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने डॉ. प्रेम कुमार का जम्मू-कश्मीर में गर्मजोशी से स्वागत किया।
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री से बैठक
इसके बाद हिमाचल प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उनके साथ राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कुमार कोहली, अतिरिक्त सचिव (स्कूल शिक्षा) अनिल चौहान और समग्र शिक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने, संस्थागत सहयोग बढ़ाने और दोनों पहाड़ी राज्यों के बीच सर्वोत्तम अनुभव साझा करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 'अच्छी शिक्षा ही टिकाऊ विकास की मजबूत नींव है।' उन्होंने राज्यों के बीच शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया और विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की बैठकें जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के बीच शैक्षिक साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाएंगी।
बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इटू, विधायक शेख अहसान अहमद, विधायक मुश्ताक गुरू और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर अपने पुनर्गठन के बाद अन्य राज्यों के साथ सहयोग के नए रास्ते तलाश रहा है।
आगे की संभावनाएँ
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश दोनों पहाड़ी भूगोल और समान शैक्षिक चुनौतियाँ साझा करते हैं, जिससे इस सहयोग की व्यावहारिक प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। आने वाले समय में दोनों राज्यों के बीच शिक्षा क्षेत्र में संयुक्त पहलों की संभावना बताई जा रही है।