पंधेर का पंजाब सरकार पर हमला: MSP गारंटी, FIR वापसी और 23 फसलों की खरीद की मांग
सारांश
मुख्य बातें
किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के प्रमुख सरवन सिंह पंधेर ने 13 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब की भगवंत मान सरकार पर चुनावी वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की। उनकी प्रमुख मांगों में 23 फसलों की सरकारी खरीद, किसान-मजदूरों की कर्जमाफी, आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर की वापसी और सिंधू-खनौरी बॉर्डर आंदोलन में घायल हुए 450 से अधिक लोगों को मुआवजा देना शामिल है।
मुख्य मांगें और आरोप
पंधेर ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने सत्ता में आने से पहले किसानों के हित में अनेक वादे किए थे, जिन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया। उन्होंने भगवंत मान के एक पुराने साक्षात्कार का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया था कि वे अपनी फसल लेकर आएं और सरकार खरीद की व्यवस्था करेगी। पंधेर के अनुसार, पहले चरण में मूंग, बासमती, मक्का, आलू और सरसों — इन पाँच फसलों की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की माँग रखी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सिंधू और खनौरी बॉर्डर पर चले आंदोलन के दौरान किसानों के सामान को नुकसान पहुँचाया गया, कई लोग घायल हुए और कुछ की मृत्यु भी हुई। मृतक किसानों के परिवारों को नौकरी और मुआवजा दिए जाने की माँग भी इस आंदोलन का हिस्सा है।
चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति
25 अगस्त से गाँव-गाँव पोस्टर अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके ज़रिए सरकार के वादों और किसानों के मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाएगा। इसके बाद 31 अगस्त को पंजाब भर के जिला उपायुक्त (DC) कार्यालयों के सामने एक दिवसीय धरना होगा।
यदि सरकार ने इसके बाद भी बातचीत नहीं की, तो 14 सितंबर से पाँच दिनों तक मंत्रियों के घेराव का कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके बाद भी समाधान न निकले तो रेल रोकने जैसे अगले चरण पर विचार किया जाएगा।
जल विवाद और बाढ़ मुआवजे की माँग
पंधेर ने पंजाब के जल संसाधनों पर राज्य के अधिकार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच पानी के विवाद का समाधान रिपेरियन सिद्धांत के आधार पर होना चाहिए और भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में पंजाब के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके साथ ही, पिछले वर्ष पंजाब में आई बाढ़ से प्रभावित किसानों और आम लोगों को अपेक्षित मुआवजा न मिलने का मुद्दा भी आंदोलन की माँगों में शामिल किया गया है।
राजनीतिक कैदी और नांदेड़ साहिब हमला
पंधेर ने 15 अगस्त को प्रस्तावित राजनीतिक कैदियों की रिहाई के घेराव कार्यक्रम को किसान मजदूर मोर्चा का समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक कैदियों ने कानूनी सजा से अधिक समय जेल में बिताया है, उनके मामलों पर मानवीय आधार पर विचार होना चाहिए।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ साहिब में हुए कथित हमले पर पंधेर ने कहा कि उन्हें यह जानकारी मीडिया से मिली है और वे पूरे घटनाक्रम की समीक्षा के बाद ही कोई राय बनाएंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पंजाब में चुनाव नज़दीक आते ही सामाजिक और भाईचारे के माहौल को प्रभावित करने वाली घटनाएं सामने आती हैं, और किसी भी राजनीतिक नेता पर हमले की गंभीरता से जाँच होनी चाहिए।
आगे क्या होगा
किसान मजदूर मोर्चा का यह आंदोलन उस समय तेज हो रहा है जब केंद्र सरकार के खिलाफ एमएसपी की कानूनी गारंटी की माँग अभी भी अनसुलझी है। पंधेर का कहना है कि पंजाब सरकार से उनकी माँगें केंद्र से अलग हैं — वे राज्य सरकार से अपने चुनावी वादों के अनुरूप ठोस कदम उठाने की अपेक्षा रखते हैं। यदि सरकार ने समय रहते बातचीत नहीं की, तो आंदोलन का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ने के संकेत हैं।