पाकिस्तान में डीजल 415.83 पीकेआर/लीटर, ट्रांसपोर्टरों का कारोबार संकट में
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान में हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत बढ़कर 415.83 पाकिस्तानी रुपये (PKR) प्रति लीटर हो जाने के बाद माल ढुलाई क्षेत्र गंभीर संकट में आ गया है। 'ऑल पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन' के अध्यक्ष मुहम्मद ओवैस चौधरी ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को कहा कि ईंधन की बेतहाशा महंगाई के चलते कई ट्रांसपोर्टरों ने अपना कामकाज बंद कर दिया है। पाकिस्तान सरकार ने मंगलवार को पेट्रोल में 4.10 PKR और डीजल में 6.41 PKR प्रति लीटर की नई बढ़ोतरी लागू की, जो बुधवार से प्रभावी हो गई।
नई ईंधन कीमतें और सरकारी कर
पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, ताज़ा संशोधन के बाद पेट्रोल 384.34 PKR प्रति लीटर और HSD 415.83 PKR प्रति लीटर पर बिकेगा। सरकार इस समय पेट्रोल पर 114 PKR प्रति लीटर और डीजल पर 100 PKR प्रति लीटर का कर व शुल्क वसूल रही है। यह कर-भार ट्रांसपोर्टरों के मुनाफे को सीधे प्रभावित कर रहा है।
ट्रांसपोर्टरों की मुश्किलें
चौधरी ने 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' को बताया, 'महंगे डीजल की वजह से गाड़ियां चलाने से होने वाली बचत अब नुकसान में बदल गई है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ईंधन, कर और अतिरिक्त लेवी का बोझ उठाने के बाद ट्रांसपोर्टरों के हाथ कोई ठोस मुनाफा नहीं बचता। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान की समग्र आर्थिक स्थिति पहले से ही दबाव में है और आम जनता महंगाई की मार झेल रही है।
चौधरी ने पाकिस्तान सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ग्राहकों और कारोबारियों को राहत देने की बजाय कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, जिसका सीधा खामियाज़ा माल ढुलाई क्षेत्र को भुगतना पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों से पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतें कम करने की माँग की है।
सरकार की नई मूल्य-निर्धारण नीति
गौरतलब है कि 17 जुलाई को पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने घोषणा की थी कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उठापटक को देखते हुए अब ईंधन की कीमतें नियमित अंतराल पर तय की जाएंगी। इससे पहले, पश्चिम एशिया में संघर्ष भड़कने के बाद पाकिस्तानी सरकार साप्ताहिक आधार पर मूल्य संशोधन कर रही थी और ईंधन बचत के उपाय भी लागू कर रही थी।
माल ढुलाई क्षेत्र पर व्यापक असर
माल ढुलाई की लागत बढ़ने का सिलसिला पाकिस्तान की समूची आपूर्ति शृंखला पर दबाव डालता है — खाद्य वस्तुओं से लेकर औद्योगिक कच्चे माल तक हर चीज़ महंगी होती है। आलोचकों का कहना है कि यह मुद्रास्फीति को और हवा देगा, जो पाकिस्तान में पहले से ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। यदि ट्रांसपोर्टर बड़े पैमाने पर कारोबार समेटते हैं, तो आपूर्ति व्यवधान और खुदरा कीमतों में और उछाल से इनकार नहीं किया जा सकता।
आगे क्या होगा
'ऑल पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन' सरकार से राहत की माँग कर रहा है। अब नज़र इस बात पर होगी कि पाकिस्तान सरकार अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के उतार-चढ़ाव और घरेलू उद्योग के बढ़ते दबाव के बीच मूल्य-निर्धारण नीति में कोई संशोधन करती है या नहीं।