17 सितंबर 2026
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पद्मश्री सेठपाल सिंह का मोदी को जन्मदिन संदेश: कृषि तकनीक और नवाचार में बड़े बदलाव का श्रेय

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पद्मश्री सेठपाल सिंह का मोदी को जन्मदिन संदेश: कृषि तकनीक और नवाचार में बड़े बदलाव का श्रेय

सारांश

सहारनपुर के पद्मश्री किसान सेठपाल सिंह ने PM मोदी के जन्मदिन पर उन्हें कृषि क्रांति का सूत्रधार बताया — नैनो यूरिया से लेकर मृदा परीक्षण तक, और किसान सम्मान निधि से लेकर AI-आधारित खेती तक। एक किसान की ज़ुबानी, मोदी के 12 साल की कृषि नीति का लेखा-जोखा।

मुख्य बातें

पद्मश्री सेठपाल सिंह ने 17 सितंबर 2026 को PM नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर कृषि क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को प्रति वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
नैनो यूरिया , नैनो डीएपी और नैनो जिंक जैसे उत्पादों से किसानों की लागत घटी और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ी।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड अभियान ने किसानों को अपनी भूमि की पोषक स्थिति की जानकारी दी।
सेठपाल सिंह ने उम्मीद जताई कि मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र का लक्ष्य हासिल करेगा।

सहारनपुर के पद्मश्री पुरस्कार विजेता सेठपाल सिंह ने 17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि भारतीय कृषि क्षेत्र में तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने का श्रेय पीएम मोदी को जाता है। उन्होंने कहा कि बीते लगभग 12 वर्षों में शुरू की गई कृषि योजनाओं ने किसानों की जिंदगी में ठोस बदलाव लाए हैं।

किसान हित में उठाए गए प्रमुख कदम

सेठपाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को प्रति वर्ष ₹6,000 की सहायता, ड्रिप सिंचाई को प्रोत्साहन और कृषि विविधीकरण पर लगातार जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि किसानों की आय दोगुनी, तिगुनी और चौगुनी हो, और इसके लिए नीतिगत स्तर पर कई प्रयास किए गए हैं।

गौरतलब है कि तीन कृषि कानूनों की पहल भी इसी दिशा में उठाया गया एक कदम था, जिसे लेकर व्यापक बहस हुई और बाद में वापस लिया गया। बावजूद इसके, सेठपाल सिंह का मानना है कि किसानों के हित में प्रधानमंत्री के इरादे स्पष्ट रहे हैं।

मिट्टी परीक्षण और नैनो उर्वरक: तकनीक का नया चेहरा

पद्मश्री सेठपाल सिंह ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड अभियान के ज़रिए पूरे देश में किसानों को अपनी ज़मीन के पोषक तत्वों की जानकारी मिली, जिससे उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर लगाम लगी। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और नैनो जिंक जैसे उत्पादों के आने से किसानों की लागत कम हुई है और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार आया है।

उन्होंने कहा, 'जब किसान नई-नई तकनीकों को अपनाएंगे, तभी बड़े परिवर्तन संभव हैं।' उनके अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा विकसित तकनीकें और आधुनिक कृषि उपकरण मिलकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकते हैं।

पद्मश्री सम्मान: किसान समाज के लिए गर्व का क्षण

सेठपाल सिंह ने कहा कि किसी किसान को पद्मश्री मिलना कभी सिर्फ कल्पना जैसा लगता था। राष्ट्रपति भवन में किसानों को सम्मानित होते देखना पूरे किसान समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या वाले इस देश में किसानों के श्रम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना अत्यंत आवश्यक था।

युवाओं को कृषि से जोड़ने का आह्वान

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार युवाओं को स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और वैल्यू एडिशन के माध्यम से कृषि क्षेत्र से जोड़ने का संदेश देते रहे हैं, ताकि किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को अधिक लाभ मिल सके। कृषि, बागवानी, प्रसंस्करण और विविधीकरण के क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों को अपनाने से किसानों की आय में वृद्धि हुई है।

विकसित भारत 2047 का सपना

सेठपाल सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को प्राप्त करेगा। उनका कहना है कि किसान को कृषि मशीनरी, खाद्य प्रसंस्करण, गुणवत्तायुक्त बीज और आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का जो दृष्टिकोण है, वह देश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तीन कृषि कानूनों का उल्लेख याद दिलाता है कि नीतिगत इरादे और किसान स्वीकृति हमेशा एक नहीं होती। नैनो उर्वरकों की दीर्घकालिक प्रभावशीलता पर स्वतंत्र शोध अभी भी सीमित है। असली कसौटी यह है कि क्या किसानों की वास्तविक आय और उनकी ऋण-स्थिति में मापनीय सुधार आया है — जो आंकड़े अब भी मिश्रित तस्वीर पेश करते हैं।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पद्मश्री सेठपाल सिंह कौन हैं और उन्होंने PM मोदी को क्यों बधाई दी?
सेठपाल सिंह सहारनपुर के एक किसान हैं जिन्हें कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने 17 सितंबर 2026 को PM नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर बधाई देते हुए कृषि तकनीक और नवाचार में उनकी भूमिका की सराहना की।
PM मोदी की किन कृषि योजनाओं का उल्लेख सेठपाल सिंह ने किया?
सेठपाल सिंह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (₹6,000 प्रति वर्ष), मृदा स्वास्थ्य कार्ड अभियान, ड्रिप सिंचाई को प्रोत्साहन और कृषि विविधीकरण का उल्लेख किया। इसके अलावा नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और नैनो जिंक जैसे नवाचारी उर्वरकों को भी उन्होंने किसानों के लिए लाभकारी बताया।
नैनो यूरिया से किसानों को क्या फायदा हुआ है?
सेठपाल सिंह के अनुसार नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और नैनो जिंक जैसे उत्पादों के उपयोग से किसानों की उत्पादन लागत घटी है और फसल की गुणवत्ता में सुधार आया है। इनसे पर्यावरण पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव भी कम हुआ है और मिट्टी तथा उपयोगी कीटों की सुरक्षा में मदद मिली है।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड अभियान क्या है और इसका क्या असर हुआ?
मृदा स्वास्थ्य कार्ड एक केंद्र सरकार की योजना है जिसके तहत देशभर के किसानों की भूमि के पोषक तत्वों की जाँच की गई। इससे किसानों को यह पता चला कि उनकी मिट्टी में किन तत्वों की कमी है, जिससे उर्वरकों का सटीक उपयोग संभव हुआ और भूमि की उर्वरक क्षमता में सुधार आया।
क्या सेठपाल सिंह ने तीन कृषि कानूनों पर भी कुछ कहा?
सेठपाल सिंह ने तीन कृषि कानूनों की पहल का उल्लेख किसानों के हित में उठाए गए कदमों में किया। हालांकि ये कानून बाद में व्यापक किसान आंदोलन के बाद वापस ले लिए गए थे — इस संदर्भ पर उन्होंने कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
राष्ट्र प्रेस
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