पेशावर में स्मार्ट लॉकडाउन के खिलाफ व्यापारियों का उबाल, पेट्रोल महंगाई पर सरकार को चेतावनी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पेशावर में स्मार्ट लॉकडाउन के खिलाफ व्यापारियों का उबाल, पेट्रोल महंगाई पर सरकार को चेतावनी

सारांश

पेशावर के व्यापारी स्मार्ट लॉकडाउन और पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों से बेहाल हैं। रात 8 बजे दुकान बंद का आदेश और एक महीने में पाँचवीं बार किराया वृद्धि — पाकिस्तान की आर्थिक तकलीफ अब सड़कों पर दिखने लगी है।

मुख्य बातें

पेशावर में 15 मई 2026 को खैबर-पख्तूनख्वा ट्रेडर्स ऑर्गनाइजेशन के नेतृत्व में स्मार्ट लॉकडाउन के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ।
व्यापारियों ने रात 8 बजे दुकान बंद के आदेश को वापस लेने, पेट्रोलियम कीमतों में कटौती और महंगाई नियंत्रण की माँग की।
इससे पहले 9 मई को भी पेशावर के हाजी कैंप टर्मिनल पर परिवहन कारोबारियों ने ईंधन कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
ट्रांसपोर्ट नेता जुबैर अहमद कुरैशी ने कहा कि पेट्रोलियम कीमतें बढ़ रही हैं और सीएनजी भी उपलब्ध नहीं है।
हालिया ईंधन वृद्धि के बाद एक महीने में पाँचवीं बार परिवहन किराया बढ़ा; नॉन-एसी बसों में 5% तक इजाफा।

पाकिस्तान के पेशावर में 15 मई 2026 को खैबर-पख्तूनख्वा ट्रेडर्स ऑर्गनाइजेशन के नेतृत्व में सैकड़ों दुकानदारों और कारोबारियों ने सड़कों पर उतरकर सरकार द्वारा लागू स्मार्ट लॉकडाउन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने लॉकडाउन को तत्काल वापस लेने, पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कटौती और महंगाई पर काबू पाने की माँग की।

मुख्य घटनाक्रम

रैली में शामिल व्यापारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाज़ी की और कहा कि स्मार्ट लॉकडाउन के तहत दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश व्यावसायिक हितों के लिए विनाशकारी है। एक वक्ता ने कहा, 'लॉकडाउन से न सरकार को फायदा हुआ है और न ही व्यापारियों को। भीषण गर्मी में लोग शाम के बाद ही खरीदारी के लिए निकलते हैं — यह फैसला न ऊर्जा संकट का समाधान कर पाया और न ही पेट्रोलियम उत्पादों पर जनता को राहत मिली।'

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा, 'ईंधन की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि आम नागरिक अब बुनियादी ज़रूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहा। सरकार को लॉकडाउन का फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए और महंगाई रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।'

परिवहन कारोबारियों का अलग मोर्चा

यह ऐसे समय में आया है जब 9 मई को पेशावर के हाजी कैंप टर्मिनल पर दर्जनों ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर भी इकट्ठा हुए थे और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल कटौती की माँग की थी। पूरे खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में परिवहन कारोबारियों ने उस प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।

ट्रांसपोर्ट नेता जुबैर अहमद कुरैशी ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सीएनजी भी उपलब्ध नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, हालिया ईंधन मूल्य वृद्धि के बाद परिवहन किराए में एक महीने के भीतर पाँचवीं बार बढ़ोतरी की गई है — एसी वाहनों का किराया काफी बढ़ा है, जबकि नॉन-एसी बसों में भी पाँच प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि पाकिस्तान पहले से ही गंभीर आर्थिक दबाव में है और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में लगातार वृद्धि ने परिवहन लागत से लेकर खाद्य पदार्थों तक हर चीज़ को महँगा कर दिया है। व्यापारी समुदाय का कहना है कि स्मार्ट लॉकडाउन ने उनकी कमाई का वह वक्त भी छीन लिया है जब गर्मी के कारण शाम के बाद ग्राहक बाज़ार निकलते थे।

सरकार की प्रतिक्रिया

रिपोर्टों के अनुसार, अब तक सरकार की ओर से व्यापारियों की माँगों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। खैबर-पख्तूनख्वा ट्रेडर्स ऑर्गनाइजेशन के नेताओं ने सरकार की नीतियों को 'अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली' बताते हुए चेतावनी दी कि यदि माँगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

क्या होगा आगे

व्यापारिक समुदाय ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार स्मार्ट लॉकडाउन वापस नहीं लेती और ईंधन कीमतों पर ठोस राहत नहीं देती। यह विरोध पाकिस्तान में बढ़ती जन-असंतोष की व्यापक लहर का हिस्सा बनता दिख रहा है, जिसकी आने वाले हफ्तों में और तीव्र होने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ईंधन सब्सिडी कटौती और ऊर्जा संकट के बीच पिस रही है। स्मार्ट लॉकडाउन जैसी नीतियाँ ऊर्जा बचाने के नाम पर लागू की गई थीं, लेकिन जब उनका बोझ सीधे छोटे व्यापारियों पर पड़े और राहत शून्य हो, तो असंतोष अवश्यंभावी है। एक महीने में पाँचवीं बार किराया वृद्धि यह बताती है कि नीति-निर्माण और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई गहरी होती जा रही है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेशावर में स्मार्ट लॉकडाउन के खिलाफ विरोध क्यों हुआ?
खैबर-पख्तूनख्वा ट्रेडर्स ऑर्गनाइजेशन के नेतृत्व में व्यापारियों ने स्मार्ट लॉकडाउन के तहत रात 8 बजे दुकान बंद के आदेश को अपनी आजीविका के लिए हानिकारक बताया। उनका कहना था कि भीषण गर्मी में ग्राहक शाम के बाद ही बाज़ार आते हैं, इसलिए यह आदेश उनकी कमाई छीन रहा है।
पाकिस्तान में पेट्रोलियम कीमतों का आम लोगों पर क्या असर पड़ा है?
ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण एक महीने में पाँचवीं बार परिवहन किराया बढ़ाया गया है — नॉन-एसी बसों में 5% तक इजाफा हुआ है। व्यापारियों के अनुसार, इससे बुनियादी ज़रूरत की चीज़ें भी आम नागरिक की पहुँच से दूर होती जा रही हैं।
खैबर-पख्तूनख्वा में पहले भी ऐसे प्रदर्शन हुए हैं?
हाँ, 9 मई को पेशावर के हाजी कैंप टर्मिनल पर दर्जनों ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर एकत्र हुए थे और पेट्रोल-डीजल कीमतों में तत्काल कटौती की माँग की थी। पूरे खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में परिवहन कारोबारी उस प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
व्यापारियों ने सरकार को क्या चेतावनी दी है?
व्यापारिक समुदाय ने स्पष्ट कहा है कि यदि सरकार स्मार्ट लॉकडाउन वापस नहीं लेती और महंगाई पर ठोस कदम नहीं उठाती, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार की नीतियों को 'अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली' बताया।
स्मार्ट लॉकडाउन क्या है और यह क्यों लागू किया गया?
स्मार्ट लॉकडाउन पाकिस्तान सरकार की वह नीति है जिसके तहत ऊर्जा बचाने के उद्देश्य से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश दिया गया है। आलोचकों का कहना है कि यह नीति न ऊर्जा संकट का समाधान कर पाई और न ही व्यापारियों या आम जनता को कोई राहत मिली।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले