11 अगस्त 2026
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बलूच नेता नसीम बलोच का पाक रक्षा मंत्री पर पलटवार: 'अफगानिस्तान पर दोष मढ़ना इस्लामाबाद की नीतिगत विफलता छिपाने की कोशिश'

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बलूच नेता नसीम बलोच का पाक रक्षा मंत्री पर पलटवार: 'अफगानिस्तान पर दोष मढ़ना इस्लामाबाद की नीतिगत विफलता छिपाने की कोशिश'

सारांश

बलूच नेशनल मूवमेंट के अध्यक्ष नसीम बलोच ने पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के अफगानिस्तान पर लगाए आरोपों को सीधे खारिज किया — कहा, यह इस्लामाबाद की नीतिगत नाकामी छिपाने की पुरानी चाल है। साथ ही BYC नेताओं के गोपनीय मुकदमों को मानवाधिकार उल्लंघन बताया।

मुख्य बातें

BNM अध्यक्ष नसीम बलोच ने 18 जून को पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के अफगानिस्तान-दोष बयान को खारिज किया।
नसीम बलोच ने कहा — पाकिस्तान पहले भी भारत, अमेरिका, रूस और ईरान पर बलूच संघर्ष को हवा देने के आरोप लगाता रहा है।
उन्होंने बलूच आंदोलन को राष्ट्रीय मुक्ति संघर्ष बताया और कहा कि यह स्वतंत्रता मिलने तक जारी रहेगा।
बलूच यकजेहती कमिटी (BYC) के नेताओं के गोपनीय मुकदमों को मानवाधिकार उल्लंघन बताया।
पाकिस्तान सरकार की ओर से इस पलटवार पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) के अध्यक्ष नसीम बलोच ने 18 जून को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस बयान को सीधे चुनौती दी, जिसमें उन्होंने बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था। नसीम बलोच ने कहा कि इस तरह के आरोप इस्लामाबाद की अपनी नीतिगत विफलताओं को छिपाने की सुनियोजित कोशिश हैं।

ख्वाजा आसिफ के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उसे बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा की अशांति का मुख्य स्रोत बताया था। इसी बयान के जवाब में नसीम बलोच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कहा कि पाकिस्तान सरकार के ऐसे बयान बलूचिस्तान के स्वदेशी राष्ट्रीय आंदोलन का दुष्प्रचार करने की कोशिश हैं।

उन्होंने कहा, 'सभी जानते हैं कि पाकिस्तान के शासक पहले भी समय-समय पर भारत, अफगानिस्तान, अमेरिका, रूस और ईरान पर बलूच संघर्ष का समर्थन करने के आरोप लगाते रहे हैं, ताकि बलूचिस्तान पर अपने नियंत्रण को सही ठहराया जा सके।'

बलूच आंदोलन को 'राष्ट्रीय मुक्ति संघर्ष' बताया

नसीम बलोच ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन एक राष्ट्रीय मुक्ति संघर्ष है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक बलूचिस्तान को स्वतंत्रता नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना होगा कि बलूचिस्तान एक 'कब्जे वाला क्षेत्र' है और बलूच लोगों के अधिकारों को दबाना संभव नहीं है।

उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा, 'इतिहास गवाह है कि किसी भी राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलन को बलपूर्वक हमेशा के लिए नहीं दबाया जा सकता। ख्वाजा आसिफ को अपने सहयोगी अमेरिका के इतिहास से ही सबक ले लेना चाहिए, जो औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष कर खुद को खड़ा करने में कामयाब रहा।'

बीवाईसी नेताओं के मुकदमों पर भी चिंता

नसीम बलोच ने बलूच यकजेहती कमिटी (BYC) के नेताओं के 'गोपनीय और लंबे मुकदमों' पर भी गंभीर चिंता जताई। उनके अनुसार, सार्वजनिक पारदर्शिता के बिना चल रही ये सुनवाईयां मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं और बलूच कार्यकर्ताओं को चुप कराने की व्यापक कोशिश का हिस्सा हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ रही है और पाकिस्तानी सेना तथा बलूच सशस्त्र समूहों के बीच संघर्ष की घटनाएँ बढ़ी हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान पहले भी बलूच संघर्ष के लिए विदेशी हाथ का आरोप लगाता रहा है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि ये आरोप घरेलू असंतोष से ध्यान हटाने का माध्यम बनते हैं।

क्या होगा आगे

नसीम बलोच ने स्पष्ट किया कि BNM अपना संघर्ष जारी रखेगी और बलूचिस्तान 'आखिरकार अपने मुकाम पर पहुंचकर ही दम लेगा।' पाकिस्तान सरकार की ओर से इस पलटवार पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की नज़र BYC नेताओं के मुकदमों पर बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न तो बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति सुधार पाया, न ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संतुष्ट कर सका। असली सवाल यह है कि BYC नेताओं के गोपनीय मुकदमे और जबरन गुमशुदगी के आरोप — जिन्हें मानवाधिकार संगठन दर्ज करते रहे हैं — पाकिस्तान की 'आतंकवाद-विरोधी' छवि के साथ कैसे मेल खाते हैं। जब तक इस्लामाबाद बलूचिस्तान की राजनीतिक शिकायतों को सैन्य समाधान से नहीं, बल्कि संवाद से सुलझाने की कोशिश नहीं करता, तब तक ऐसे बयान आग में घी डालने का काम ही करेंगे।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नसीम बलोच ने ख्वाजा आसिफ के किस बयान पर आपत्ति जताई?
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान को बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद का मुख्य स्रोत बताया था। BNM अध्यक्ष नसीम बलोच ने इसे इस्लामाबाद की नीतिगत विफलता छिपाने की कोशिश करार दिया।
बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) क्या है?
बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) एक बलूच राजनीतिक संगठन है जो बलूचिस्तान की स्वतंत्रता की माँग करता है। इसके अध्यक्ष नसीम बलोच हैं, जो पाकिस्तान की नीतियों के मुखर आलोचक रहे हैं।
नसीम बलोच ने BYC नेताओं के मुकदमों पर क्या कहा?
नसीम बलोच ने बलूच यकजेहती कमिटी (BYC) के नेताओं के 'गोपनीय और लंबे मुकदमों' को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया। उनके अनुसार, सार्वजनिक पारदर्शिता के बिना चल रही ये सुनवाईयां बलूच कार्यकर्ताओं को चुप कराने की कोशिश हैं।
पाकिस्तान पहले भी बलूच संघर्ष के लिए किन देशों पर आरोप लगाता रहा है?
नसीम बलोच के अनुसार, पाकिस्तान के शासक समय-समय पर भारत, अफगानिस्तान, अमेरिका, रूस और ईरान पर बलूच संघर्ष को हवा देने के आरोप लगाते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि यह बलूचिस्तान पर नियंत्रण को उचित ठहराने की रणनीति है।
नसीम बलोच ने बलूचिस्तान आंदोलन के भविष्य पर क्या कहा?
नसीम बलोच ने कहा कि बलूचिस्तान का राष्ट्रीय मुक्ति संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक स्वतंत्रता नहीं मिलती। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्रीय आंदोलन को बलपूर्वक हमेशा के लिए नहीं दबाया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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