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मैनपुरी से भी जीतेंगे योगी — ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के गढ़ पर ठोकी दावेदारी

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मैनपुरी से भी जीतेंगे योगी — ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के गढ़ पर ठोकी दावेदारी

सारांश

BJP के सहयोगी और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के गढ़ मैनपुरी में योगी की जीत का दावा ठोककर सपा को सीधी चुनौती दी। साथ ही सपा पर पैसे लेकर टिकट देने का आरोप और राम मंदिर विवाद पर तीखे बोल — यूपी की राजनीति एक बार फिर गरमाई।

मुख्य बातें

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 10 अक्टूबर को आजमगढ़ में दावा किया कि सीएम योगी आदित्यनाथ सपा के गढ़ मैनपुरी से भी चुनाव जीत सकते हैं।
राजभर ने सपा पर आरोप लगाया कि उद्योगपतियों से पैसा लेकर टिकट दिए जाते हैं और धनीराम को प्रत्याशी बनाने पर सवाल उठाए।
राम मंदिर चढ़ावे मामले में राहुल गांधी , अवधेश प्रसाद और पप्पू यादव के खिलाफ मुकदमे के आदेश को राजभर ने उचित ठहराया।
उत्तर प्रदेश के 50 जिलों में 500 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती को राजभर ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बताया।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई का राजभर ने समर्थन किया।

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 10 अक्टूबर को आजमगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी ताकत को लेकर एक बड़ा दावा किया — उनके अनुसार, सीएम योगी समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के परंपरागत गढ़ मैनपुरी से भी चुनाव लड़कर जीत सकते हैं। यह बयान सपा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच जारी राजनीतिक तनातनी के बीच आया है।

मुख्य बयान और चुनौती

राजभर ने अपने रुख पर पूरी दृढ़ता के साथ कहा, 'मैं बिल्कुल सही कह रहा हूँ। योगी आदित्यनाथ मैनपुरी से भी चुनाव लड़कर जीत सकते हैं।' यह बयान सीधे तौर पर अखिलेश यादव को खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि मैनपुरी यादव परिवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता है।

जंतर-मंतर आंदोलन और सपा पर निशाना

अखिलेश यादव द्वारा जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के आंदोलन को 'नई चेतना का प्रतीक' बताए जाने पर राजभर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि अब अखिलेश यादव को 'नई चेतना' आ गई है। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा में उद्योगपतियों से पैसा लेकर टिकट बाँटे जाते हैं, और BJP के विरोध के बाद प्रत्याशी पीछे हट गए।

उन्होंने सवाल उठाया कि सपा ने तीसरा प्रत्याशी क्यों नहीं उतारा और धनीराम को दूसरे प्रत्याशी के रूप में क्यों चुना गया। राजभर ने कहा कि पार्टी में नाई, प्रजापति, पाल, विश्वकर्मा, लोहार, निषाद, बिंद, मल्लाह, राजभर, चौहान, पटेल, ब्राह्मण या राजपूत — किसी भी समुदाय के नेता को उम्मीदवार बनाया जा सकता था, लेकिन अखिलेश यादव केवल धनी प्रत्याशी की तलाश में थे।

राम मंदिर विवाद पर प्रतिक्रिया

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले में राहुल गांधी, अवधेश प्रसाद और पप्पू यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने के आदेश के सवाल पर राजभर ने कहा कि यदि गलत आरोप लगाए जाएंगे तो कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित कंपनियों में भर्ती के मामले में न सपा नेता का नाम आया, न BJP नेता का और न ही साधु-संतों का। उनके अनुसार, 'अनर्गल बयानबाजी और झूठ बोलने पर मुकदमा दर्ज हो सकता है।'

अखिलेश यादव के राम मंदिर दर्शन के लिए शुभ मुहूर्त निकलवाने वाले बयान पर भी राजभर ने कटाक्ष किया और कहा कि 'न उन्हें मुहूर्त मिलेगा और न ही वह दर्शन करने जा पाएंगे।'

सुरक्षा व्यवस्था और सोशल मीडिया पर रुख

दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर जारी अलर्ट और उत्तर प्रदेश के 50 जिलों में 500 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती पर राजभर ने कहा कि यह सरकार की सुरक्षा व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का पूरा समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे कृत्य पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ परोक्ष रूप से शुरू हो चुकी हैं और BJP तथा सपा दोनों अपनी-अपनी जातीय और सामाजिक गोलबंदी में जुटी हैं। मैनपुरी से योगी के चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर राजभर का यह दावा कथित तौर पर एक रणनीतिक बयान माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य सपा के मनोबल को चुनौती देना है। आने वाले दिनों में इस बयान पर सपा की प्रतिक्रिया राजनीतिक तापमान तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह यादव परिवार की भावनात्मक राजनीतिक पहचान से जुड़ा है। हालाँकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि राजभर खुद सपा से अलग होकर BJP के साथ आए हैं, इसलिए उनके बयान में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और गठबंधन-धर्म दोनों की परछाईं है। सपा पर टिकट बेचने के आरोप नए नहीं हैं, लेकिन जातीय समावेश की जो सूची राजभर ने गिनाई, वह दरअसल OBC और अति-पिछड़े वर्गों को BJP की ओर खींचने की सुनियोजित कोशिश दिखती है — जो 2027 के विधानसभा चुनाव का असली दाँव है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने मैनपुरी को लेकर क्या दावा किया?
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 10 अक्टूबर को आजमगढ़ में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सपा के गढ़ मैनपुरी से भी चुनाव लड़कर जीत सकते हैं। यह बयान उन्होंने अखिलेश यादव को सीधी चुनौती के रूप में दिया।
राजभर ने सपा के टिकट वितरण पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी उद्योगपतियों से पैसा लेकर टिकट देती है। उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी ने धनीराम को प्रत्याशी क्यों बनाया, जबकि नाई, प्रजापति, पाल, निषाद, राजभर सहित कई समुदायों के नेता उपलब्ध थे।
राम मंदिर चढ़ावे मामले में राजभर का क्या कहना है?
राजभर ने कहा कि यदि कोई गलत आरोप लगाता है तो कार्रवाई स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित कंपनियों में भर्ती के मामले में न सपा, न BJP और न ही साधु-संतों का नाम आया — अनर्गल बयानबाजी पर मुकदमा दर्ज हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में 50 जिलों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती क्यों हुई?
दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर जारी अलर्ट के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के 50 जिलों में 500 से अधिक महिला पुलिसकर्मी तैनात की गई हैं। राजभर ने इसे सरकार की नियमित सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बताया।
अखिलेश यादव के राम मंदिर दर्शन वाले बयान पर राजभर की क्या प्रतिक्रिया रही?
राजभर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को न तो शुभ मुहूर्त मिलेगा और न ही वे राम मंदिर दर्शन करने जा पाएंगे। यह टिप्पणी अखिलेश के उस बयान के जवाब में आई जिसमें उन्होंने अयोध्या दौरे के लिए मुहूर्त निकलवाने की बात कही थी।
राष्ट्र प्रेस
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