मैनपुरी से भी जीतेंगे योगी — ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के गढ़ पर ठोकी दावेदारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 10 अक्टूबर को आजमगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी ताकत को लेकर एक बड़ा दावा किया — उनके अनुसार, सीएम योगी समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के परंपरागत गढ़ मैनपुरी से भी चुनाव लड़कर जीत सकते हैं। यह बयान सपा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच जारी राजनीतिक तनातनी के बीच आया है।
मुख्य बयान और चुनौती
राजभर ने अपने रुख पर पूरी दृढ़ता के साथ कहा, 'मैं बिल्कुल सही कह रहा हूँ। योगी आदित्यनाथ मैनपुरी से भी चुनाव लड़कर जीत सकते हैं।' यह बयान सीधे तौर पर अखिलेश यादव को खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि मैनपुरी यादव परिवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता है।
जंतर-मंतर आंदोलन और सपा पर निशाना
अखिलेश यादव द्वारा जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के आंदोलन को 'नई चेतना का प्रतीक' बताए जाने पर राजभर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि अब अखिलेश यादव को 'नई चेतना' आ गई है। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा में उद्योगपतियों से पैसा लेकर टिकट बाँटे जाते हैं, और BJP के विरोध के बाद प्रत्याशी पीछे हट गए।
उन्होंने सवाल उठाया कि सपा ने तीसरा प्रत्याशी क्यों नहीं उतारा और धनीराम को दूसरे प्रत्याशी के रूप में क्यों चुना गया। राजभर ने कहा कि पार्टी में नाई, प्रजापति, पाल, विश्वकर्मा, लोहार, निषाद, बिंद, मल्लाह, राजभर, चौहान, पटेल, ब्राह्मण या राजपूत — किसी भी समुदाय के नेता को उम्मीदवार बनाया जा सकता था, लेकिन अखिलेश यादव केवल धनी प्रत्याशी की तलाश में थे।
राम मंदिर विवाद पर प्रतिक्रिया
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले में राहुल गांधी, अवधेश प्रसाद और पप्पू यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने के आदेश के सवाल पर राजभर ने कहा कि यदि गलत आरोप लगाए जाएंगे तो कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित कंपनियों में भर्ती के मामले में न सपा नेता का नाम आया, न BJP नेता का और न ही साधु-संतों का। उनके अनुसार, 'अनर्गल बयानबाजी और झूठ बोलने पर मुकदमा दर्ज हो सकता है।'
अखिलेश यादव के राम मंदिर दर्शन के लिए शुभ मुहूर्त निकलवाने वाले बयान पर भी राजभर ने कटाक्ष किया और कहा कि 'न उन्हें मुहूर्त मिलेगा और न ही वह दर्शन करने जा पाएंगे।'
सुरक्षा व्यवस्था और सोशल मीडिया पर रुख
दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर जारी अलर्ट और उत्तर प्रदेश के 50 जिलों में 500 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती पर राजभर ने कहा कि यह सरकार की सुरक्षा व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का पूरा समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे कृत्य पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ परोक्ष रूप से शुरू हो चुकी हैं और BJP तथा सपा दोनों अपनी-अपनी जातीय और सामाजिक गोलबंदी में जुटी हैं। मैनपुरी से योगी के चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर राजभर का यह दावा कथित तौर पर एक रणनीतिक बयान माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य सपा के मनोबल को चुनौती देना है। आने वाले दिनों में इस बयान पर सपा की प्रतिक्रिया राजनीतिक तापमान तय करेगी।