30 जुलाई 2026
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भोपाल में किसान आंदोलन तीसरे दिन भी जारी, पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात

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भोपाल में किसान आंदोलन तीसरे दिन भी जारी, पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात

सारांश

भोपाल में किसानों का आंदोलन तीसरे दिन भी थमा नहीं — MSP गारंटी और मूंग की 100% खरीद की माँग पर अड़े किसानों से पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्री समिति बनाई, लेकिन विपक्ष ने इसे नाकाफी बताया।

मुख्य बातें

भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने 29 जुलाई को विरोध कर रहे किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया।
किसान मूंग की 100% खरीद , ई-टोकन सिस्टम में सुधार और MSP की कानूनी गारंटी की माँग कर रहे हैं।
किसान संघ के सदस्य आरआरएल स्क्वायर पर मंगलवार रात से डेरा डाले हुए हैं; एएमपीआरआई जंक्शन पर चार-स्तरीय बैरिकेडिंग लगाई गई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों से बातचीत के लिए मंत्रियों की समिति गठित की।
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार और कांग्रेस ने समिति को अपर्याप्त बताते हुए तत्काल समाधान की माँग की।

भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बुधवार, 29 जुलाई को विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जब मध्य प्रदेश की राजधानी में किसानों का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। मूंग की 100 प्रतिशत खरीद, ई-टोकन सिस्टम में सुधार और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की माँग को लेकर किसान संघ के सदस्य आरआरएल स्क्वायर पर डटे हुए हैं। पुलिस ने शहर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

किसान प्रतिनिधिमंडल ने बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर संजय कुमार को अपनी माँगों का एक लिखित ज्ञापन सौंपा। कुमार ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि प्रशासन बातचीत के माध्यम से मुद्दों के समाधान और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

कुमार ने कहा, 'हमने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। लोगों को ट्रैफिक से जुड़ी कोई परेशानी न हो, इसके लिए डायवर्जन रूट बनाए गए हैं। डायवर्जन का विस्तृत प्लान अखबारों और सोशल मीडिया के जरिए साझा किया गया है। रूट के दोनों तरफ डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं और पर्याप्त स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया है।'

प्रदर्शन का स्वरूप

किसान संघ के सदस्य मंगलवार रात से आरआरएल स्क्वायर पर धरने पर बैठे हैं और दिन के दौरान उनके समर्थकों की संख्या में वृद्धि हुई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बिना शर्ट के विरोध किया और MSP की कानूनी गारंटी तथा लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान की माँग की।

पुलिस ने एएमपीआरआई जंक्शन पर वीर सावरकर सेतु के पास मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे किसानों के एक समूह को बसों से बनी चार-स्तरीय बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद नीचे उतरकर सड़क पर बैठ गए और राज्य सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते रहे।

एक प्रदर्शनकारी ने बताया, 'पुलिस कई जगहों पर किसानों को रोक रही है। ऐसा नहीं होना चाहिए। विरोध स्थल पर और समर्थक पहुंच रहे हैं।'

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार सुबह कहा कि राज्य सरकार ने किसानों से बातचीत के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित की है। उन्होंने कहा, 'हम किसानों के सुझावों का स्वागत करते हैं। समिति उनके मुद्दों पर चर्चा करेगी, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि आम जनता को परेशानी न हो।'

यह ऐसे समय में आया है जब किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि मूंग की खरीद और MSP को लेकर मध्य प्रदेश में यह हाल के वर्षों में बड़े किसान आंदोलनों में से एक है।

विपक्ष का रुख

विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केवल एक समिति बनाने से किसानों की समस्याएं हल नहीं होंगी। कांग्रेस ने मूंग की 100 प्रतिशत खरीद, खाद वितरण में सुधार और किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान की माँग की है।

आगे क्या

पुलिस कमिश्नर कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता बातचीत को बढ़ावा देते हुए शांति बनाए रखना है और सभी पक्षों से सहयोग की अपील की गई है। मंत्री समिति और किसान संघ के बीच बातचीत के नतीजे पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि आंदोलन के और लंबे खिंचने की आशंका बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो बातचीत की एक परत और जोड़ दो। लेकिन मध्य प्रदेश में MSP और मूंग खरीद का मुद्दा नया नहीं है; यह हर फसल सीजन के बाद उठता है और हर बार आश्वासनों पर टल जाता है। असली सवाल यह है कि ई-टोकन सिस्टम की खामियाँ और खरीद में देरी जैसी संरचनात्मक समस्याओं पर समिति कोई ठोस समयसीमा देगी या नहीं। बिना बाध्यकारी प्रतिबद्धताओं के, यह संवाद भी पिछले वादों की तरह अगले सीजन तक के लिए स्थगित हो सकता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोपाल में किसान किन माँगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं?
किसान मुख्य रूप से मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद, ई-टोकन सिस्टम में सुधार और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की माँग कर रहे हैं। इसके अलावा खाद वितरण और अन्य लंबित कृषि मुद्दों के शीघ्र समाधान की भी माँग है।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार की किसानों से मुलाकात में क्या हुआ?
29 जुलाई को हुई बैठक में किसान प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर संजय कुमार को अपनी माँगों का ज्ञापन सौंपा। कुमार ने आश्वस्त किया कि प्रशासन बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
मध्य प्रदेश सरकार ने किसान आंदोलन पर क्या कदम उठाया है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार सुबह किसानों से बातचीत के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित करने की घोषणा की। हालाँकि विपक्ष ने इसे अपर्याप्त बताते हुए तत्काल और ठोस समाधान की माँग की है।
भोपाल में किसान प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति कैसी है?
पुलिस ने एएमपीआरआई जंक्शन पर वीर सावरकर सेतु के पास बसों से चार-स्तरीय बैरिकेडिंग लगाकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च रोका। डायवर्जन रूट बनाए गए हैं और पर्याप्त पुलिस बल तैनात है; स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।
किसान आंदोलन में कांग्रेस का क्या रुख है?
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार और कांग्रेस ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केवल समिति बनाने से किसानों की समस्याएं हल नहीं होंगी। कांग्रेस ने मूंग की 100% खरीद, खाद वितरण में सुधार और लंबित मुद्दों के शीघ्र निपटारे की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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