किसान नेता पंढेर को दो मांगों पर मिला सकारात्मक आश्वासन, 8-10 दिन में होगी कृषि मंत्री से मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंढेर ने 22 जुलाई 2025 को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उनकी दो प्रमुख मांगों — केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से संवाद और बंदी किसानों की रिहाई — पर हरियाणा सरकार की ओर से सकारात्मक रुख अपनाया गया है। पंढेर के अनुसार, हरियाणा के एक मंत्री ने आश्वासन दिया है कि 8 से 10 दिन के भीतर उन्हें लिखित पत्र सौंपा जाएगा और केंद्रीय कृषि मंत्री से बैठक का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।
मुख्य मांगें और मिला आश्वासन
पंढेर ने स्पष्ट किया कि किसान संगठन की दो केंद्रीय माँगें थीं। पहली — केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ सीधी बातचीत, और दूसरी — आंदोलन के दौरान हिरासत में लिए गए किसानों, विशेष रूप से गुरनाम सिंह और डीएम सिंह की रिहाई। उन्होंने बताया कि इन दोनों मुद्दों पर अधिकारियों की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं, जिससे किसान संगठन की उम्मीदें बढ़ी हैं।
किसानों की रिहाई का मुद्दा
पंढेर के मुताबिक, अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि किसानों की रिहाई के मुद्दे को मुख्यमंत्री स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब गुरनाम सिंह और डीएम सिंह को रिहा किया जाएगा, तब आंदोलन की आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी और उसे अमल में लाने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
पृष्ठभूमि: 'दिल्ली चलो' आंदोलन
फरवरी 2024 में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने जैसी मांगों को लेकर 'दिल्ली चलो' आंदोलन शुरू किया था। हरियाणा सरकार ने किसानों को राजधानी जाने से रोकने के लिए शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर दी थी। किसान लंबे समय तक इन्हीं सीमाओं पर डटे रहे। मार्च 2025 में पंजाब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन धरनास्थलों को खाली कराया और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
आगे की राह
पंढेर ने कहा कि आगामी बातचीत में यह तय किया जाएगा कि किसान संगठन को किस दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने भरोसा जताया कि 8 से 10 दिन की तय मियाद के भीतर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात होगी, जिसमें किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से रखा जाएगा। इस बैठक के नतीजों के आधार पर आंदोलन की अगली रणनीति तय होगी।