पाकिस्तान की विफलताओं से ध्यान हटाने का प्रयास, ख्वाजा आसिफ के विवादास्पद बयान पर भाजपा का जवाब
सारांश
Key Takeaways
- ख्वाजा आसिफ का विवादास्पद बयान
- भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
- आर्थिक संकट से ध्यान भटकाने का प्रयास
- कूटनीतिक संयम की आवश्यकता
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा कोलकाता पर हमले की चेतावनी जारी करने के एक दिन बाद, भारत में राजनीतिक हलकों में तीव्र प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। कई नेताओं ने इन बयानों की निंदा की और संयम बरतने की अपील की।
सियालकोट में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान आसिफ ने कहा कि यदि भारत एक और “फॉल्स-फ्लैग ऑपरेशन” करने का प्रयास करता है, तो इस्लामाबाद इस मुद्दे को कोलकाता तक ले जाने में संकोच नहीं करेगा। उनके इस बयान ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है।
पाकिस्तानी मंत्री की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदंबिका पाल ने पाकिस्तान की आंतरिक आर्थिक स्थिति और शासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान मुख्य रूप से ध्यान भटकाने के लिए दिए जा रहे हैं।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस से कहा कि पाकिस्तान में लोग गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जहाँ ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और सरकार कर्ज प्रबंधन में कठिनाइयों का सामना कर रही है।
पाल ने कहा, “पाकिस्तान के लोग सड़कों पर हैं, पेट्रोल और डीजल की कीमतें अत्यधिक बढ़ गई हैं, और मित्र देश भी अपने ऋण की वापसी की मांग कर रहे हैं। पाकिस्तान के पास अपने कर्ज का भुगतान करने के लिए पर्याप्त धन नहीं है। ऐसे में भड़काऊ बयानों का आना घरेलू विफलताओं से ध्यान हटाने का प्रयास है।”
इस बीच, वरिष्ठ भाजपा नेता टी. आर. श्रीनिवास ने आसिफ के बयान की कड़ी आलोचना की और सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ सख्त चेतावनी दी।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर उकसाया गया तो भारत निर्णायक जवाब दे सकता है और ‘ऑपरेशन सिंदूर-2’ जैसे कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सांसद मजीद मेमन ने कूटनीतिक संयम की आवश्यकता पर बल दिया।
मेमन ने कहा, “चाहे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री हों या कोई और नेता, ‘हम भारत पर हमला करेंगे’ जैसे बयान देना उचित नहीं है। पाकिस्तान को अपनी सीमाओं के भीतर रहकर भारत के साथ शांतिपूर्ण और रचनात्मक संबंध बनाए रखने की दिशा में काम करना चाहिए।”
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान के संदर्भ और समय पर सवाल उठाए और इसे वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान जानबूझकर फैलाए जा रहे हैं।
पटोले ने कहा, “इस समय चुनाव चल रहा है, जिसमें कोलकाता भी शामिल है। ऐसे बयान जानबूझकर इस समय फैलाए जा रहे हैं। यह कोलकाता के बारे में ही क्यों कहा जा रहा है, अन्य स्थानों पर क्यों नहीं? दिल्ली के बारे में क्यों नहीं कहा गया? क्योंकि वहां चुनाव नहीं हैं।”