चंडीगढ़ में एसकेएम का 7 दिवसीय धरना: एमएसपी गारंटी समेत कई मांगों पर किसानों का जाम
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले पंजाब के सैकड़ों किसानों ने 1 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ के प्रमुख प्रवेश मार्गों में से एक को बाधित कर 7 सितंबर तक चलने वाले सप्ताहव्यापी धरने की शुरुआत की। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँग डॉ. स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिशों के अनुरूप सभी फसलों के लिए गारंटीकृत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करना है।
मुख्य घटनाक्रम
किसानों ने शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाली व्यस्त सड़क के एक किनारे अपने ट्रैक्टर-ट्रेलर खड़े कर दिए और टेंट लगाकर धरना स्थल तैयार किया। चंडीगढ़ प्रशासन ने एसकेएम को सेक्टर 48 में एक निर्धारित विरोध स्थल आवंटित किया है, जहाँ प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने के लिए एक विशाल मंच भी स्थापित किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, शाम ढलने के साथ-साथ भीड़ और बढ़ने की आशंका थी, क्योंकि सैकड़ों अतिरिक्त किसानों को राशन सहित धरना स्थल पर पहुँचाया जा रहा था।
यातायात व्यवस्था और सुरक्षा बंदोबस्त
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात किए। प्रदर्शनकारियों को दो-लेन राजमार्ग के केवल एक तरफ वाहन खड़े करने की अनुमति दी गई, जिससे दूसरी लेन यातायात के लिए खुली रहे। मोहाली के उपायुक्त कोमल मित्तल ने कहा कि वे सड़क पर दोनों दिशाओं में यातायात का एक मार्ग खुला रखने का प्रयास करेंगे। हालाँकि हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को आंदोलन की अवधि में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
एसकेएम की माँगें
एसकेएम में 32 किसान संगठन शामिल हैं, जिनमें भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) राजवाल, कीर्ति किसान यूनियन और पंजाब किसान यूनियन प्रमुख हैं। एमएसपी गारंटी के अलावा एसकेएम निम्नलिखित माँगें भी रख रहा है: विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर पंजाब की नदी के जल से जुड़े सभी पूर्व समझौतों को रद्द करना, भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में राज्य के प्रतिनिधित्व की बहाली, बाँध सुरक्षा अधिनियम को निरस्त करना और 2024 के आपदा प्रबंधन अधिनियम को वापस लेना।
बीकेयू उग्राहन की समानांतर कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि एसकेएम की सहयोगी इकाई बीकेयू (उग्राहन) इस चंडीगढ़ धरने में शामिल नहीं है। उसने 30 अगस्त को पंजाब के 17 जिलों में उपायुक्त कार्यालयों के बाहर अलग अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। बीकेयू (उग्राहन) की माँगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करना, पंजाब की भूमि पूलिंग नीति समाप्त करना, किरायेदार किसानों के स्वामित्व अधिकार और किसानों व मजदूरों के लिए कृषि ऋणों की पूर्ण माफी शामिल हैं।
आगे की स्थिति
यह धरना ऐसे समय में आया है जब किसान आंदोलन एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में आ रहा है। गौरतलब है कि एमएसपी गारंटी की माँग 2020-21 के किसान आंदोलन के बाद से अनसुलझी चली आ रही है। 7 सितंबर तक चलने वाले इस धरने के दौरान एसकेएम के नेता प्रतिदिन बड़े आयोजन करने की योजना बना रहे हैं।