13 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पंधेर का पंजाब सरकार पर हमला: MSP गारंटी, FIR वापसी और 23 फसलों की खरीद की मांग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पंधेर का पंजाब सरकार पर हमला: MSP गारंटी, FIR वापसी और 23 फसलों की खरीद की मांग

सारांश

किसान मजदूर मोर्चा ने पंजाब सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है — 25 अगस्त से पोस्टर अभियान, 31 अगस्त को DC दफ्तरों पर धरना, 14 सितंबर से मंत्री घेराव और उसके बाद रेल रोको। पंधेर की माँगें हैं: पाँच फसलों की सरकारी खरीद, 450 से अधिक घायलों को मुआवजा और आंदोलन में दर्ज FIR की वापसी।

मुख्य बातें

सरवन सिंह पंधेर ने 13 अगस्त 2026 को पंजाब की भगवंत मान सरकार पर किसानों से किए चुनावी वादे न निभाने का आरोप लगाया।
25 अगस्त से गाँव-गाँव पोस्टर अभियान, 31 अगस्त को जिला DC कार्यालयों पर एक दिवसीय धरना।
14 सितंबर से 5 दिनों तक मंत्री घेराव; उसके बाद रेल रोकने पर विचार।
पहले चरण में मूंग, बासमती, मक्का, आलू और सरसों — पाँच फसलों की सरकारी खरीद की माँग।
450 से अधिक घायल किसानों-मजदूरों को मुआवजा और आंदोलन के दौरान दर्ज FIR वापस लेने की माँग।
पंजाब के जल अधिकार , बाढ़ मुआवजा और राजनीतिक कैदियों की रिहाई भी माँगों में शामिल।

किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के प्रमुख सरवन सिंह पंधेर ने 13 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब की भगवंत मान सरकार पर चुनावी वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की। उनकी प्रमुख मांगों में 23 फसलों की सरकारी खरीद, किसान-मजदूरों की कर्जमाफी, आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर की वापसी और सिंधू-खनौरी बॉर्डर आंदोलन में घायल हुए 450 से अधिक लोगों को मुआवजा देना शामिल है।

मुख्य मांगें और आरोप

पंधेर ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने सत्ता में आने से पहले किसानों के हित में अनेक वादे किए थे, जिन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया। उन्होंने भगवंत मान के एक पुराने साक्षात्कार का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया था कि वे अपनी फसल लेकर आएं और सरकार खरीद की व्यवस्था करेगी। पंधेर के अनुसार, पहले चरण में मूंग, बासमती, मक्का, आलू और सरसों — इन पाँच फसलों की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की माँग रखी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सिंधू और खनौरी बॉर्डर पर चले आंदोलन के दौरान किसानों के सामान को नुकसान पहुँचाया गया, कई लोग घायल हुए और कुछ की मृत्यु भी हुई। मृतक किसानों के परिवारों को नौकरी और मुआवजा दिए जाने की माँग भी इस आंदोलन का हिस्सा है।

चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति

25 अगस्त से गाँव-गाँव पोस्टर अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके ज़रिए सरकार के वादों और किसानों के मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाएगा। इसके बाद 31 अगस्त को पंजाब भर के जिला उपायुक्त (DC) कार्यालयों के सामने एक दिवसीय धरना होगा।

यदि सरकार ने इसके बाद भी बातचीत नहीं की, तो 14 सितंबर से पाँच दिनों तक मंत्रियों के घेराव का कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके बाद भी समाधान न निकले तो रेल रोकने जैसे अगले चरण पर विचार किया जाएगा।

जल विवाद और बाढ़ मुआवजे की माँग

पंधेर ने पंजाब के जल संसाधनों पर राज्य के अधिकार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच पानी के विवाद का समाधान रिपेरियन सिद्धांत के आधार पर होना चाहिए और भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में पंजाब के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके साथ ही, पिछले वर्ष पंजाब में आई बाढ़ से प्रभावित किसानों और आम लोगों को अपेक्षित मुआवजा न मिलने का मुद्दा भी आंदोलन की माँगों में शामिल किया गया है।

राजनीतिक कैदी और नांदेड़ साहिब हमला

पंधेर ने 15 अगस्त को प्रस्तावित राजनीतिक कैदियों की रिहाई के घेराव कार्यक्रम को किसान मजदूर मोर्चा का समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक कैदियों ने कानूनी सजा से अधिक समय जेल में बिताया है, उनके मामलों पर मानवीय आधार पर विचार होना चाहिए।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ साहिब में हुए कथित हमले पर पंधेर ने कहा कि उन्हें यह जानकारी मीडिया से मिली है और वे पूरे घटनाक्रम की समीक्षा के बाद ही कोई राय बनाएंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पंजाब में चुनाव नज़दीक आते ही सामाजिक और भाईचारे के माहौल को प्रभावित करने वाली घटनाएं सामने आती हैं, और किसी भी राजनीतिक नेता पर हमले की गंभीरता से जाँच होनी चाहिए।

आगे क्या होगा

किसान मजदूर मोर्चा का यह आंदोलन उस समय तेज हो रहा है जब केंद्र सरकार के खिलाफ एमएसपी की कानूनी गारंटी की माँग अभी भी अनसुलझी है। पंधेर का कहना है कि पंजाब सरकार से उनकी माँगें केंद्र से अलग हैं — वे राज्य सरकार से अपने चुनावी वादों के अनुरूप ठोस कदम उठाने की अपेक्षा रखते हैं। यदि सरकार ने समय रहते बातचीत नहीं की, तो आंदोलन का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजकोषीय दबाव और बाज़ार की वास्तविकताएं इसे जटिल बनाती हैं — और सरकार ने इस पर अब तक कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया है। FIR वापसी की माँग भी महत्वपूर्ण है: यदि एक 'किसान-हितैषी' सरकार के कार्यकाल में दर्ज मामले वापस नहीं लिए जाते, तो यह उसकी साख पर सीधा सवाल है। चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति संकेत देती है कि KMM इस बार केवल प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि ठोस राजनीतिक दबाव बनाना चाहता है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरवन सिंह पंधेर की पंजाब सरकार से मुख्य माँगें क्या हैं?
पंधेर की प्रमुख माँगों में पाँच फसलों (मूंग, बासमती, मक्का, आलू, सरसों) की सरकारी खरीद, किसान-मजदूरों की कर्जमाफी, आंदोलन के दौरान दर्ज FIR की वापसी और सिंधू-खनौरी आंदोलन में घायल 450 से अधिक लोगों को मुआवजा देना शामिल है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा और पंजाब के जल अधिकार भी माँगों में हैं।
किसान मजदूर मोर्चा का आंदोलन कब और कैसे शुरू होगा?
25 अगस्त से गाँव-गाँव पोस्टर अभियान शुरू होगा। 31 अगस्त को पंजाब के सभी जिला DC कार्यालयों के सामने एक दिवसीय धरना होगा। यदि सरकार ने बातचीत नहीं की, तो 14 सितंबर से पाँच दिनों तक मंत्री घेराव और उसके बाद रेल रोकने पर विचार किया जाएगा।
पंधेर ने भगवंत मान सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
पंधेर का आरोप है कि AAP ने सत्ता में आने से पहले 23 फसलों की सरकारी खरीद सहित कई वादे किए थे, जिन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया। उन्होंने भगवंत मान के एक पुराने साक्षात्कार का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया था, लेकिन अमल नहीं हुआ।
सिंधू-खनौरी आंदोलन में घायल किसानों के लिए क्या माँग है?
पंधेर ने माँग की है कि सिंधू-खनौरी बॉर्डर आंदोलन के दौरान घायल हुए 450 से अधिक युवाओं, किसानों और मजदूरों को मुआवजा दिया जाए। साथ ही, आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को नौकरी और मुआवजा देने की भी माँग है।
पंधेर ने नांदेड़ साहिब में सुखबीर बादल पर हमले के बारे में क्या कहा?
पंधेर ने कहा कि उन्हें यह जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है और वे पूरे घटनाक्रम की समीक्षा के बाद ही कोई अंतिम राय बनाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक नेता पर हमले की गंभीरता से जाँच होनी चाहिए और हमले के पीछे के कारणों का पता लगाया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले