संयुक्त किसान मोर्चा ने पंजाब के राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, MSP गारंटी और FIR वापसी की उठाई मांग
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM-पंजाब) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को चंडीगढ़ के लोक भवन में पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से भेंट की और किसान समुदाय की प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी से लेकर किसान नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों की वापसी तक — इस ज्ञापन में कृषि क्षेत्र की दीर्घकालिक चिंताएँ समाहित हैं।
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के समक्ष कई अहम मुद्दे रखे। इनमें MSP की कानूनी गारंटी, किसानों और कृषि मजदूरों के लिए ऋण माफी, जल संसाधनों का संरक्षण, फसल बीमा की प्रभावी व्यवस्था, भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामले और तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के विरोध में हुए आंदोलनों से संबंधित मुकदमों की वापसी शामिल है। गौरतलब है कि ये तीनों कृषि कानून करीब चार साल पहले केंद्र सरकार द्वारा वापस लिए जा चुके हैं, लेकिन आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर अभी भी अनेक किसान नेताओं पर लंबित हैं।
राज्यपाल का आश्वासन
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे किसानों की सभी मांगों को पंजाब सरकार और भारत सरकार दोनों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उठाएँगे। उन्होंने स्वीकार किया कि पंजाब की कृषि, जल संसाधन और किसानों की आजीविका से जुड़े मामले अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। कटारिया ने SKM से एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का आग्रह भी किया, जिसमें मांगों के साथ-साथ व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान भी सुझाए जाएँ।
FIR वापसी पर अहम अपडेट
बैठक का एक उल्लेखनीय पहलू यह रहा कि राज्यपाल कटारिया ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि किसान नेताओं के खिलाफ दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) वापस लेने का प्रस्ताव भारत के राष्ट्रपति को अनुमोदन के लिए भेजा जा चुका है और आवश्यक प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। यह जानकारी किसान संगठनों के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
किसान संगठन की प्रतिक्रिया
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का उनकी चिंताओं को धैर्यपूर्वक सुनने के लिए आभार व्यक्त किया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब देशभर में किसान संगठन MSP की कानूनी गारंटी की माँग को लेकर लगातार सक्रिय हैं और केंद्र सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं।
आगे की राह
राज्यपाल के आश्वासन के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पंजाब सरकार और केंद्र सरकार इन मांगों पर कितनी तेज़ी से कार्रवाई करती हैं। SKM ने संकेत दिया है कि वे राज्यपाल के अनुरोध पर एक विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करेंगे, जिसमें समाधान-केंद्रित सुझाव भी शामिल होंगे।